ममता सरकार पर भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा को लेकर सीधा प्रहार
Published on: April 15, 2026
By: BTNI
Location: Kolkata/Malda, India
पश्चिम बंगाल की सियासत में चुनावी माहौल के बीच भाजपा ने अपने तेवर पूरी तरह आक्रामक कर दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा और तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक कहा कि अब बंगाल की जनता पट्टी, व्हीलचेयर और सहानुभूति के “नाटक” से बहलने वाली नहीं है और इस बार बदलाव तय है।
अमित शाह ने अपने भाषण में ममता सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है और आम लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से नहीं पहुंच रहा। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब इस व्यवस्था से त्रस्त हो चुकी है और परिवर्तन चाहती है।
महिला सुरक्षा के मुद्दे को उठाते हुए शाह ने ममता सरकार को सबसे ज्यादा घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ लगातार गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार संवेदनशीलता दिखाने में नाकाम रही है।
शाह ने ममता बनर्जी के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि जब ऐसे मामलों पर सवाल उठते हैं, तो जवाब में यह कहा जाता है कि “महिलाओं को रात में बाहर निकलने की क्या जरूरत है।” उन्होंने इस सोच को गैर-जिम्मेदार और संवेदनहीन बताते हुए कहा कि सरकार का काम महिलाओं को घर में रोकना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित माहौल देना है और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करना है।
अमित शाह ने चुनाव के दौरान कथित गुंडागर्दी और डर के माहौल का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर मतदाताओं को धमकाया जाता है, जिससे वे वोट डालने नहीं निकल पाते। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई होगी और “गुंडाराज” खत्म किया जाएगा। साथ ही उन्होंने जनता से निर्भय होकर मतदान करने की अपील की।

भाजपा के प्रचार अभियान में भी इस बार बड़े चेहरे पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अपने धारदार और बंगाली भाषा के भाषणों से जनता को सीधे जोड़ रही हैं, जिससे राजनीतिक मुकाबला और तेज हो गया है। वहीं मिथुन चक्रवर्ती अपनी लोकप्रियता और सांस्कृतिक जुड़ाव के चलते भारी भीड़ खींच रहे हैं। उनके साथ अनुपम खेर और रूपा गांगुली भी लगातार सभाओं में सक्रिय रहकर तृणमूल कांग्रेस पर आक्रामक हमले कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियों में उमड़ रही भीड़ को भाजपा “परिवर्तन की आंधी” बता रही है। ऐसे में पश्चिम बंगाल का चुनाव अब पूरी तरह आक्रामक और मुद्दा-प्रधान हो चुका है, जहां भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था सबसे बड़े राजनीतिक मुद्दे बनकर उभरे हैं। अब देखना यह होगा कि बंगाल की जनता इन दावों और आरोपों के बीच किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाती है।
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