बांदीपोरा में जम्मू-कश्मीर का ऐतिहासिक जन-संघर्ष
- LG मनोज सिन्हा के नेतृत्व में ड्रग्स के खिलाफ अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हुई पूरी जनता
- युवा पीढ़ी को नशे की विभीषिका से मुक्त करने का मजबूत संकल्प
- #JKSaysNoToDrugs अभियान जोरों पर
Published on: May 25, 2026
By: BTNI
Location: Jammu Kashmir, India
“No more silence. No more excuses.” इस एक लाइन ने जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में नशे के खिलाफ तूफान खड़ा कर दिया है। युवा, बुजुर्ग, महिलाएं, छात्र, पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय प्रशासन आज कंधे से कंधा मिलाकर ड्रग्स के घातक जहर को जड़ से समाप्त करने के लिए एकजुट हो गए हैं। Lieutenant Governor मनोज सिन्हा के सशक्त और संवेदनशील नेतृत्व में शुरू हुई यह मुहिम अब पूरे केंद्र शासित प्रदेश में ड्रग्स फ्री सोसाइटी बनाने का सबसे बड़ा जन आंदोलन बनती जा रही है।बांदीपोरा के मैदानों से लेकर पहाड़ी इलाकों तक हर गली-मोहल्ले में आज एक ही नारा गूंज रहा है – नशा नहीं, जिंदगी चुनेंगे। स्थानीय युवाओं ने खुद आगे आकर कहा कि अब हम चुप नहीं रहेंगे। नशे के कारोबारियों को पनाह देने वाले भी नहीं बचेंगे। इस अभियान में सैकड़ों युवा स्वयंसेवक, महिला समूह और स्कूली बच्चे भी शामिल हो रहे हैं।
LG मनोज सिन्हा का दृढ़ नेतृत्व
Lieutenant Governor मनोज सिन्हा ने इस मुहिम को व्यक्तिगत रूप से मॉनिटर कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि ड्रग्स माफिया, सप्लाई चेन और नशे को बढ़ावा देने वाले किसी भी तत्व के साथ अब कोई समझौता नहीं होगा। “हम इस जहर को जम्मू-कश्मीर की मिट्टी से हमेशा के लिए मिटा देंगे। युवाओं का भविष्य नशे की भेंट नहीं चढ़ने देंगे,” LG ने कहा।प्रशासन ने अब तक कई बड़े ड्रग्स नेटवर्क को पकड़ा है। बांदीपोरा में विशेष अभियान चलाकर न सिर्फ ड्रग्स की खेप जब्त की गई है, बल्कि कई सक्रिय तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। साथ ही नशे की चपेट में आए युवाओं के लिए पुनर्वास केंद्रों को और मजबूत किया जा रहा है। काउंसलिंग, स्किल डेवलपमेंट और खेल-कूद गतिविधियों को बढ़ावा देकर युवाओं को मुख्यधारा में जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है।
VIDEO LINK- https://x.com/i/status/2058818759029399637
जनता का अभूतपूर्व समर्थन
बांदीपोरा के ग्रामीण क्षेत्रों में जनसभाएं हो रही हैं। माताएं-बहनें मंच पर खड़ी होकर कह रही हैं – “हम अपने बच्चों को नशे की आग में नहीं जलने देंगे।” स्थानीय मस्जिदों, गुरुद्वारों और मंदिरों में भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। पंचायत स्तर पर कमेटियां बनाई गई हैं जो हर गांव में निगरानी रख रही हैं।एक स्थानीय युवा नेता ने कहा, “पहले हम चुप थे क्योंकि डर था, लेकिन LG साहब के नेतृत्व में अब हमें पूरा भरोसा है। हम खुद इस लड़ाई का हिस्सा बनेंगे।” #JKSaysNoToDrugs हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट्स वायरल हो रहे हैं। हजारों लोग इस अभियान से जुड़ रहे हैं और अपनी कहानियां साझा कर रहे हैं।
ड्रग्स की समस्या और चुनौतियाँ
जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों से ड्रग्स की समस्या गंभीर रूप ले चुकी थी। खासकर युवा पीढ़ी में नशे का चलन बढ़ा था, जो आतंकवाद के बाद की सबसे बड़ी चुनौती बन गया था। अफीम, हेरोइन, कोकीन और स्मैक जैसी नशीली दवाओं का नेटवर्क सीमा पार से भी जुड़ा हुआ था। इसने न सिर्फ स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाया, बल्कि बेरोजगारी, अपराध और सामाजिक विघटन को भी बढ़ावा दिया।LG मनोज सिन्हा के आने के बाद प्रशासन ने इस समस्या को प्राथमिकता दी। इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत किया गया, सीमा सुरक्षा को कड़ा किया गया और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया गया। बांदीपोरा में चल रहा यह अभियान उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
आगे की राह
प्रशासन अब तीन स्तरों पर काम कर रहा है – सख्ती: माफिया और तस्करों पर नकेल कसना
जागरूकता: स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में कार्यक्रम
पुनर्वास: नशे से ग्रस्त युवाओं को नई जिंदगी देना
सरकार ने युवाओं के लिए ज्यादा रोजगार के अवसर, खेल सुविधाएं और स्किल ट्रेनिंग सेंटर खोलने का भी ऐलान किया है ताकि कोई युवा नशे की तरफ न मुड़े।
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संदेश पूरे देश के लिए
जम्मू-कश्मीर का यह मॉडल अब पूरे देश के लिए उदाहरण बन रहा है। जब प्रशासन और जनता साथ मिलकर किसी समस्या से लड़ती है तो कोई चुनौती बड़ी नहीं रहती। बांदीपोरा आज सिर्फ ड्रग्स के खिलाफ नहीं, बल्कि एक नई उम्मीद, नई ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक बन गया है।
निष्कर्ष
यह लड़ाई आसान नहीं है, लेकिन इरादे पक्के हैं। LG मनोज सिन्हा के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर कह रहा है – अब चुप्पी नहीं, अब बहाने नहीं। नशे का हर अंश मिटाया जाएगा। युवा पीढ़ी को बचाया जाएगा। एक स्वस्थ, सशक्त और नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर बनाया जाएगा।



