टीएमसी के पूर्व मंत्री सुजीत बोस पर जनता का गुस्सा:
"चोर चोर" के नारे, समर्थकों का सन्नाटा
Published on: May 12, 2026
By: BTNI
Location: Kolkata, India
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की भारी चुनावी हार के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर केंद्रीय एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। नगरपालिका भर्ती घोटाले में नाम आने के बाद पूर्व मंत्री सुजीत बोस को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को कोर्ट में पेशी के बाद जब वे बाहर निकले तो आसपास जमा लोगों ने “चोर चोर” के नारे लगाए। यह दृश्य टीएमसी के लिए एक बड़े बदलाव का प्रतीक बन गया है।
पहले की तस्वीर बिल्कुल अलग थी। जब भी कोई टीएमसी नेता ईडी या अन्य एजेंसियों के दफ्तर पहुंचता था, तो पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जुट जाती थी। नारेबाजी, प्रदर्शन और नेता की “न्याय की लड़ाई” का पोस्टर बनाकर समर्थन जताया जाता था। लेकिन अब चुनावी हार के बाद यह समर्थन लगभग गायब नजर आ रहा है। सुजीत बोस की पेशी के दौरान भी कोई बड़ी भीड़ या पार्टी का समर्थन दिखाई नहीं दिया।
समर्थक क्यों गायब?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी न सिर्फ 2026 के विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना कर रही है, बल्कि उसका जनाधार भी तेजी से सिकुड़ता दिख रहा है। वर्षों से चले आ रहे भर्ती घोटालों, कथित भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों ने जनता में गुस्सा भर दिया है। सुजीत बोस पर दक्षिण दमदम नगरपालिका में 150 उम्मीदवारों की भर्ती में पैसे लेकर सिफारिश करने का आरोप है।
एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “पहले ये लोग सत्ता में थे तो डर के मारे सब चुप रहते थे। अब जनता खुलकर बोल रही है। ‘चोर चोर’ का नारा सिर्फ एक नेता के खिलाफ नहीं, पूरे सिस्टम के खिलाफ है।”
टीएमसी नेतृत्व ने अभी तक इस घटना पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह “राजनीतिक साजिश” है और वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
Also read-
- From Severe Acute Malnutrition to Normal Nutrition: Yaakshi Makes a Remarkable Recovery
- Three Members of Same Family Killed in Road Accident, Gahirabhedi Mourns
- Collector Reviews Departmental Work at Weekly Time-Limit Meeting in Rajnandgaon
- Green Farm House Theft Case Solved, Two Accused Arrested in Rajnandgaon
- Mayor Madhusudan Yadav Meets Family of Man Who Died in Gaurinagar Underbridge Accident
बदलता राजनीतिक समीकरण
पश्चिम बंगाल में हाल के चुनावी नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली टीएमसी अब जनता के बीच “चोरों की सरकार” के रूप में देखी जा रही है। कई जगहों पर पार्टी कार्यालयों पर हमले और कार्यकर्ताओं का मोहभंग भी देखा जा रहा है।
सुजीत बोस मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं है। यह उस बड़े बदलाव का प्रतीक है जिसमें टीएमसी के समर्थक अब मैदान में उतरने की बजाय चुपचाप घर बैठे नजर आ रहे हैं। क्या यह अस्थायी है या पार्टी के लिए लंबी चुनौती? समय बताएगा, लेकिन फिलहाल कोर्ट के बाहर “चोर चोर” के नारे टीएमसी के लिए चेतावनी की घंटी बन गए हैं।



