500 से ज्यादा पेटियां जब्त, ब्रांडेड पैकिंग में सस्ता तेल भरकर बाजार में बेचा जा रहा था
Published on: April 23, 2026
By: BTNI
Location: Ayodhya,India
रिफाइंड ऑयल की मार्केट में देश का सबसे बड़ा ब्रांड फॉर्च्यून अब नकलची गिरोहों के निशाने पर आ गया है। अयोध्या के वजीरगंज इलाके में पुलिस ने एक गोदाम पर छापा मारकर 500 से अधिक कार्टन नकली फॉर्च्यून रिफाइंड ऑयल बरामद किया है।
पैकिंग इतनी बेहतरीन थी कि आम उपभोक्ता असली और नकली में फर्क तक नहीं बता पा रहे थे। कंपनी (Adani Wilmar) की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई में पता चला कि नकलची लोग असली ब्रांड की नकल पैकिंग में सस्ता या निम्न गुणवत्ता वाला तेल भरकर बाजार में खपा रहे थे।
सवाल यह उठता है — इतनी बड़ी मात्रा में नकली तेल का गोदाम चल रहा था, फिर भी स्थानीय प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग को भनक तक नहीं लगी? क्या यह रैकेट लंबे समय से चल रहा था? और सबसे बड़ा सवाल — यह केवल अयोध्या या उत्तर प्रदेश तक सीमित है, या देश के कई अन्य राज्यों (जैसे छत्तीसगढ़, दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, मध्य प्रदेश आदि) में भी ऐसे नेटवर्क सक्रिय हैं?
देशभर में मिलावट और नकल का गोरखधंधा तेजी से फैल रहा है। पहले दूध, पनीर, मिठाई और घी में मिलावट आम बात थी, लेकिन अब ब्रांडेड एडिबल ऑयल भी इसकी चपेट में आ गए हैं। FSSAI और राज्य विभाग समय-समय पर ड्राइव चलाते हैं, लेकिन ऐसे बड़े रैकेट पकड़ में आने के बावजूद समस्या जड़ से नहीं खत्म हो रही।
लोगों की सेहत से खिलवाड़
नकली तेल में अक्सर सस्ते पाम ऑयल, रिसाइकल्ड ऑयल या मिलावटी पदार्थ मिलाए जाते हैं, जो लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर लीवर, किडनी, हृदय संबंधी बीमारियों और कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। मिलावटखोर अब सिर्फ सस्ती चीजें नहीं, बल्कि महंगे ब्रांडेड प्रोडक्ट्स की भी नकल कर रहे हैं — इससे साबित होता है कि यह एक संगठित और बड़े स्तर का रैकेट है।
उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी
ब्रांडेड तेल बहुत ज्यादा सस्ता मिले तो शक करें। पैकिंग पर FSSAI लाइसेंस नंबर, बैच नंबर, MRP और एक्सपायरी डेट साफ-साफ चेक करें। प्रिंटिंग खराब लगे या लेबल हल्का पड़े तो खरीदने से बचें।
घर पर सरल टेस्ट: तेल गर्म करने पर अगर ज्यादा झाग आए या अजीब गंध आए तो सतर्क रहें।
FSSAI और राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई अक्सर फॉर्मेलिटी जैसी लगती है। राजनीतिक दबाव, संसाधनों की कमी, या कुछ स्तरों पर मिलीभगत के कारण पूर्ण अंकुश नहीं लग पाता। लेकिन अब यह सिर्फ विभागों का मुद्दा नहीं रहा — यह आम जनता के स्वास्थ्य से सीधा खिलवाड़ है। दो नंबर की कमाई के चक्कर में कुछ लोग पूरे समाज की सेहत को खतरे में डाल रहे हैं।
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अंत में, जब तक सिस्टम में सख्ती नहीं आएगी — जैसे भारी जुर्माना, तुरंत जेल, लाइसेंस रद्द करना, नियमित रैंडम टेस्टिंग, इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल — तब तक यह गोरखधंधा चलता रहेगा। उपभोक्ताओं को खुद सावधान रहना होगा, लेकिन सरकार और समाज को मिलकर इस पर गंभीरता से सोचना और कारगर कदम उठाने होंगे। जागरूक रहें, सेहत बचाएं।
आपकी एक सावधानी कई परिवारों की जान बचा सकती है। अगर आपके आस-पास भी संदिग्ध दुकान या गोदाम दिखे तो FSSAI हेल्पलाइन (1800-11-2100) या ऐप पर तुरंत शिकायत करे।



