Kolkata में पहली बार ईद-उल-अज़्हा की पारंपरिक नमाज रेड रोड पर आयोजित नहीं हुई। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के निर्देश पर नमाज को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शिफ्ट किया गया, जिससे दशकों पुरानी ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिली। सरकार के इस फैसले को सार्वजनिक व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और समान प्रशासनिक नीति की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद नबन्ना सचिवालय में कर्मचारियों और समर्थकों के उत्सव ने सत्ता परिवर्तन के साथ राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। 15 वर्षों बाद उभरी इस खुली खुशी को कई लोग “नई शुरुआत” और “राजनीतिक आजादी” की भावना से जोड़कर देख रहे हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों को लोकतंत्र की मजबूती और जनमत की निर्णायक शक्ति के रूप में देखते हुए सह-संपादक सौम्या तिवारी के विश्लेषण में भाजपा की ऐतिहासिक जीत को राजनीतिक बदलाव के साथ सामाजिक और महिला नेतृत्व के उभार से जोड़ा गया है। संदेशखाली से लेकर पानिहाटी और औरसग्राम तक आम महिलाओं की जीत को लोकतांत्रिक परिवर्तन का प्रतीक बताया गया है।
बाराबानी विधानसभा सीट पर भाजपा की जीत के बाद कार्यकर्ता सुजॉय गोराई का भावुक बयान राजनीतिक संघर्ष, कार्यकर्ताओं के समर्पण और कथित राजनीतिक हिंसा के बीच लोकतांत्रिक विश्वास की कहानी बनकर सामने आया है। यह जीत केवल एक सीट नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं के धैर्य और प्रतिबद्धता का प्रतीक मानी जा रही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत को राजनीतिक बदलाव से आगे बढ़कर राष्ट्रवाद, लोकतांत्रिक पुनर्संतुलन और कथित अलगाववादी तथा तुष्टीकरण की राजनीति के खिलाफ जनता के निर्णायक जनादेश के रूप में देखा जा रहा है। विश्लेषण में चुनाव परिणामों को भयमुक्त मतदान, मजबूत नेतृत्व और वैचारिक पुनर्स्थापना से जोड़कर समझाया गया है।
पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर और फाल्टा क्षेत्र में मतदान के दौरान भाजपा के चुनाव चिन्ह पर टेप चिपकाने का मामला सामने आया है। CCTV बंद कर कथित साजिश रचने के आरोपों के बीच चुनाव आयोग के पुलिस ऑब्जर्वर आईपीएस अजय पाल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। मामले में रिपोल और सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में मतदाताओं को धमकाने से जुड़े वायरल वीडियो के बाद कथित आरोपी राजू मंडल की गिरफ्तारी ने चुनावी माहौल गरमा दिया है। भाजपा ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग की सख्ती के बीच राज्य की निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया पर नजरें टिकी हैं।
Droupadi Murmu के Darjeeling दौरे के दौरान प्रोटोकॉल को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जब उन्होंने कार्यक्रम में राज्य सरकार की व्यवस्थाओं पर नाराज़गी जताई। इस घटनाक्रम के बाद Mamata Banerjee पर प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोपों को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।
भारत का चुनाव आयोग और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के बीच पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर विवाद तेज हो गया है। आयोग ने बूथ अधिकारियों पर दबाव या हस्तक्षेप को अस्वीकार्य बताते हुए सख्ती दिखाई है, जबकि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने आयोग पर पक्षपात और गलत जानकारी फैलाने के आरोप लगाए हैं।
असम पुलिस ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शर्मिष्ठा की गिरफ्तारी मामले में आड़े हाथों लिया है। यह विवाद तब बढ़ा जब कोलकाता पुलिस ने हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में शर्मिष्ठा को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया, जबकि असम सरकार ने इसी मामले में शिकायतकर्ता वजाहत के खिलाफ FIR दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने की मांग की है। इस प्रकरण ने ममता सरकार की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।