वीर सैनिकों की अनकही कहानियां अब किताब में
Published on: May 30, 2026
By: BTNI
Location: New Delhi, India
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ पर आधारित एक महत्वपूर्ण स्मारक पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक ऑपरेशन में भाग लेने वाले लगभग 100 सैनिकों, अधिकारियों, पायलटों, मिसाइल क्रू सदस्यों और अन्य जवानों के व्यक्तिगत अनुभवों, साहस की गाथाओं और भावनात्मक यात्रा को संजोए हुए है। एक वर्ष पहले मई 2025 में हुए इस अभियान ने भारत की सैन्य क्षमता, संकल्प और आधुनिक युद्धनीति को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था।
पुस्तक विमोचन समारोह में रक्षा मंत्री ने इसे मात्र एक ऐतिहासिक दस्तावेज न बताते हुए कहा कि यह भारतीय सशस्त्र बलों के मानवीय आयाम को उजागर करती है। “यह किताब रणनीति और तकनीक से आगे जाकर उन वीरों की भावनाओं, चुनौतियों और जीत के क्षणों को दर्ज करती है, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सब कुछ दांव पर लगाया,” उन्होंने जोर दिया।
ऑपरेशन सिंदूर का पृष्ठभूमि
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घृणित आतंकी हमले के बाद हुई। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया। भारत सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ अब ‘नया सामान्य’ (New Normal) स्थापित होगा।

7 मई 2025 की रात को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त अभियान के तहत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू हुआ। मिसाइलों, ड्रोनों और एयर स्ट्राइक्स के जरिए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें आतंकी प्रशिक्षण शिविर, हथियार डिपो और कमांड सेंटर शामिल थे। अभियान मात्र चार दिनों में समाप्त हुआ, जब पाकिस्तान को युद्धविराम की अपील करनी पड़ी। रक्षा मंत्री ने इसे “अभूतपूर्व सफलता” बताया, जिसमें भारत ने आतंक के बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंचाई और दुश्मन को मजबूर किया।
किताब जारी करने का उद्देश्य
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा जारी इस स्मारक पुस्तक का मुख्य उद्देश्य कई आयामों वाला है। सबसे पहले, यह वीर सैनिकों के व्यक्तिगत अनुभवों को संरक्षित करना है। युद्ध के मैदान में फाइटर पायलटों की रातों की उड़ानें, मिसाइल क्रू की सटीकता, ग्राउंड फोर्सेस की रणनीतिक गतिविधियां और उन क्षणों की कहानियां, जब मौत से दो-दो हाथ किए गए – ये सब अब आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।दूसरा उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और जागरूकता फैलाना है।
पुस्तक सिर्फ सैन्य इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्र की सामूहिक इच्छाशक्ति का दस्तावेज है। यह दिखाती है कि कैसे भारतीय सशस्त्र बल आधुनिक युद्ध में संयुक्त कमांड, तकनीकी श्रेष्ठता और मानवीय मूल्यों को साथ लेकर चलते हैं।तीसरा, यह सैन्य रणनीति और सबकों का संग्रह है। ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की नई डिटेरेंस नीति को मजबूत किया, जिसमें आतंक के स्रोत पर सीधा प्रहार शामिल है। पुस्तक में शामिल गवाहियां भविष्य के अभियानों के लिए मार्गदर्शक साबित होंगी। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस ऑपरेशन ने एयर डोमिनेंस, ड्रोन वॉरफेयर और इंटेलिजेंस-आधारित स्ट्राइक्स में भारत की क्षमता को विश्व स्तर पर प्रदर्शित किया।
चौथा महत्वपूर्ण उद्देश्य शहीदों और वीरों को सम्मान देना है। पुस्तक उन अज्ञात नायकों की कहानियां सामने लाती है, जो अक्सर समाचारों में नहीं आ पाते। इसमें शामिल 100 से अधिक गवाहियां भावनात्मक रूप से छूने वाली हैं – एक पायलट की अपनी पत्नी को अंतिम संदेश, एक सैनिक की मातृभूमि के प्रति निष्ठा और टीम वर्क की मिसालें।रक्षा मंत्री ने समारोह में कहा कि यह प्रकाशन आधुनिक युद्ध के मानवीय पहलू को भी रेखांकित करता है। युद्ध केवल हथियारों का नहीं, बल्कि इंसानों का होता है – उनकी भावनाओं, परिवारों और बलिदानों का।
ऑपरेशन के प्रमुख पहलू
- संयुक्त अभियान: थल, वायु और जल सेना का अभूतपूर्व समन्वय।
- सटीक हमले: नागरिक और पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों से परहेज करते हुए केवल आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस।
- परिणाम: आतंक के नेटवर्क को भारी नुकसान, पाकिस्तान पर दबाव और युद्धविराम।
- दीर्घकालिक प्रभाव: भारत की सुरक्षा नीति में बदलाव, ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ की तैयारियां और वैश्विक स्तर पर चर्चा।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में कहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है’ और त्रि-सेवाएं अगले युद्ध के लिए तैयार हैं।
ALSO READ-
- From Severe Acute Malnutrition to Normal Nutrition: Yaakshi Makes a Remarkable Recovery
- Three Members of Same Family Killed in Road Accident, Gahirabhedi Mourns
- Collector Reviews Departmental Work at Weekly Time-Limit Meeting in Rajnandgaon
- Green Farm House Theft Case Solved, Two Accused Arrested in Rajnandgaon
- Mayor Madhusudan Yadav Meets Family of Man Who Died in Gaurinagar Underbridge Accident
पुस्तक की विशेषताएं
यह स्मारक संस्करण रंगीन तस्वीरों, मानचित्रों, समयरेखा और प्रत्यक्षदर्शी वर्णनों से भरा है। इसमें शामिल कहानियां न केवल सैन्य पेशेवरों बल्कि आम पाठकों के लिए भी प्रेरणादायक हैं। पुस्तक का विमोचन ऑपरेशन की पहली वर्षगांठ पर किया गया, जो इसकी ऐतिहासिक महत्व को और बढ़ाता है।राष्ट्र इस पुस्तक के माध्यम से उन वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है जिन्होंने ‘सिंदूर’ की तरह अपनी वीरता से राष्ट्र के माथे का आभूषण बनाया।
यह किताब हर भारतीय घर में पहुंचनी चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी समझ सके कि स्वतंत्रता और सुरक्षा की कीमत क्या होती है।ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि भारत अब आतंकवाद को सहन नहीं करेगा। राजनाथ सिंह द्वारा जारी यह पुस्तक उस संकल्प को अमर बनाने का माध्यम बनी है। यह न केवल इतिहास दर्ज करती है, बल्कि भविष्य को भी आकार देती है – एक मजबूत, सुरक्षित और एकजुट भारत का।



