अमित शाह और विष्णु देव साय ने रायपुर में 400 अत्याधुनिक वाहनों को दिखाई हरी झंडी, 33 जिलों में विस्तार से स्मार्ट पुलिसिंग और त्वरित सहायता होगी मजबूत
नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112
Published on: May 18, 2026
By: BTNI
Location: Raipur, India
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में “नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112” सेवा के विस्तार का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 400 अत्याधुनिक डायल-112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों और 33 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह कार्यक्रम राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन सहायता और स्मार्ट पुलिसिंग को नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा।
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श्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे। उन्होंने इस कार्यक्रम में कहा कि डायल-112 सेवा अब पूरे प्रदेश में फैल रही है, जो नागरिकों को तत्काल और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इस पहल को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताया और कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से अपराध नियंत्रण, जांच और आपात स्थिति में प्रतिक्रिया तेज होगी।

सेवा का विस्तार और महत्व
पहले यह सेवा केवल 16 जिलों तक सीमित थी, लेकिन अब इसे राज्य के सभी 33 जिलों में विस्तारित किया जा रहा है। सभी जिला समन्वय केंद्रों को एकीकृत नेटवर्क से जोड़ा गया है। 24×7 संचालित होने वाली इस सेवा से पुलिस, फायर, मेडिकल इमरजेंसी, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, आपदा प्रबंधन और हाईवे इमरजेंसी जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
नागरिक अब वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से सहायता मांग सकेंगे। यह बहु-माध्यम दृष्टिकोण विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
अत्याधुनिक वाहनों की खासियतें
इन 400 वाहनों में आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं:
*स्मार्टफोन
*जीपीएस ट्रैकिंग
*वायरलेस रेडियो
*पीटीजेड कैमरा
*डैश कैमरा
*मोबाइल एनवीआर
*सोलर बैकअप
इनकी मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम वाहन ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित होगा। वाहन कर्मी मौके पर पहुंचकर तुरंत कार्रवाई कर सकेंगे, जिससे प्रतिक्रिया समय काफी कम हो जाएगा।
मोबाइल फॉरेंसिक वैन: वैज्ञानिक जांच का नया आयाम

कार्यक्रम में 33 मोबाइल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरीज (एक-एक प्रत्येक जिले के लिए) भी लॉन्च की गईं। ये वैन अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हैं, जो अपराध स्थल पर ही प्रारंभिक सबूत संग्रह, फिंगरप्रिंट, डीएनए सैंपलिंग और अन्य फॉरेंसिक जांच की सुविधा देंगे। इससे राज्य लैबोरेटरीज पर बोझ कम होगा और जांच प्रक्रिया तेज होगी, खासकर दूरदराज के जिलों में।
छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारी बताते हैं कि 2018 से संचालित डायल-112 सेवा ने अब तक लाखों नागरिकों को आपात स्थिति में मदद पहुंचाई है। नए विस्तार से इसकी क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
राज्य सरकार की दूरदर्शिता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुरक्षा और विकास को साथ-साथ बढ़ावा दे रही है। इस पहल से न केवल अपराध दर पर नियंत्रण रहेगा, बल्कि नागरिकों का पुलिस पर विश्वास भी बढ़ेगा। स्मार्ट पुलिसिंग के तहत तकनीक का उपयोग पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।केंद्रीय गृह मंत्रालय के सहयोग से यह परियोजना लागू की गई है। अमित शाह ने इस दौरान बस्तर विकास मॉडल और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी यह सेवा शांति और विकास को मजबूत करेगी।
नागरिकों के लिए फायदे

त्वरित पहुंच: घटना की सूचना देते ही निकटतम वाहन रवाना हो जाएगा।
लाइव मॉनिटरिंग: कंट्रोल रूम से पूरे ऑपरेशन की निगरानी।
फॉरेंसिक सपोर्ट: मौके पर वैज्ञानिक जांच से सबूत सुरक्षित रहेंगे।
बहु-भाषी और बहु-माध्यम: हर वर्ग के नागरिक आसानी से मदद मांग सकेंगे।
यह सेवा छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करेगी जहां इमरजेंसी रिस्पॉन्स पूरी तरह टेक्नोलॉजी-सक्षम है।
निष्कर्ष
“नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112” का विस्तार मात्र एक लॉन्च नहीं, बल्कि राज्य में सुरक्षित और स्मार्ट छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। अमित शाह और विष्णु देव साय के संयुक्त प्रयास से प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आपातकालीन सेवाएं नई मिसाल कायम करेंगी। नागरिकों को अब किसी भी आपात स्थिति में एक नंबर (112) पर भरोसा करने की जरूरत है।
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