एक न्यायाधीश के विवादित बयान से जन्मी सटायरिकल पार्टी का चमत्कारिक उदय लाखों फॉलोअर्स, विदेशी हाथ का शक, युवाओं का गुस्सा
जांच में जुटी सरकार
Published on: June 11, 2026
By: BTNI
Location: Raipur/New Delhi, India
सोशल मीडिया पर छाए ‘कोकरोच जनता पार्टी’ (Cockroach Janta Party – CJP) को पाकिस्तान से फंडिंग मिलने और विदेशी ताकतों द्वारा भड़काऊ गतिविधियों का आरोप लग रहा है। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां इसकी जांच में जुट गई हैं। अचानक बढ़े फॉलोअर्स, पाकिस्तानी आईपी वाले अकाउंट्स से कमेंट्स और युवाओं को भड़काने वाली पोस्ट्स ने इस मूवमेंट को विवादों के घेरे में ला खड़ा किया है।
CJP की शुरुआत मई 2026 में हुई जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने बेरोजगार युवाओं को “कोकरोच” और “परजीवी” कहकर विवादास्पद टिप्पणी की। इस बयान ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया। बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे राजनीतिक कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट अभिजीत दीपके ने इसे सटायरिकल मूवमेंट में बदल दिया। शुरू में मजाक के तौर पर शुरू हुई यह पार्टी कुछ दिनों में वायरल हो गई।
अचानक उदय का कारण
CJP का उदय मुख्य रूप से सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर हुआ। लॉन्च के मात्र 4-5 दिनों में इसकी इंस्टाग्राम अकाउंट ने 10 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हासिल कर लिए, जो भाजपा के आधिकारिक अकाउंट से भी आगे निकल गए। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक यह संख्या 20-22 मिलियन तक पहुंच गई। युवा वर्ग (Gen Z) ने बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा व्यवस्था (NEET पेपर लीक सहित) और सिस्टम की नाकामी पर अपना गुस्सा इस मूवमेंट के जरिए व्यक्त किया।
पार्टी खुद को “आलसी और बेरोजगार युवाओं की आवाज” बताती है। इसका मैनिफेस्टो में पांच मांगें शामिल हैं – मीडिया की आजादी, न्यायपालिका पर सवाल, महिला आरक्षण, पार्टी हॉपिंग पर रोक और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती। वेबसाइट पर लिखा है – “जीरो स्पॉन्सर्स, वन स्टबर्न स्वार्म”। अभिजीत दीपके ने दावा किया कि यह पूरी तरह भारतीय युवाओं का आंदोलन है और फंडिंग का कोई स्रोत नहीं है।
पाकिस्तान फंडिंग और फॉलोअर्स का विवाद

जिस बात ने सबसे ज्यादा हंगामा मचाया, वह है फॉलोअर्स का अचानक उछाल। कुछ रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि एक घंटे में साढ़े 12 लाख फॉलोअर्स बढ़े, जिनमें बड़ी संख्या पाकिस्तान, बांग्लादेश और टर्की से थी। पाकिस्तानी अकाउंट्स से भड़काऊ कमेंट्स और भारत विरोधी नरेटिव को बढ़ावा देने का आरोप लगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई भाजपा नेताओं ने इसे “पाकिस्तान और जॉर्ज सोरोस गैंग” से जोड़ा।
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बताते हुए X (ट्विटर) अकाउंट को ब्लॉक करने की सिफारिश की। MeitY ने IT एक्ट की धारा 69A के तहत कार्रवाई की। कुछ साइबर एक्सपर्ट्स ने फॉलोअर्स ग्रोथ में असामान्य स्पाइक्स और ड्रॉप्स का जिक्र करते हुए साइबर जांच की मांग की है।अभिजीत दीपके ने इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने इंस्टाग्राम एनालिटिक्स दिखाते हुए दावा किया कि 94% फॉलोअर्स भारत से हैं। फिर भी सरकार ने सतर्कता बरती हुई है और साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
वर्तमान स्थिति
वर्तमान में CJP सक्रिय है। इसके चhattisgarh समेत कई राज्यों में चैप्टर बने हैं। दिल्ली के जंतर मंतर पर NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन भी हो चुके हैं। युवा कोकरोच की वेशभूषा में प्रदर्शन कर रहे हैं। पार्टी का वेबसाइट एक बार डाउन होने का आरोप भी लगा, जिसे सरकार ने अस्वीकार किया।राजनीतिक विश्लेषक इसे Gen Z के असंतोष का प्रतीक मान रहे हैं। बेरोजगारी की दर, परीक्षा घोटालों और महंगाई ने युवाओं को मुख्यधारा की पार्टियों से दूर किया है। CJP ने इसी गुस्से को मीम्स, सटायर और डिजिटल भाषा में कैद कर लिया।
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क्या है आगे का रास्ता?
अभी तक CJP कोई औपचारिक राजनीतिक पार्टी नहीं बनी है, बल्कि एक डिजिटल मूवमेंट है। लेकिन इसका प्रभाव इतना बड़ा है कि मुख्यधारा की पार्टियां इसे नजरअंदाज नहीं कर पा रही हैं। यदि पाकिस्तानी फंडिंग या विदेशी हस्तक्षेप साबित होता है तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बन सकता है। वहीं, अगर यह शुद्ध भारतीय युवा आंदोलन साबित हुआ तो यह सिस्टम के लिए चेतावनी का सबक बनेगा।सरकार की जांच जारी है। परिणाम आने तक CJP युवाओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।



