CM सुवेंदु अधिकारी का बड़ा फैसला
Published on: May 28, 2026
By: BTNI
Location: Kolkata, India
पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देश पर कोलकाता की प्रसिद्ध रेड रोड (इंदिरा गांधी सरणी) ईद-उल-अज़्हा (बकरीद) की सामूहिक नमाज से मुक्त रही। शहर की सबसे बड़ी ईद की नमाज को रेड रोड से हटाकर ब्रिगेड परेड ग्राउंड पर शिफ्ट कर दिया गया, जिससे दशकों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान हो गया।यह बदलाव पश्चिम बंगाल सरकार की नई नीति का हिस्सा है, जिसमें सार्वजनिक सड़कों पर किसी भी धार्मिक आयोजन को प्रतिबंधित किया गया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि कोई भी धर्म कानून से ऊपर नहीं है और सार्वजनिक सुविधा तथा यातायात को प्राथमिकता दी जाएगी।
शताब्दी पुरानी परंपरा का अंत
रेड रोड पर ईद की नमाज की परंपरा लगभग 1919 से चली आ रही थी, जब शहीद मीनार मैदान में पानी भर जाने के कारण प्रार्थना को रेड रोड पर शिफ्ट किया गया था। पिछले कई दशकों से, खासकर 1970 के दशक से, यह कोलकाता और पूर्वी भारत की सबसे बड़ी ईद की सभा बन गई थी। हजारों लोग सड़क पर नमाज अदा करते थे, जिसके कारण बड़े पैमाने पर ट्रैफिक डायवर्शन और जाम की स्थिति पैदा होती थी।कलकत्ता खिलाफत कमेटी ने पुलिस और प्रशासन के साथ चर्चा के बाद इस वर्ष ब्रिगेड परेड ग्राउंड को नए वेन्यू के रूप में स्वीकार कर लिया। आर्मी की अनुमति के साथ यह आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ।

सुवेंदु सरकार का सख्त रुख
नई सरकार के गठन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने साफ निर्देश दिए थे कि सड़कों को धार्मिक कार्यक्रमों के लिए नहीं रोका जाएगा। इस नीति के तहत पूरे राज्य में धार्मिक आयोजनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव से न केवल ट्रैफिक सुगम रहा बल्कि आम नागरिकों को भी राहत मिली। ब्रिगेड परेड ग्राउंड पर हजारों श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक नमाज अदा की।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
भाजपा समर्थक इस कदम को “प्रशासनिक सुधार और समान कानून” की दिशा में सकारात्मक बताते हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं ने कहा कि सरकार ने नमाज पढ़ने से नहीं रोका, बल्कि वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई, जिसका स्वागत है।
शहर पर प्रभाव
रेड रोड को पूरी तरह खुला रखने से कोलकाता के मध्य भाग में यातायात सामान्य रहा। कई नागरिकों ने इस बदलाव का स्वागत किया और इसे “व्यावहारिक और आधुनिक” प्रशासनिक फैसला बताया।यह घटना पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शासनकाल की शुरुआत में ही एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गई है, जहां सार्वजनिक व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और कानून के शासन को प्राथमिकता दी जा रही है।
ALSO READ-
- From Severe Acute Malnutrition to Normal Nutrition: Yaakshi Makes a Remarkable Recovery
- Three Members of Same Family Killed in Road Accident, Gahirabhedi Mourns
- Collector Reviews Departmental Work at Weekly Time-Limit Meeting in Rajnandgaon
- Green Farm House Theft Case Solved, Two Accused Arrested in Rajnandgaon
- Mayor Madhusudan Yadav Meets Family of Man Who Died in Gaurinagar Underbridge Accident



