भाजपा नेता के खेत में अफीम के पौधे मिलने से हड़कंप, पुलिस- नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) जांच में जुटी
Published on: March 07, 2026
By: BTNI
Location: Durg, India
दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी किनारे कथित तौर पर अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। आरोप है कि क्षेत्र के एक प्रभावशाली भाजपा नेता के खेत में गोपनीय तरीके से अफीम की खेती की जा रही थी। मामला उजागर होने के बाद पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की टीम जांच में जुट गई है।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले का खुलासा होली के दौरान हुआ। गांव के कुछ बच्चे नदी पार कर जंगल और खेतों के आसपास क्रिकेट खेलने पहुंचे थे। खेलते-खेलते वे एक खेत के अंदर पहुंच गए, जहां उन्हें अजीब तरह के पौधे दिखाई दिए। बच्चों ने इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी, जिसके बाद यह बात धीरे-धीरे पूरे गांव में फैल गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव के सरपंच ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इसके साथ ही नारकोटिक्स विभाग को भी सूचना दी गई, जिसके बाद विभागीय टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस खेत में यह पौधे पाए गए हैं वहां आम लोगों का प्रवेश लगभग बंद रखा जाता था और पूरे इलाके को काफी गोपनीय तरीके से संचालित किया जाता था। इसी वजह से लंबे समय तक इस गतिविधि की जानकारी किसी को नहीं लग पाई।
स्मगलिंग का बड़ा नेटवर्क बन सकता था
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तरह की खेती सफल हो जाती और इसका उत्पादन तैयार होकर बाजार तक पहुंच जाता तो यह सीधे अवैध तस्करी नेटवर्क का हिस्सा बन जाता। चूंकि अफीम का वैध व्यापार पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में होता है, इसलिए अवैध रूप से उगाई गई अफीम आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय तस्करी के जरिए बेची जाती है।

अवैध बाजार में अफीम को “काला सोना” कहा जाता है, क्योंकि इसकी कीमत बेहद ऊंची होती है। एक सीजन की खेती से ही तस्करी गिरोह करोड़ों रुपये तक कमा लेते हैं।
कानून में कड़ी सजा
अफीम की अवैध खेती और तस्करी Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985 NDPC के तहत गंभीर अपराध है। इस कानून के तहत दोष सिद्ध होने पर लंबी जेल, भारी जुर्माना और जमानत मिलना भी बेहद कठिन हो जाता है।

राजनीति भी गरमाई ——–
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। खबर है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने समर्थकों के साथ इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र का दौरा किया है जिससे आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति और गरमाने की संभावना है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं और स्थानीय लोगों की नजर अब आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

राजनीतिक विवाद के बीच प्रदेश भाजपा ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव द्वारा जारी पत्र में संबंधित नेता को पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले गंभीर आरोपों को देखते हुए तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि भाजपा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करती और कानून अपना काम करेगा।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र का दौरा कर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति और अधिक गरमा गई है।
Also read- https://www.btnewsindia.com/international-wheelchair-day-observed-at-crc-rajnandgaon-with-sports-cultural-events-and-aid-distribution/ https://www.btnewsindia.com/agricultural-training-programme-held-in-chhuriya-under-atma-scheme/



