Published on: June 03, 2026
By: BTNI
Location: Mumbai, India
बॉलीवुड में पिछले दिनों छिड़ी विवादास्पद बहस का एक बड़ा मोड़ आया है। फिल्म वर्कर्स की प्रमुख संगठन फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयीज (FWICE) ने अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ जारी नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव को तुरंत प्रभाव से वापस ले लिया है। यह फैसला कानूनी नोटिस, उद्योग के दबाव और शांतिपूर्ण बातचीत के बाद लिया गया है।
FWICE के प्रमुख बीएन तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “रणवीर सिंह के साथ हमारा कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं था। हमारा उद्देश्य उद्योग के नियमों की रक्षा करना था। अब बातचीत से मामला सुलझने की दिशा में है, इसलिए हमने डायरेक्टिव वापस ले लिया है। हम सभी सदस्यों से अपील करते हैं कि वे अब रणवीर के साथ सामान्य रूप से काम कर सकते हैं।” संगठन ने इस फैसले में उद्योग की एकता की सराहना की।
विवाद की शुरुआत
कहानी की शुरुआत दिसंबर 2025 से हुई जब रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 से अचानक बाहर होने का फैसला लिया। फिल्म की प्री-प्रोडक्शन पर भारी खर्च (लगभग 45 करोड़ रुपये) हो चुका था। फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट ने इस पर नाराजगी जताते हुए IFTDA और FWICE से शिकायत की। FWICE ने रणवीर को तीन बार नोटिस भेजकर व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा, लेकिन अभिनेता की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।

25 मई 2026 को FWICE ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया। संगठन के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने कहा था, “कोई भी सुपरस्टार उद्योग के नियमों से ऊपर नहीं है। जब प्रोजेक्ट रुकता है तो टेक्नीशियंस, स्पॉट बॉयज, लाइटमैन समेत हजारों लोग प्रभावित होते हैं।” FWICE के करीब 5 लाख सदस्यों को निर्देश दिया गया कि वे रणवीर के किसी भी प्रोजेक्ट में काम न करें।
यह फैसला बॉलीवुड में तूफान ला गया। कई लोगों ने इसे ‘बैन’ करार दिया, जबकि कुछ ने मजदूरों के हितों की रक्षा बताया। रणवीर सिंह की टीम ने FWICE के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया और कानूनी नोटिस भेजा।
उद्योग का रिएक्शन और समाधान
IMPPA और CINTAA जैसे अन्य संगठनों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे विवादों को कोर्ट या मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जाना चाहिए, न कि पूरे उद्योग को प्रभावित करके। रणवीर सिंह की लोकप्रियता को देखते हुए कई निर्देशक और प्रोड्यूसर भी चुपचाप समर्थन में आए।आज के फैसले के बाद उद्योग में राहत की लहर है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है। फरहान अख्तर की टीम अभी भी नुकसान की भरपाई की मांग पर अड़ी हुई है, लेकिन रणवीर की तरफ से क्रिएटिव डिफरेंस का हवाला दिया जा रहा है। कोर्ट में केस चलने की संभावना बनी हुई है, लेकिन FWICE का डायरेक्टिव हटने से रणवीर के आगामी प्रोजेक्ट्स पर तुरंत असर खत्म हो गया है।रणवीर सिंह ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि अभिनेता इस फैसले का स्वागत करते हैं और उद्योग की सद्भावना बनाए रखना चाहते हैं।
ALSO READ-
- BJP Hits Back at Congress Over Ghumka Civic Poll Result, Says Komal Singh Rajput
- Rajnandgaon’s Daughter Sonalika Ruchandani Appointed Assistant Railway Manager
- Agriculture Department Cracks Down on Fertilizer Black Marketing
- Collector Reviews Progress of Revenue Cases, Directs Officials to Expedite Disposal
- Assembly Speaker Dr. Raman Singh to Visit Rajnandgaon on June 7
उद्योग के लिए सबक
यह पूरा मामला बॉलीवुड के लिए कई सबक लेकर आया है। पहला, बड़े स्टार्स को भी अनुबंधों की गंभीरता समझनी होगी। दूसरा, FWICE जैसी बॉडीज का रोल मजदूरों की सुरक्षा के लिए जरूरी है, लेकिन इसका इस्तेमाल संतुलित तरीके से होना चाहिए। तीसरा, विवादों को जल्द और शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने की जरूरत है ताकि छोटे-मोटे वर्कर्स का रोजगार प्रभावित न हो।FWICE के इस कदम से साफ है कि संगठन उद्योग की एकता और नियमों को प्राथमिकता देता है। अब देखना यह है कि डॉन 3 का भविष्य क्या होता है और रणवीर सिंह अपने अगले प्रोजेक्ट्स में कितनी तेजी से वापसी करते हैं।



