भारतीय शतरंज सितारा का कमाल
Published on: May 28, 2026
By: BTNI
Location: Oslo, Norway
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रग्नानंदा (Praggnanandhaa Rameshbabu) ने एक बार फिर विश्व नंबर 1 मग्नस कार्लसन को शिकस्त दी है। नॉर्वे चेस 2026 के तीसरे राउंड में प्रग्गू ने सफेद मोहरों से खेलते हुए 62 चालों में रोमांचक मुकाबले को अपने नाम किया। यह प्रग्नानंदा की कार्लसन के खिलाफ दूसरी क्लासिकल जीत है – पहली जीत भी 2024 के नॉर्वे चेस के राउंड 3 में ही हुई थी।
गेम बेहद जंगली और ट्विस्ट भरी रही। दोनों खिलाड़ी समय की कमी और जटिल पोजीशन्स में फंस गए। अंतिम चरण में प्रग्नानंदा ने शानदार टैक्टिकल मूव्स से अपना कंट्रोल बनाए रखा और कार्लसन को सरेंडर करने पर मजबूर किया। यह जीत प्रग्गू के लिए खास इसलिए भी है क्योंकि राउंड 2 में उन्हें अलIREजा फिरोजा से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी की। इस जीत के साथ प्रग्नानंदा अब 4.5 पॉइंट्स के साथ टूर्नामेंट में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

मैच का रोमांच
प्रग्नानंदा ने सिसिलियन नजदॉर्फ ओपनिंग के साथ शुरुआत की। शुरुआती चरण में दोनों पक्षों के पास मौके बने, लेकिन मिडिलगेम में कार्लसन ने कुछ आक्रामक कोशिशें कीं। हालांकि, प्रग्गू की सक्रिय रुक्स और नाइट मैन्यूवर्स ने धीरे-धीरे दबाव बनाया। एंडगेम में कार्लसन का किंग एक्सपोज हो गया और उनका g-पॉन एडवांस होने के बावजूद भारतीय खिलाड़ी ने सटीक कन्वर्जन से जीत हासिल की।कार्लसन के लिए यह निराशाजनक रहा। हाल के दिनों में यह उनकी तीसरी क्लासिकल हार है। नॉर्वे चेस में घरेलू मैदान पर भी उन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है। टूर्नामेंट में अलIREजा फिरोजा का जलवा बरकरार है – वे 7.5 पॉइंट्स के साथ लीड कर रहे हैं।
प्रग्नानंदा का करियर मुकाम
20 वर्षीय प्रग्नानंदा चेन्नई के रहने वाले हैं और भारतीय शतरंज के उभरते सितारों में शामिल हैं। 2024 में नॉर्वे चेस में कार्लसन को हराने के बाद उन्होंने खुद को विश्व स्तर पर स्थापित किया। इस जीत के साथ उनका क्लासिकल हेड-टू-हेड स्कोर अब कार्लसन के खिलाफ 2-1 (ड्रॉज सहित) हो गया है।प्रग्नानंदा ने मैच के बाद कहा, “यह एक क्रेजी फाइटिंग गेम था। अंत में यह कॉइन टॉस जैसा लग रहा था, लेकिन मुझे खुशी है कि मैं जीत गया।”
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने C6 मूव के बाद महसूस किया कि पोजीशन उनके पक्ष में मुड़ रही है।भारतीय शतरंज की मजबूत उपस्थितिइस टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है। गुकेश डोमारaju भी अच्छा खेल रहे हैं, जबकि दिव्या देशमुख ने आर्मगेडन में लगातार जीत हासिल की है। प्रग्नानंदा की यह जीत न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि पूरे भारतीय शतरंज समुदाय के लिए प्रेरणा है।

नॉर्वे चेस फॉर्मेट
नॉर्वे चेस अपने यूनिक फॉर्मेट के लिए जाना जाता है। क्लासिकल गेम के बाद अगर ड्रॉ होता है तो आर्मगेडन टाईब्रेक खेला जाता है, जिसमें विनर को 1.5 पॉइंट और हारने वाले को 1 पॉइंट मिलता है। प्रग्नानंदा-कार्लसन मुकाबले में क्लासिकल डिसाइजन होने से कोई आर्मगेडन नहीं खेला गया।
प्रभाव और प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर भारतीय फैंस जश्न मना रहे हैं। चेसबेस इंडिया, चेस.कॉम और टाइम्स ऑफ इंडिया जैसे प्लेटफॉर्म्स ने इस खबर को प्रमुखता दी। कई एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि प्रग्नानंदा अब विश्व चैंपियनशिप की दौड़ में और मजबूत दावेदार बन गए हैं।मग्नस कार्लसन, जो पिछले कई सालों से शतरंज के बादशाह रहे हैं, अब युवा खिलाड़ियों के उभार का सामना कर रहे हैं। फिर भी उनका अनुभव और स्किल उन्हें हमेशा खतरनाक बनाता है।
आगे का कार्यक्रम
टूर्नामेंट अभी जारी है। प्रग्नानंदा अगले राउंड्स में और मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद रख रहे हैं। यदि वे इस फॉर्म को बरकरार रखते हैं तो टॉप-3 में फिनिश करना उनके लिए संभव है।यह जीत भारतीय शतरंज के सुनहरे युग की एक और मिसाल है। विश्व चैंपियन गुकेश, प्रग्नानंदा, अरजुन एरिगैसी और अन्य युवा खिलाड़ी मिलकर दुनिया को चुनौती दे रहे हैं।
निष्कर्ष
प्रग्नानंदा की यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि भारतीय प्रतिभा और मेहनत का प्रतीक है। “दोबारा किया फिर!” – जैसी प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। नॉर्वे चेस 2026 अब और भी रोमांचक हो गया है। पूरा शतरंज जगत इस युवा भारतीय का इंतजार कर रहा है कि वे और क्या करिश्मा दिखाते हैं।
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