- बड़ा हादसा टला
- शॉर्ट सर्किट से लगी आग
- मध्य प्रदेश में त्रिवेंद्रम-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की दो बोगियों में आग लगने की घटना हुई थी
Published on: May 18, 2026
By: BTNI
Location: Sasaram, India
बिहार के रोहतास जिले के सासाराम रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह एक बड़ी ट्रेन दुर्घटना टल गई, जब सासाराम-पटना फास्ट पैसेंजर ट्रेन (ट्रेन नंबर 53212) की एक जनरल बोगी में अचानक भीषण आग लग गई। ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर खड़ी थी और पटना रवाना होने वाली थी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरा कोच धू-धू कर जलने लगा, लेकिन रेलवे अधिकारियों, आरपीएफ और दमकल की त्वरित कार्रवाई से किसी यात्री की जान नहीं गई। घटना सुबह करीब 5:30 से 6:45 बजे के बीच हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन के रवाना होने से ठीक पहले जनरल कोच से घना धुआं उठने लगा। कुछ ही पलों में आग की लपटें नजर आने लगीं। स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। यात्री चीखते-चिल्लाते प्लेटफॉर्म पर भागने लगे। कई यात्री पहले ही ट्रेन से उतर चुके थे या बोगी खाली थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने पुष्टि की कि किसी भी यात्री या स्टाफ के घायल होने की सूचना नहीं है।
आग कैसे लगी?
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का मुख्य कारण माना जा रहा है। इंजन से पांचवीं बोगी प्रभावित हुई, जो पूरी तरह जलकर खाक हो गई। चौथी बोगी के पिछले हिस्से को भी आग ने नुकसान पहुंचाया। रेलवे के मुताबिक, बोगी में विद्युत प्रणाली या वायरिंग में खराबी के चलते शॉर्ट सर्किट हुआ। पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ सरस्वती चंद्रा ने बताया कि आग खाली बोगी में लगी। दमकल और रेलवे टीम ने करीब आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया। प्रभावित बोगी को ट्रेन से अलग कर दिया गया।
VIDEO LINK- https://x.com/i/status/2056275417557008827
रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ, रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। यातियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग बुझाने के लिए पानी की कई बौछारें की गईं। आसपास के लोग भी मदद को आगे आए। स्टेशन पर हड़कंप का माहौल था, लेकिन व्यवस्था जल्द संभाल ली गई। ट्रेन को लगभग दो घंटे की देरी से आगे भेजा गया।
यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि कल (17 मई) मध्य प्रदेश में त्रिवेंद्रम-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की दो बोगियों में आग लगने की घटना हुई थी। उसमें भी शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई थी। इन लगातार घटनाओं ने रेलवे की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेल मंत्रालय ने पूरे देश में फायर सेफ्टी ऑडिट के आदेश दे दिए हैं। सासाराम घटना की भी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि अचानक धुएं और लपटों को देखकर दहशत फैल गई। एक यात्री ने कहा, “हम प्लेटफॉर्म पर खड़े थे। ट्रेन अभी रवाना होने वाली थी कि धुआं दिखा। लोग भागने लगे। luckily कोई चोट नहीं आई।” कई यात्रियों ने रेलवे की तैयारी की तारीफ की, लेकिन कुछ ने पुरानी बोगियों और मेंटेनेंस पर सवाल उठाए।
रेलवे की प्रतिक्रिया और आगे की योजना
पूर्व मध्य रेलवे ने घटना को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने कहा कि कोच की मरम्मत/बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। रेलवे ने अपील की है कि ऐसी घटनाओं में घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत स्टेशन स्टाफ को सूचित करें।
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बिहार में रेल सुरक्षा की चुनौतियां
बिहार में ट्रेनों की संख्या ज्यादा है और कई पुरानी ट्रेनें चल रही हैं। सासाराम स्टेशन व्यस्त जंक्शन है, जहां रोज हजारों यात्री आते-जाते हैं। हाल के वर्षों में छोटी-मोटी आग की घटनाएं होती रही हैं, लेकिन इस बार त्वरित कार्रवाई ने जान बचाई। विशेषज्ञों का कहना है कि सभी कोचों में आधुनिक फायर डिटेक्शन सिस्टम, स्वचालित अग्निशमन उपकरण और नियमित इलेक्ट्रिकल चेकिंग जरूरी है।
निष्कर्ष
सासाराम की यह घटना राहत और चिंता दोनों का विषय है। राहत इसलिए कि कोई जनहानि नहीं हुई, चिंता इसलिए कि रेलवे की बुनियादी सुविधाओं में अभी भी कमियां हैं। रेल मंत्रालय को इस पर गंभीरता से काम करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों। फिलहाल स्टेशन सामान्य हो गया है, लेकिन जांच रिपोर्ट का इंतजार है। यात्रियों को सलाह है कि यात्रा के दौरान सतर्क रहें और इमरजेंसी नंबर नोट करके रखें|



