‘जल्दी शादी मत करो, बच्चे पैदा करने के बजाय कुत्ते पाल लो
सोशल मीडिया पर बवाल!
Published on: May , 2026
By: BTNI
Location: Mumbai, India
बॉलीवुड अभिनेत्री शेफाली शाह, जिन्होंने ‘दिल्ली क्राइम’, ‘सतीश कौशिक की कहानियां’ और कई वेब सीरीज में अपनी जबरदस्त एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीता है, एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार कोई फिल्म या सीरीज नहीं, बल्कि उनका एक खुलकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। लिली सिंह के साथ हाल ही में हुई एक कैंडिड बातचीत में शेफाली ने युवाओं खासकर युवतियों को सलाह देते हुए कहा, “जल्दी शादी मत करो और बच्चे पैदा करने के बजाय कुत्ते पाल लो।
” यह बयान वायरल होकर बड़े पैमाने पर बहस का विषय बन गया है।बयान की सच्चाई की पुष्टि कई विश्वसनीय स्रोतों ने की है। टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स और अन्य मीडिया आउटलेट्स ने इस इंटरव्यू को कवर किया है। शेफाली ने लिली सिंह के साथ बातचीत में शादी, रिश्तों और पैरेंटहुड पर अपनी खुली राय रखी। जब लिली ने बताया कि वे 37 साल की हैं और अभी शादी नहीं की है, तो शेफाली ने सलाह दी कि जल्दबाजी में बड़ा फैसला न लें।
उन्होंने कहा, “डोंट डू इट व्हेन यू आर ए चाइल्ड, फॉर गॉड्स सेक। यू डोंट ईवन नो इफ यू लाइक योर एल्बो ऑर योर अ**। सो कैल्म डाउन।” इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में जोड़ा, “कैन आई से समथिंग? आई एम गोइंग टू गेट सो बैडली ट्रोल्ड। डोंट हैव चिल्ड्रेन, हैव डॉग्स। जस्ट गेट डॉग्स।” उन्होंने आगे कहा कि कुत्ते जीवन में अनकंडीशनल लव (बिना शर्त प्यार) का सबसे शुद्ध रूप देते हैं।
बयान का पूरा संदर्भ
यह बयान किसी गंभीर घोषणा की बजाय हल्के-फुल्के माहौल में दिया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। शेफाली ने जोर देकर कहा कि शादी एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। अगर आप संस्था में विश्वास नहीं रखते या भावनात्मक रूप से तैयार नहीं हैं, तो इसे जबरदस्ती न अपनाएं। उन्होंने अपनी पहली शादी का जिक्र भी किया, जो सफल नहीं रही थी।

शेफाली ने पहले हरश छाया से शादी की थी, जिसका अंत 2000 के आसपास हुआ। बाद में उन्होंने फिल्ममेकर विपुल शाह से शादी की और उनके दो बेटे हैं। अपने अनुभवों के आधार पर वे युवाओं को सलाह दे रही हैं कि खुद को अच्छी तरह समझ लें, लोगों से मिलें-जुलें और फिर जीवनसाथी चुनें। पैरेंटहुड के बारे में उन्होंने कहा कि बच्चे पैदा करना भी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। अगर आप तैयार नहीं हैं तो कुत्ते पालना बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि वे बिना किसी शर्त के प्यार करते हैं और कम दबाव देते हैं।
सोशल मीडिया पर बवाल
बयान वायरल होते ही इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक पर हजारों पोस्ट, रील्स और मीम्स बन गए। कुछ लोग शेफाली की ईमानदारी की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “अंत में कोई सच्चाई तो बोल रही है। आजकल शादी और बच्चे पैदा करने का प्रेशर बहुत ज्यादा है।” कई युवा दंपत्ति ने कमेंट किया कि कुत्ते पालने से मिलने वाली खुशी वाकई अनमोल है।
दूसरी तरफ आलोचना भी हुई। कुछ लोगों ने इसे “जिम्मेदारी से भागना” बताया। एक फेसबुक यूजर ने लिखा, “बच्चे पैदा न करने की सलाह देना समाज के लिए खतरनाक है।” कुछ ने इसे फेमिनिज्म का extremes रूप बताया। NBT (नवभारत टाइम्स) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर यह बयान ग्राफिक्स के साथ शेयर हो रहा है, जिससे विवाद और बढ़ गया।
शेफाली शाह का व्यक्तिगत सफर
शेफाली शाह ने टीवी से शुरुआत की और बाद में फिल्मों व वेब सीरीज में छा गईं। ‘सरफरोश’, ‘मॉनसून वेडिंग’, ‘दिल्ली क्राइम’ जैसी फिल्मों और सीरीज में उनकी एक्टिंग सराहनीय रही। उन्होंने दो बार शादी का अनुभव किया है। पहली शादी के बारे में उन्होंने खुलकर बताया कि वह भावनात्मक रूप से बहुत कठिन दौर था। दूसरी शादी में वे खुश हैं और दो बेटों की मां हैं। हाल ही के इंटरव्यू में उन्होंने बेटों को पालने के अनुभव भी शेयर किए। वे कहती हैं कि पैरेंटिंग आसान नहीं है, लेकिन सही तरीके से की जाए तो बहुत संतोष देती है। फिर भी, उन्होंने युवाओं को चेतावनी दी कि बिना सोचे-समझे बच्चे पैदा न करें।
विशेषज्ञों की राय
मनोवैज्ञानिकों और रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेफाली का बयान आंशिक रूप से सही है। जल्दबाजी में शादी या बच्चे पैदा करने से कई समस्याएं हो सकती हैं – डिवोर्स रेट बढ़ रहा है, पोस्टपार्टम डिप्रेशन, फाइनेंशियल प्रेशर आदि। लेकिन पूरी तरह बच्चे न पैदा करने की सलाह विवादास्पद है। भारतीय समाज में परिवार और संतान को बहुत महत्व दिया जाता है। कई समाजशास्त्री कहते हैं कि पेट्स अच्छे हैं, लेकिन वे बच्चों की जगह नहीं ले सकते। कुत्ते या अन्य पालतू जानवर भावनात्मक सपोर्ट देते हैं, लेकिन मानव जीवन की निरंतरता और समाज की संरचना में बच्चों की भूमिका अलग है।
ALSO READ-
- Rajnandgaon Police Maintain Tight Vigil During Ganesh Immersion Tableau
- PM AASHA Scheme Helps Rajnandgaon Farmer Komal Kumar Sahu Earn ₹52,000 More from Chickpea Sale
- ‘Mera Swasthya, Mera Garv’ Programme Organised in Rajnandgaon Under 100-Week Drug-Free Youth Campaign
- Continuous Rainfall Raises Pest and Disease Risk in Crops; Agriculture Department Issues Advisory to Farmers
- Expectations Bring Sorrow, Hope Brings Happiness: Shreyanshprabh Sagar Ji
पेट्स vs पैरेंटहुड की बहस
भारत में पेट कल्चर तेजी से बढ़ रहा है। मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु जैसे शहरों में लोग कुत्तों, बिल्लियों को परिवार का सदस्य मानते हैं। पेट फूड, पेट हॉस्पिटल्स और पेट एक्सेसरीज का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। कई सेलिब्रिटी जैसे सलमान खान, अनुष्का शर्मा, आलिया भट्ट आदि पेट्स के शौकीन हैं। शेफाली का बयान इस ट्रेंड को और मजबूत कर सकता है। लेकिन चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट्स चेताते हैं कि बच्चे पैदा करना एक प्राकृतिक और सामाजिक जरूरत है। पेट्स पालना व्यक्तिगत पसंद हो सकती है, लेकिन इसे सामान्य सलाह के रूप में पेश करना गलत हो सकता है।
शेफाली पर पिछले विवाद
शेफाली पहले भी अपनी खुली सोच के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मेंटल हेल्थ, टॉक्सिक रिलेशनशिप और वुमेन एम्पावरमेंट पर खुलकर बात की है। उनकी ईमानदारी उन्हें अलग बनाती है, लेकिन कभी-कभी विवाद भी खड़ा करती है।
निष्कर्ष
शेफाली शाह का यह बयान युवा पीढ़ी को सोचने पर मजबूर कर रहा है। शादी और पैरेंटहुड बड़े फैसले हैं, जिन्हें बिना तैयारी के नहीं लेना चाहिए। कुत्ते पालना खुशी दे सकता है, लेकिन बच्चों की खुशी और जिम्मेदारी अलग स्तर की है। यह बहस जारी रहेगी। शेफाली ने बाद में स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है और हर किसी की जिंदगी अलग है। वे खुद मां हैं और अपने बच्चों को बहुत प्यार करती हैं।
उनका मकसद युवाओं को सावधानी बरतने की सलाह देना था, न कि शादी या संतान को नकारना।फिर भी, यह घटना दिखाती है कि आज के दौर में सेलिब्रिटीज के एक शब्द का कितना असर होता है। सोशल मीडिया ने बहस को और तेज कर दिया है। क्या आपको लगता है शेफाली सही कह रही हैं? या यह जिम्मेदारी से भागना है? अपनी राय कमेंट्स में जरूर शेयर करें।



