लोग लगाने लगे विशाल कमल के पत्तों के ‘प्राकृतिक फेस मास्क’
सनटैन से बचने का अनोखा तरीका वायरल!
Published on: May 20, 2026
By: BTNI
Location: New Delhi/Bijing, India
चीन की प्रचंड गर्मी ने एक बार फिर लोगों की रचनात्मकता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। गर्मी से बचाव और सनटैन (धूप से कालापन) रोकने के लिए युवा अब सड़कों पर विशाल कमल के पत्तों (Giant Lotus Leaves) को फेस मास्क की तरह पहनने लगे हैं। यह ट्रेंड 2025 की गर्मियों में शुरू हुआ और तेजी से वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटोज देखकर दुनिया हैरान है – कुछ इसे मजेदार बता रहे हैं तो कुछ इसे पर्यावरण-अनुकूल और स्मार्ट हैक मान रहे हैं।
दक्षिणी चीन के प्रांतों जैसे सिचुआन (Sichuan), जेजियांग (Zhejiang) और फूजियान (Fujian) में यह ट्रेंड सबसे ज्यादा लोकप्रिय हुआ। दो बाइक सवारों से शुरू हुई यह मुहिम अब पूरे देश में फैल गई है। लोग सड़क किनारे या तालाबों से बड़े-बड़े कमल के पत्ते तोड़कर उन्हें चेहरे पर फिट करते हैं। आंखों और नाक के लिए छेद करके हेलमेट, टोपी या पट्टियों से बांध लिया जाता है। पत्ते चेहरे से दोगुने बड़े होने के कारण यह देखने में अनोखा और हास्यजनक लगता है। कई लोगों ने इसे ‘दैत्य मच्छर’ या ‘पिनोकियो’ से जोड़कर मजाक उड़ाया है।
ट्रेंड की शुरुआत और लोकप्रियता

2025 की गर्मियों में जब तापमान चरम पर पहुंचा, तो सिचुआन के दो बाइक सवारों ने तालाब से कमल के पत्ते तोड़े और उन्हें चेहरे पर लगाकर सफर किया। वीडियो वायरल होते ही युवाओं ने इसे अपना लिया। अब साइकिल चालक, स्कूटर सवार और पैदल चलने वाले भी इस ‘नेचुरल AC’ का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक युवक, जिनका उपनाम यिन (Yin) है और जो फूजियान प्रांत से हैं, ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) को बताया कि वे पहले ब्यूटी मास्क लगाने वाले थे, लेकिन घर के पास कमल का पत्ता देखकर उन्होंने इसे आजमाया। उनका कहना था, “मेरा पूरा शरीर टैन हो गया, लेकिन चेहरा बिल्कुल साफ रहा। यह बिल्कुल फ्री और नैचुरल है।”
कमल के पत्ते न सिर्फ धूप से बचाते हैं बल्कि हवा का प्रवाह भी बनाए रखते हैं, जिससे गर्मी में ठंडक महसूस होती है। चीन में सन प्रोटेक्शन को लेकर पहले से ही जागरूकता बहुत ज्यादा है। यहां लोग चेहरे को पूरी तरह ढककर निकलते हैं – फेसकिनी (facekini) से लेकर छाता वाली टोपियां और कूलिंग जैकेट्स तक। कमल का पत्ता इस सूची में नया और सबसे सस्ता जोड़ है।
सोशल मीडिया पर हंगामा
इंस्टाग्राम, टिकटॉक और वीचैट पर हजारों वीडियो और फोटोज वायरल हैं। एक वीडियो में दो महिलाएं स्कूटर पर कमल के पत्तों वाला मास्क लगाए दिख रही हैं, जो देखने में बिल्कुल हरे रंग के विशाल चेहरे जैसे लगते हैं। यूजर्स कमेंट्स में लिख रहे हैं – “नेचुरल AC सस्ता है”, “मच्छर रानी सड़क पर”, “चाइना कभी निराश नहीं करता”। कुछ लोग इसे पर्यावरण के अनुकूल बताते हैं क्योंकि यह प्लास्टिक या केमिकल फ्री है।
हालांकि, सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं जताई जा रही हैं। विशेष रूप से बाइक या स्कूटर चलाते समय दृष्टि बाधित हो सकती है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि पत्ते धूप रोकते हैं, लेकिन SPF (सन प्रोटेक्शन फैक्टर) की तरह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं हैं। फिर भी, मुफ्त और उपलब्ध होने के कारण युवा इसे पसंद कर रहे हैं।
चीन में सन प्रोटेक्शन की संस्कृति
चीन में गोरी त्वचा को सुंदरता का प्रतीक माना जाता है। महिलाएं और युवा धूप से बचने के लिए हर संभव उपाय करते हैं। पिछले वर्षों में फेसकिनी (बीच पर पूरा चेहरा ढकने वाला मास्क), लंबे दस्ताने, छाते और यहां तक कि पूरा शरीर ढकने वाले कपड़े ट्रेंड कर चुके हैं। कमल के पत्तों का ट्रेंड इसी संस्कृति का विस्तार है। यह न सिर्फ व्यावहारिक है बल्कि पारंपरिक चीनी वनस्पति से भी जुड़ा है। कमल चीन की संस्कृति में पवित्र माना जाता है और इसके पत्ते बड़े, मजबूत और पानी-प्रतिरोधी होते हैं।

पर्यावरण और स्वास्थ्य के नजरिए से
यह ट्रेंड पर्यावरण प्रेमियों को भी पसंद आ रहा है। केमिकल युक्त सनस्क्रीन की जगह प्राकृतिक विकल्प का इस्तेमाल सस्टेनेबल लगता है। कमल के पत्ते जैविक होते हैं और इस्तेमाल के बाद आसानी से डिस्पोज हो जाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पत्ते UV किरणों को कुछ हद तक रोक सकते हैं, लेकिन आंखों की सुरक्षा के लिए सनग्लासेस के साथ इस्तेमाल बेहतर होगा।कुछ लोग इसे सिर्फ वायरल होने के लिए किया गया स्टंट भी बता रहे हैं, लेकिन ग्राउंड रियलिटी अलग है। गर्मी के मौसम में रोजमर्रा की जिंदगी में यह दिखाई दे रहा है।
भारत और दुनिया में चर्चा
भारत समेत दुनिया भर में यह ट्रेंड चर्चा का विषय बना हुआ है। भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स इसे देखकर हंस रहे हैं और अपनी गर्मियों के हैक्स शेयर कर रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि भारत में भी आम या नीम के पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। NDTV और Indian Express जैसी मीडिया ने भी इस पर खबरें प्रकाशित की हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ती गर्मी के कारण ऐसे अनोखे समाधान भविष्य में और बढ़ सकते हैं। चीन की यह रचनात्मकता दर्शाती है कि जरूरत इजाद करवाती है।
समान ट्रेंड्स
फेसकिनी: समुद्र तटों पर चेहरे को पूरी तरह ढकने वाला फैब्रिक मास्क।
अम्ब्रेला हैट: सिर पर छाता लगी टोपी।
कूलिंग जैकेट: पंखे वाले कोट जो गर्मी में ठंडक देते हैं।
कमल पत्ता ट्रेंड इन सभी का मजेदार मिश्रण है।
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निष्कर्ष
चीन की गर्मी ने साबित कर दिया कि समस्याएं नई-नई समाधान भी लाती हैं। विशाल कमल के पत्तों वाला यह ‘मास्क’ न सिर्फ धूप से बचाता है बल्कि हंसी भी बिखेरता है। चाहे इसे फैशन कहें या हैक, यह युवाओं की अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है। अगली गर्मी में शायद और नये ट्रेंड्स देखने को मिलें। फिलहाल, चीन के सड़कों पर हरे ‘मच्छरों’ का काफिला चल रहा है, जो प्रकृति से दोस्ती का अनोखा उदाहरण है।
सावधानी: ऐसे DIY तरीकों को अपनाते समय सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। ड्राइविंग या सड़क पार करते समय दृष्टि साफ होनी चाहिए।



