वृंदावन के कण-कण में बसते श्रीकृष्ण की नगरी में सीएम मोहन यादव का भक्ति भाव से भरपूर दर्शन, परिवार सहित की पूजन, प्रदेशवासियों और देशवासियों के मंगल की कामना
Published on: March 24, 2026
By: BTNI
Location: Vrindavan, India
मध्य प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीला भूमि वृंदावन धाम पहुंचकर भक्तों के मन को छू लेने वाला दृश्य प्रस्तुत किया। श्री बांके बिहारी मंदिर में ठाकुर जी के दर्शन-पूजन कर उन्होंने पूरे देशवासियों और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि तथा मंगल की कामना की। उनके इस भक्ति पूर्ण दौरे ने सनातन परंपरा के प्रति उनकी गहरी आस्था को एक बार फिर उजागर कर दिया।
सुबह के सूरज की पहली किरणों के साथ ही डॉ. मोहन यादव पत्नी सहित परिवार के सदस्यों के साथ वृंदावन पहुंचे। बांके बिहारी लाल के मंदिर में प्रवेश करते ही उनका चेहरा भक्ति भाव से निखर उठा। ठाकुर जी के युगल स्वरूप के समक्ष उन्होंने सिर झुकाया, फूल चढ़ाए, आरती उतारी और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारियों ने उन्हें विशेष प्रसाद और आशीर्वाद प्रदान किया। इस दौरान सीएम मोहन यादव पूरी तरह से कृष्ण भक्ति में लीन नजर आए। उन्होंने ठाकुर जी से प्रार्थना की कि बांके बिहारी अपने समस्त भक्तों के कष्ट दूर करें, समाज में सौहार्द बढ़ाएं और हर घर में खुशहाली आए।”राधे-राधे! बांके बिहारी लाल की जय!”
यह उद्गार उनके पोस्ट में भी प्रमुखता से झलका, जिसमें उन्होंने लिखा, “आज वृंदावन धाम स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में ठाकुर जी के दर्शन-पूजन कर सभी के लिए मंगलकामना की।” यह भक्ति भाव न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन को दर्शाता है बल्कि एक मुख्यमंत्री के रूप में जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी उजागर करता है।वृंदावन पहुंचने पर स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की थी। भक्तों की भारी भीड़ के बीच सीएम मोहन यादव ने शांति से दर्शन किए और किसी भी भक्त से मिलने-जुलने का अवसर नहीं छोड़ा।

उन्होंने कहा कि वृंदावन के हर कण में श्रीकृष्ण और राधारानी का वास है। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं आज के युग में भी प्रासंगिक हैं—वे समाज सेवा, नैतिकता और प्रेम की मिसाल हैं। मध्य प्रदेश में भी हम कृष्ण भक्ति को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रहे हैं, ताकि युवा पीढ़ी सनातन मूल्यों से जुड़ सके।यह दौरा डॉ. मोहन यादव की सनातन संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वे पहले भी मथुरा-वृंदावन के विभिन्न मंदिरों में दर्शन कर चुके हैं। कृष्ण जन्मभूमि और अन्य पावन स्थलों पर उनकी उपस्थिति ने हमेशा भक्तिमय माहौल सृजित किया है।
इस बार भी उनके दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में ‘राधे राधे’ और ‘बांके बिहारी लाल की जय’ के जयकारे गूंजते रहे। भक्तों ने मुख्यमंत्री को देखकर उत्साह व्यक्त किया और कहा कि ऐसे नेता जो भक्ति और कर्तव्य दोनों को साथ निभाते हैं, देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।मध्य प्रदेश सरकार के प्रवक्ताओं ने बताया कि सीएम डॉ. मोहन यादव का यह दौरा व्यक्तिगत भक्ति के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का भी हिस्सा है। वे मध्य प्रदेश में कृष्ण संबंधी कई विकास परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं, जैसे कि विभिन्न मंदिरों का जीर्णोद्धार, भक्ति मार्गों का विकास और सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन।
वृंदावन दर्शन के दौरान उन्होंने ठाकुर जी से प्रदेश की प्रगति, किसानों की खुशहाली, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आशीर्वाद मांगा।इस अवसर पर स्थानीय संतों और गोस्वामी समाज के सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मोहन यादव जैसे नेता सनातन धर्म की रक्षा और प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मंदिर में पूजन के बाद सीएम ने प्रसाद ग्रहण किया और भक्तों के साथ कुछ पल बिताए। उनका यह साधारण लेकिन भक्तिमय व्यवहार देखकर सभी प्रभावित हुए।
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वृंदावन धाम भारत की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में जाना जाता है। यहां हर साल लाखों भक्त बांके बिहारी जी के दर्शन के लिए आते हैं। ठाकुर जी की ‘झांकी’ देखने का अपना अलग ही आनंद है। मुख्यमंत्री के दर्शन ने इस पावन स्थल की गरिमा को और बढ़ा दिया। उनके इस दौरे से न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के हिंदू समाज में उत्साह का संचार हुआ है।डॉ. मोहन यादव ने दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, “बांके बिहारी लाल सबके आराध्य हैं। उनकी कृपा से ही हम सब कुछ पाते हैं। आज मैंने पूरे देश के लिए, खासकर मध्य प्रदेश के हर नागरिक के लिए शांति, समृद्धि और सुख की प्रार्थना की है।
श्रीकृष्ण की लीला हमें सिखाती है कि जीवन में प्रेम, त्याग और सेवा सबसे बड़ा धर्म है।”यह दौरा न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि राजनीतिक और सामाजिक संदेश भी देता है। एक व्यस्त मुख्यमंत्री का समय निकालकर भक्ति स्थल पर पहुंचना जनता से जुड़ाव को दर्शाता है। मध्य प्रदेश में उनके नेतृत्व में विकास कार्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक जागरण भी तेजी से हो रहा है।अंत में, बांके बिहारी मंदिर से निकलते समय डॉ. मोहन यादव के चेहरे पर संतोष और आशीर्वाद की मुस्कान साफ झलक रही थी। उन्होंने एक बार फिर ‘राधे-राधे’ का उच्चारण किया और सभी भक्तों को नमन किया। यह दृश्य साबित करता है कि सत्ता और सेवा के साथ भक्ति का संयोग ही सच्चा मार्ग है।बांके बिहारी लाल की जय! राधे राधे! जय श्री कृष्ण!



