Preparations for International Yoga Day 2026 are in full swing across Rajnandgaon district, with Bharat Swabhiman Nyas, Patanjali Yoga Samiti, and allied organizations conducting extensive awareness campaigns in urban and rural areas. A district-level meeting was held to finalize plans for large-scale yoga events aimed at promoting healthy and disciplined lifestyles through yoga.
झारखंड के पलामू जिले की एक युवती को सोशल मीडिया रील बनाना भारी पड़ गया। उर्मिला कुमारी ने मालगाड़ी के इंजन में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पोस्ट किया, जिसके बाद वीडियो वायरल हो गया। मामले को गंभीर सुरक्षा उल्लंघन मानते हुए आरपीएफ ने रेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बांग्लादेश के सुंदरबन क्षेत्र की गहराई में स्थित लगभग 500 वर्ष पुराने शेखर टेक काली मंदिर ने इतिहासकारों और शोधकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। माना जाता है कि 16वीं शताब्दी में राजा प्रतापादित्य द्वारा निर्मित यह मंदिर बंगाल के मध्यकालीन इतिहास, धार्मिक परंपराओं और सुंदरबनों में मानव सभ्यता के प्राचीन अस्तित्व का महत्वपूर्ण प्रमाण है। घने मैंग्रोव जंगलों के बीच स्थित यह धरोहर आज संरक्षण और शोध की नई संभावनाओं का केंद्र बन गई है।
भारत में 40-50 रुपये किलो मिलने वाली साधारण भिंडी अमेरिका में प्रीमियम स्नैक के रूप में 7,250 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। एक वायरल वीडियो में अमेरिकी सुपरमार्केट में 85 ग्राम फ्राइड भिंडी का पैकेट 6.5 डॉलर में बिकता दिखा, जिसने सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़ दी। विशेषज्ञों का कहना है कि आयात लागत, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और सीमित उपलब्धता के कारण भारतीय सब्जियां विदेशों में कई गुना महंगी हो जाती हैं।
दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर रविवार शाम आए तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश के दौरान ग्राउंड सपोर्ट उपकरण अपनी जगह से खिसककर तीन एयर इंडिया विमानों से टकरा गए, जिससे उन्हें नुकसान पहुंचा। सभी प्रभावित विमानों को जांच और मरम्मत के लिए सेवा से हटा दिया गया है। DGCA ने घटना की जांच शुरू कर दी है, जबकि वायरल वीडियो में ग्राउंड स्टाफ को उपकरणों को रोकने के लिए दौड़ते हुए देखा जा सकता है।
महाराष्ट्र के प्रमुख डेयरी ब्रांड गोकुल के कुछ उत्पादों पर हलाल प्रमाणन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जहां कंपनी का दावा है कि यह प्रमाणन केवल निर्यात बाजारों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लिया गया है, वहीं कई उपभोक्ता और संगठन सवाल उठा रहे हैं कि घरेलू बाजार में इसकी आवश्यकता क्या है। सोशल मीडिया पर चल रही बहस ने उपभोक्ता अधिकार, उत्पाद लेबलिंग, धार्मिक प्रमाणन और व्यापारिक रणनीतियों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।