Published on: May 18, 2026
By: BTNI
Location: Raipur/Bastar, India
बस्तर की विशिष्ट मिठास को पूरे देश में एक अलग पहचान दिलाने वाली प्रसिद्ध इमली (तामरिंद) का स्वाद आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने चखा। बस्तर जिले के नेतानार गांव में उन्होंने स्थानीय स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही इमली पल्प का स्वाद लिया और इसकी बेहतरीन गुणवत्ता की सराहना की।
नेतानार, जो कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है, अब विकास की नई मिसाल बन रहा है। श्री अमित शाह ने यहां सीआरपीएफ कैंप को जन सुविधा केंद्र में तब्दील करते हुए शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा (जन सुविधा केंद्र) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने इमली प्रसंस्करण केंद्र का भी दौरा किया, जहां गुंडाधूर महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य लंबी नाग ने उन्हें बताया कि इस कार्य से जुड़कर महिलाएं सालाना लगभग एक लाख रुपये तक की आय अर्जित कर सकती हैं।
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बस्तर इमली की अनोखी पहचान
बस्तर की इमली अपनी अनोखी स्वादिष्टता के लिए जानी जाती है। सामान्य इमली की तुलना में यहां की इमली में खट्टेपन के साथ-साथ मिठास भी पाई जाती है, जो इसे विशेष बनाती है। वैज्ञानिक अध्ययनों में बस्तर क्षेत्र के तामरिंद एक्सेसन्स में उच्च पल्प प्रतिशत, विटामिन सी, फेनोलिक और फ्लेवोनॉइड्स की अच्छी मात्रा पाई गई है। कुछ एक्सेसन्स में अम्लता 6% से भी कम पाई गई है, जो इसे मीठा तामरिंद (sweet tamarind) की श्रेणी में रखती है।
स्थानीय आदिवासी समुदायों के लिए इमली न केवल स्वाद का स्रोत है, बल्कि आय का महत्वपूर्ण माध्यम भी। जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाली इन इमलियों को प्रसंस्करण के माध्यम से पल्प, कैंडी, चटनी और अन्य उत्पादों में बदला जा रहा है। इससे महिलाओं को आत्मनिर्भरता मिल रही है और बस्तर के पारंपरिक स्वाद को ब्रांड के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
विकास की नई दिशा: सुरक्षा कैंप से जन सुविधा केंद्र
श्री अमित शाह ने इस मौके पर बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलावों पर जोर दिया। पुराने सुरक्षा कैंपों को अब सेवा केंद्रों में बदला जा रहा है, जहां ग्रामीणों को आधार, ई-केवाईसी, बैंकिंग सेवाएं, प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही छत के नीचे मिल रहा है।
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नेतानार की निवासी सुखदेवी ने बताया कि पहले उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर जाना पड़ता था, अब गांव में ही सभी सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं। इसी तरह सोनामनी ने महतारी वंदन योजना का ई-केवाईसी गांव में ही करा लिया। श्री शाह ने सिलाई प्रशिक्षण केंद्र और धान डेकी प्रशिक्षण केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां महिलाओं को रोजगार से जुड़े कौशल सिखाए जा रहे हैं।
उपस्थिति
इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकासशील और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
बस्तर की इमली अब केवल स्थानीय स्वाद नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक सशक्तिकरण और विकास की कहानी का प्रतीक बन चुकी है। श्री अमित शाह के इस दौरे ने बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ने और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय-वैश्विक ब्रांड बनाने की दिशा में एक नया आयाम दिया है।



