उत्तराखंड में खराब मौसम, भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका के चलते केदारनाथ यात्रा को अस्थाई रूप से रोक दिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सोनप्रयाग, गौरीकुंड और अन्य पड़ावों पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया है। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच अधिकारियों ने कहा है कि परिस्थितियां सामान्य होते ही यात्रा और दर्शन की प्रक्रिया पुनः शुरू कर दी जाएगी। इस बीच श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और आधिकारिक मौसम अपडेट का पालन करने की अपील की गई है।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। 23 मई को एक ही दिन में 96 हजार से अधिक यात्रियों ने दर्शन किए, जबकि कुल तीर्थयात्रियों की संख्या 20.76 लाख के पार पहुंच गई है। केदारनाथ धाम में रिकॉर्ड भीड़ उमड़ रही है और हेमकुंट साहिब यात्रा के पहले दिन ही 6,605 श्रद्धालु पहुंचे। बेहतर व्यवस्थाओं और अनुकूल मौसम के चलते इस वर्ष नए रिकॉर्ड बनने की संभावना जताई जा रही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सत्ता परिवर्तन के बाद असनसोल स्थित श्री श्री दुर्गामाता चैरिटेबल ट्रस्ट मंदिर करीब 15 वर्षों बाद पूरे साल के लिए भक्तों हेतु खोल दिया गया। भाजपा की जीत के बाद हुए इस घटनाक्रम को समर्थक सांस्कृतिक पुनर्स्थापना और जनादेश की अभिव्यक्ति के रूप में देख रहे हैं, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है।
Special devotional train flagged off under leadership of Tourism Board Chairman Neelu Sharma; elaborate arrangements ensured for pilgrims
Published on: April...
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर में भक्तों की आस्था ने नया इतिहास रच दिया है। मासिक भंडार गणना में 41.67 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड चढ़ावा प्राप्त हुआ, जो मंदिर के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा मासिक दान माना जा रहा है और डिजिटल भक्ति की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाता है।
देवभूमि उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को विधि-विधान से खुलने जा रहे हैं। पंचमुखी उत्सव डोली के दिव्य दर्शन के साथ चारधाम यात्रा 2026 का आध्यात्मिक उत्साह चरम पर है और लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए तैयार हैं।