- 24 से 8 घंटे के अंदर कंफर्म टिकट कैंसिल किया तो सिर्फ आधा रिफंड
- 8 घंटे से कम पर जीरो रिफंड!
- 72 घंटे से 24 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर 25% कटौती
- ट्रेन डिपार्चर जितना करीब उतना भारी नुकसान; यात्री अब प्लानिंग पहले करें
- तौटों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए नए नियम
Published on: March 24, 2026
By: BTNI
Location: New Delhi, India
भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों को और सख्त कर दिया है। अब अगर कोई यात्री कंफर्म टिकट ट्रेन के प्रस्थान से 24 घंटे से 8 घंटे के अंदर कैंसिल करता है तो उसे सिर्फ 50 प्रतिशत रिफंड ही मिलेगा, यानी आधा किराया कट जाएगा। अगर कैंसिलेशन 8 घंटे से भी कम समय में किया गया तो कोई रिफंड नहीं मिलेगा – पूरा पैसा जब्त।
यह बदलाव खासकर वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत II जैसी प्रीमियम ट्रेनों पर पहले से लागू है और अब सामान्य ट्रेनों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू होने जा रहा है।रेल मंत्रालय के अनुसार, नए नियमों का मकसद लास्ट मिनट कैंसिलेशन को हतोत्साहित करना और तौटों (टिकट बिचौलियों) द्वारा की जाने वाली मनमानी पर रोक लगाना है। पहले नियमों में 48 घंटे से पहले फ्लैट चार्ज कटता था, 48 से 12 घंटे में 25% और 12 से 4 घंटे में 50% कटौती होती थी। लेकिन अब समय सीमा बढ़ाकर 72 घंटे कर दी गई है।
नए नियमों की पूरी डिटेल:72 घंटे से ज्यादा पहले कैंसिलेशन: सिर्फ फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज (क्लास के अनुसार ₹60 से ₹240 तक + GST) कटेगा, बाकी पूरा रिफंड।
72 घंटे से 24 घंटे के बीच: किराए का 25% कटौती (मिनिमम चार्ज के अधीन)।
24 घंटे से 8 घंटे के बीच: किराए का 50% कटौती – यानी आधा पैसा ही वापस मिलेगा।
8 घंटे से कम या डिपार्चर के समय: कोई रिफंड नहीं। अगर ऑनलाइन कैंसिल या TDR (टिकट डिपॉजिट रसीद) नहीं किया गया तो भी रिफंड नामुमकिन।

रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आंकड़ों से पता चला है कि तौटे एक्स्ट्रा टिकट बुक करके अंतिम समय में कैंसिल कर रिफंड ले लेते थे, जिससे genuine यात्रियों को सीट नहीं मिल पाती थी। नए नियमों से ऐसी गतिविधियां कम होंगी और सीटों का बेहतर उपयोग होगा।
यह बदलाव अप्रैल 2026 के पहले पखवाड़े में चरणबद्ध तरीके से लागू होगा। यात्री अब IRCTC ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन करके आसानी से अपना टिकट कैंसिल कर सकते हैं, लेकिन समय का ध्यान रखना जरूरी है। चार्ट तैयार होने के बाद रिफंड की प्रक्रिया और भी जटिल हो जाती है।रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा की प्लानिंग पहले करें और अनावश्यक कैंसिलेशन से बचें।
अगर प्लान बदल जाए तो जितनी जल्दी हो सके टिकट कैंसिल कर दें, ताकि नुकसान कम हो। साथ ही, तौटों से टिकट न खरीदें क्योंकि वे भी अब रिफंड नहीं दिला पाएंगे।यह कदम रेलवे की डिजिटल व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में है। IRCTC पर अब चार्ट 24 घंटे पहले तैयार होने की भी चर्चा है, जिससे कैंसिलेशन की समय सीमा और प्रभावित हो सकती है। यात्री संगठनों का कहना है कि नए नियम यात्रियों पर बोझ बढ़ा सकते हैं, लेकिन रेलवे का तर्क है कि इससे सीट वेस्टेज कम होगा और ज्यादा से ज्यादा लोग यात्रा कर पाएंगे।
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सलाह यात्रियों के लिए:यात्रा की तारीख तय होते ही टिकट बुक करें।
प्लान बदलने पर 72 घंटे से पहले कैंसिल करें तो नुकसान न्यूनतम।
हमेशा IRCTC ऐप से ही कैंसिल करें, स्टेशन पर लाइन लगाने की जरूरत नहीं।
प्रीमियम ट्रेनों (वंदे भारत स्लीपर आदि) में नियम और सख्त हैं, इसलिए सावधानी बरतें।
रेलवे का यह फैसला यात्रियों को जिम्मेदार बनाएगा और रेल सेवा को ज्यादा कुशल बनाएगा। अगर आप भी अक्सर ट्रेन से यात्रा करते हैं तो इन नियमों को ध्यान में रखें, वरना छोटी सी लापरवाही आपको सैकड़ों-हजारों रुपये का नुकसान पहुंचा सकती है।ट्रेन यात्रा सुरक्षित और सुखद हो, यही कामना। समय पर प्लान करें, नियमों का पालन करें और सफर का आनंद लें।



