अरुण देव गौतम बने राज्य के 12वें स्थायी पुलिस महानिदेशक
Published on: May 16, 2026
By: BTNI
Location: Raipur, India
छत्तीसगढ़ सरकार ने आज अरुण देव गौतम (1992 बैच के आईपीएस अधिकारी) को राज्य का पूर्णकालिक (स्थायी) पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त कर दिया है। गृह विभाग/प्रमुख सचिव द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस फैसले के साथ लंबे समय से चल रही अनिश्चितता पर विराम लग गया है।
नियुक्ति की पृष्ठभूमि
अरुण देव गौतम को फरवरी 2025 में पूर्व डीजीपी अशोक जुनेजा के रिटायरमेंट के बाद प्रभारी डीजीपी बनाया गया था।
प्रभारी पद पर कार्यभार संभालने के बाद भी पूर्णकालिक नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार/यूपीएससी की मंजूरी और प्रक्रिया पूरी होनी बाकी थी।
यूपीएससी ने मई 2025 में दो नामों का पैनल भेजा था — अरुण देव गौतम (1992 बैच) और हिमांशु गुप्ता (1994 बैच)। गौतम का नाम सबसे आगे था।
सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह मामले के दिशा-निर्देशों और समय-सीमा के कारण प्रक्रिया में देरी हुई, लेकिन अब राज्य सरकार ने अंतिम फैसला ले लिया है।
अन्य दावेदारों (जिनके नाम चर्चा में थे) के बीच यह फैसला अंतिम माना जा रहा है।
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कौन हैं अरुण देव गौतम?
अरुण देव गौतम उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के अभयपुर गांव के मूल निवासी हैं। वे एक किसान परिवार से आते हैं।
शैक्षणिक योग्यता और करियर
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कला स्नातक और राजनीति शास्त्र में एमए। जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल।
1992 बैच के आईपीएस अधिकारी (मध्य प्रदेश कैडर, बाद में छत्तीसगढ़ कैडर)।
छत्तीसगढ़ में कई जिलों (कोरिया, राजगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, सरगुजा, बिलासपुर) में एसपी के रूप में सेवा।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एंटी-नक्सल अभियानों के मजबूत चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। बस्तर रेंज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गृह सचिव, सीआईडी, पुलिस मुख्यालय जैसी अहम जिम्मेदारियां संभालीं।
पुरस्कार: संयुक्त राष्ट्र मेडल (कोसोवो मिशन), भारतीय पुलिस पदक (2010), राष्ट्रपति पुलिस पदक (2018)।
वे नक्सलियों के लिए काल साबित हुए हैं और जहां-जहां तैनात रहे, अपराधियों/नक्सलियों पर सख्ती के लिए प्रसिद्ध रहे।
महत्व
यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था, नक्सल समस्या और आंतरिक सुरक्षा को मजबूती देगी। साय सरकार के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। अरुण देव गौतम 2027 में रिटायर होने वाले हैं, इसलिए पूर्णकालिक जिम्मेदारी उन्हें लंबे समय तक नेतृत्व देने का मौका देगी।
सरकारी आदेश जारी होने के बाद पुलिस महकमे में खुशी का माहौल है। उनके पैतृक गांव में भी पहले प्रभारी नियुक्ति पर जश्न मनाया गया था।



