चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत का शुभ अवसर
Published on: April 20, 2026
By: BTNI
Location: Rishikesh, India
देवभूमि उत्तराखंड में बाबा केदारनाथ धाम के कपाट आगामी 22 अप्रैल 2026 को विधि-विधान से श्रद्धालुओं के लिए खुल रहे हैं। पंचमुखी उत्सव मूर्ति (चल विग्रह डोली) के भव्य एवं दिव्य दर्शन के बाद यह पावन क्षण आ रहा है, जो लाखों शिव भक्तों के लिए अत्यंत उत्साह और आस्था का केंद्र बन गया है।
श्री बदरी-केदार मंदिर समिति की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ केदारनाथ धाम के कपाट खुलेगे। इससे पहले 21 अप्रैल को पंचमुखी डोली गौरीकुंड से केदारनाथ धाम पहुंचेगी, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया जाएगा। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और भक्तों में अपार श्रद्धा जगाती है।
पंचमुखी उत्सव मूर्ति का महत्व
बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव मूर्ति (चल विग्रह) को सर्दियों में उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान रखा जाता है। 19 अप्रैल को इस पावन डोली को उखीमठ से रवाना किया गया, जो फाटा, गौरीकुंड होते हुए 21 अप्रैल को केदारनाथ पहुंचेगी। इस यात्रा के दौरान भक्तों ने रास्ते भर डोली के दर्शन किए और जयकारे लगाए। पंचमुखी स्वरूप भगवान शिव के पांच मुखों का प्रतीक है, जो उनके विभिन्न रूपों—सद्योजात, वामदेव, तत्पुरुष, अघोर और ईशान—को दर्शाता है।

इस दिव्य डोली के दर्शन मात्र से ही भक्तों के मन में शांति और आनंद का संचार हो जाता है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख हस्तियों ने भी केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड की यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है, बल्कि प्रकृति की गोद में शांति पाने का अनुपम अवसर भी प्रदान करती है।
चारधाम यात्रा 2026: भव्य और दिव्य तैयारी
चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत हो चुकी है। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम 19 अप्रैल को खुल चुके हैं, जबकि केदारनाथ 22 अप्रैल और बद्रीनाथ 23 अप्रैल को खुलेंगे। उत्तराखंड सरकार और मंदिर समिति ने इस बार यात्रा को और अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक तैयारी की है।
सड़क और पैदल मार्ग: गौरीकुंड से केदारनाथ तक का पैदल मार्ग पूरी तरह साफ किया गया है। घोड़े, पालकी और डोली की व्यवस्था बढ़ाई गई है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा: हाई एल्टीट्यूड पर स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत की गई हैं। ऑक्सीजन कैंप, मेडिकल टीम और हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध रहेगी।
पर्यावरण संरक्षण: प्लास्टिक मुक्त यात्रा पर जोर दिया गया है। भक्तों से अपील की गई है कि वे पर्यावरण का ध्यान रखें।
रजिस्ट्रेशन: ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था है, ताकि भीड़ प्रबंधन आसान हो।
भक्तों को सलाह दी जाती है कि यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लें, गर्म कपड़े साथ रखें और डॉक्टर की सलाह अनुसार दवाइयां साथ रखें। केदारनाथ की यात्रा करीब 16-18 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई है, इसलिए शारीरिक तैयारी जरूरी है।
बाबा केदार से प्रार्थना

बाबा केदार से हम सभी की प्रार्थना है कि आप सबके जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली और स्वास्थ्य का वास हो। आपकी चारधाम यात्रा मंगलमय, सुरक्षित और अविस्मरणीय बने। भोले बाबा हर शिव भक्त की मनोकामना पूरी करें और उनके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें।जय बाबा केदार! हर हर महादेव!
यह पावन अवसर हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। केदारनाथ धाम न केवल एक तीर्थ है, बल्कि आस्था, भक्ति और प्रकृति के सामंजस्य का जीवंत प्रतीक है। जो भी इस यात्रा पर जाना चाहते हैं, वे जल्द से जल्द अपनी योजना बना लें और बाबा केदार के दिव्य दर्शन का सुख प्राप्त करें।
शुभकामनाएं:
समस्त श्रद्धालुओं को देवभूमि उत्तराखंड की भव्य चारधाम यात्रा 2026 के लिए सादर आमंत्रित किया जाता है। बाबा केदार आप सभी की रक्षा करें, यात्रा निर्विघ्न संपन्न हो और आपके जीवन में नई आध्यात्मिक ऊंचाई आए।
Also read-
- Chief Minister Vishnu Deo Sai Felicitates Commonwealth Silver Medallist Gyaneshwari Yadav; Rajnandgaon Awaits Grand Welcome
- Three-Member Motorcycle Theft Gang Busted in Rajnandgaon; Two Stolen Bikes Recovered
- Pandit Shiv Kumar Shastri Agricultural College, Surgi Marks Foundation Day with Workshop on Value Addition and Entrepreneurship
- Rajnandgaon Farmers to Receive Up to ₹3,711 Per Quintal for Paddy Seed Production; Registration Open Till August 15
- Rajnandgaon Bans Manufacture, Storage, Transport and Sale of Dairy Analog Products With Immediate Effect



