विवादित भाषण पर FIR: पूरा संदर्भ और 5 मुख्य पॉइंट्स
Published on: May 16, 2026
By: BTNI
Location: Kolkata, India
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने भड़काऊ भाषण दिए, जिसमें BJP के खिलाफ हिंसा की अपील, अमित शाह को धमकी और “दिल्ली के बाप” वाली चुनौती शामिल थी।
शिकायतकर्ता राजीब सरकार ने कहा कि अप्रैल के अंत और मई की शुरुआत में दी गई रैलियों में अभिषेक ने न सिर्फ विपक्ष को डराया बल्कि पोस्ट-पोल हिंसा का माहौल भी बनाया। FIR में कहा गया है कि ये बयान सार्वजनिक शांति भंग कर सकते थे और चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई।टीएमसी की 15 साल की सरकार खत्म होने और BJP के 207 सीटों के भारी बहुमत के बाद यह FIR सामने आई है। BJP ने इसे “जवाबदेही” बताया है, जबकि TMC की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। पुलिस जांच कर रही है।
राजीब सरकार (सामाजिक कार्यकर्ता) ने आरोप लगाया कि 27 अप्रैल से 3 मई 2026 के बीच चुनावी रैलियों (महेशतला, आरामबाग, हरिंघाटा, नंदीग्राम आदि) में दिए गए भाषण भड़काऊ, धमकी भरे और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले थे। FIR में BNS की धाराएं 192, 196, 351(2), 353(1)(c) और RP Act की 123(2), 125 शामिल हैं।
भाषण के मुख्य विवादित कंटेंट (उपलब्ध रिपोर्ट्स के आधार पर संक्षिप्त हिंदी अनुवाद/सार):
अभिषेक बनर्जी ने BJP कार्यकर्ताओं/समर्थकों को निशाना बनाते हुए आक्रामक भाषा इस्तेमाल की। उन्होंने अमित शाह और “दिल्ली” से आने वाले लोगों को चुनौती दी।
BJP के खिलाफ हिंसा भड़काने वाला: “पहली फेज में… उत्तरी क्षेत्रों से जंगलमहल तक BJP का सिर, गर्दन, हाथ-पैर तोड़ दो। दूसरी फेज में… पूर्वी बर्धमान, साउथ 24 परगना, हावड़ा, हुगली, कोलकाता में उनकी गर्दन और रीढ़ तोड़कर ‘बोलो हरि, हरि बोल’ चिल्लाते हुए उन्हें अंतिम यात्रा पर विदा कर दो।” (रैना रैली का आरोपित हिस्सा)।
अमित शाह/दिल्ली वाले को चुनौती: “4 मई के बाद देखूंगा कि दिल्ली से कौन सा बाप/गॉडफादर आकर तुम्हें बचाता है।” या “4 तारीख के बाद देख लूंगा किस-किस का बाप दिल्ली से आता है।” (मई 4 रिजल्ट के बाद पोस्ट-पोल संदर्भ में)।
DJ म्यूजिक वाला मुद्दा (चुन-चुन के बदला): उन्होंने DJ बजाने (BJP समर्थकों द्वारा उनके घर के बाहर या इलाके में) पर नाराजगी जताई और कहा कि 4 मई के बाद “चुन-चुन के” हिसाब लेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर BJP जीती तो गांवों में DJ के साथ रबींद्र संगीत बजेगा, लेकिन वे “ममता दीदी जितने उदार नहीं” हैं। (यह “DJ पॉलिटिक्स” के रूप में चर्चित हुआ)।
अन्य: विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने, सार्वजनिक शांति भंग करने और चुनावी माहौल खराब करने वाले बयान।
जांच के प्रमुख 5 मुख्य पॉइंट्स (FIR का आधार):
- भड़काऊ भाषण — BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ शारीरिक हिंसा की अपील (सिर-गर्दन तोड़ने जैसे शब्द)।
- धमकी — अमित शाह और “दिल्ली वाले” को प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष चुनौती।
- बदला लेने की भाषा — “चुन-चुन के” हिसाब और DJ घटना पर प्रतिशोध।
- सार्वजनिक असर — सोशल मीडिया पर वायरल होने से सांप्रदायिक/राजनीतिक तनाव बढ़ने का खतरा।
- चुनाव कानून उल्लंघन — RP Act की धाराएं, जो उम्मीदवार/पार्टी को ऐसे बयानों के लिए जिम्मेदार ठहराती हैं।
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