कांतारा विवाद का अंत कैसे हुआ?
Published on: May 26, 2026
By: BTNI
Location: Mysore, India
बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह ने आज मैसूर के प्रसिद्ध चामुंडेश्वरी मंदिर में पहुंचकर देवी चामुंडेश्वरी के समक्ष माफी मांगी। यह दौरा कर्नाटक हाईकोर्ट के निर्देश पर हुआ, जो ‘कांतारा’ फिल्म से जुड़े विवाद को सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। सूत्रों के अनुसार, रणवीर का यह विजिट लो-कीप था। वे सुबह करीब 7:30 बजे मंदिर पहुंचे, सामान्य भक्त की तरह कतार में खड़े हुए, गर्भगृह में प्रवेश किया, विशेष पूजा की और देवी से क्षमा याचना की। मंदिर के पुजारी सुनील ने उन्हें गर्भगृह तक ले गए। इस दौरान दीपिका पादुकोण उनके साथ नहीं थीं।
क्या था पूरा मामला? विवाद की शुरुआत
कहानी की शुरुआत नवंबर 2025 में गोवा के 55वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) की समापन समारोह से हुई। रणवीर सिंह मंच पर रिषभ शेट्टी की तारीफ करते हुए ‘कांतारा: चैप्टर 1’ फिल्म के क्लाइमेक्स सीन की नकल करने लगे। फिल्म में रिषभ शेट्टी द्वारा निभाया गया दैव (भूत कोला) का किरदार कर्नाटक-तुडु संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें देवी चामुंडी या चावुंडी का आविष्ट रूप दिखाया गया है।रणवीर ने इस दैव को “female ghost” (महिला भूत) कहा और रिषभ शेट्टी की अदाकारी की नकल की।
हालांकि मंच पर मौजूद दर्शकों ने तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद तूफान आ गया। कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया। हिंदू जनजागृति समिति (HJS) समेत कई संगठनों ने शिकायत दर्ज कराई। कर्नाटक में FIR दर्ज हुई, जिसमें रणवीर पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया गया।

कई कन्नड़ संगठनों और स्थानीय लोगों ने इसे कर्नाटक की लोक संस्कृति और देवी-दैव परंपरा का अपमान माना। ‘कांतारा’ फिल्म ने 2022 में रिलीज होकर जबरदस्त सफलता पाई थी और दैव-भूत कोला की परंपरा को देशभर में लोकप्रिय बनाया था। रिषभ शेट्टी ने भी इस पर अप्रत्यक्ष प्रतिक्रिया दी थी। विवाद इतना बढ़ा कि रणवीर को सार्वजनिक माफी नामक बयान जारी करना पड़ा। उन्होंने कहा, “अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं sincerely माफी मांगता हूं।” लेकिन यह काफी नहीं था।
कोर्ट में क्या हुआ?
रणवीर सिंह ने कर्नाटक हाईकोर्ट में FIR रद्द करने के लिए याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनकी हरकत को “insensitive” और “gross ignorance” बताया। कोर्ट ने उन्हें कर्नाटक का “दामाद” कहकर फटकार लगाई क्योंकि उनकी पत्नी दीपिका पादुकोण बेंगलुरु की हैं। मार्च 2026 में रणवीर ने अनकंडीशनल अपॉलजी देने और चामुंडी हिल्स स्थित मंदिर जाने की पेशकश की। अप्रैल 2026 में हाईकोर्ट ने उनकी माफी स्वीकार कर ली और FIR रद्द कर दी, लेकिन शर्त रखी कि वे चार हफ्तों के अंदर चामुंडेश्वरी मंदिर जाकर देवी से माफी मांगें।कोर्ट ने कहा कि यह विवाद सुलझने की राह पर है। रणवीर ने कोर्ट में हलफनामा दायर किया जिसमें उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की।
आज का दौरा और महौल
26 मई 2026 को रणवीर सिंह ने कोर्ट के आदेश का पालन किया। विजिट लो-प्रोफाइल रखा गया। कोई भारी सुरक्षा या मीडिया नहीं था। उन्होंने मंदिर में दर्शन किए, फर्श पर बैठकर प्रार्थना की और देवी के समक्ष क्षमा याचना की। मंदिर अधिकारियों ने बताया कि वे करीब 10 मिनट तक गर्भगृह में रहे। यह दौरा ‘देर आए दुरुस्त आए’ वाली कहावत को चरितार्थ करता दिखा।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं मिश्रित हैं। कुछ यूजर्स ने रणवीर की तारीफ की कि उन्होंने गलती सुधारी, जबकि कुछ ने इसे डैमेज कंट्रोल बताया। इस बीच रणवीर ‘धुरंधर’ फिल्म और ‘डॉन 3’ से जुड़े विवादों (फरहान अख्तर के साथ) से भी जूझ रहे हैं। FWICE ने उन पर नॉन-कोऑपरेशन का बैन लगाया है, लेकिन मंदिर विजिट ने कम से कम कांतारा विवाद को शांत करने की कोशिश की है।
VIDEO LINK- https://x.com/i/status/2059225284277322111
सांस्कृतिक संवेदनशीलता का सबक
यह पूरा मामला बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय सिनेमा के बीच सांस्कृतिक समझ की कमी को उजागर करता है। ‘कांतारा’ जैसी फिल्में लोक परंपराओं को मुख्यधारा में लाती हैं, लेकिन उनका गलत प्रतिनिधित्व या हल्के में लेना विवाद पैदा कर सकता है। रणवीर की नकल का इरादा शायद प्रशंसा का था, लेकिन शब्द चयन (“female ghost”) और संदर्भ की कमी ने नुकसान पहुंचाया।कर्नाटक में दैव-भूत कोला एक जीवित परंपरा है, जो देवी चामुंडेश्वरी से जुड़ी है। चामुंडी हिल्स का मंदिर हजारों वर्ष पुराना है और कर्नाटक की आस्था का केंद्र है। रणवीर का मंदिर जाना न केवल कानूनी अनुपालन था बल्कि सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक भी।
रणवीर सिंह की करियर पर असर
रणवीर सिंह अपनी एनर्जी और विविध भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं। ‘पद्मावत’, ‘सिम्बा’, ’83’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है। लेकिन विवाद उनके इमेज को प्रभावित करते हैं। दीपिका पादुकोण के साथ उनका रिश्ता मजबूत माना जाता है, लेकिन इस विजिट में उनकी अनुपस्थिति पर भी चर्चा हुई।आज का माहौल शांत दिख रहा है। कोर्ट के फैसले और मंदिर विजिट के बाद FIR रद्द होने से रणवीर को कानूनी राहत मिल गई है। लेकिन सोशल मीडिया पर “Boycott Ranveer” जैसे ट्रेंड कभी-कभी उभरते रहते हैं।
निष्कर्ष
रणवीर सिंह का चामुंडेश्वरी मंदिर दौरा विवाद की समाप्ति का प्रतीक है। ‘देर आए दुरुस्त आए’ – उन्होंने समय पर अपनी गलती मान ली और सुधारने की कोशिश की। यह घटना बॉलीवुड कलाकारों को याद दिलाती है कि सांस्कृतिक संवेदनशीलता कितनी जरूरी है, खासकर जब कोई क्षेत्रीय फिल्म या परंपरा को टच किया जाए।कांतारा विवाद अब बंद फाइल बन चुका है, लेकिन इससे मिले सबक लंबे समय तक याद रहेंगे। रणवीर अब अपनी आगामी फिल्मों पर फोकस करेंगे, उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे विवाद न दोहराए जाएं। देवी चामुंडेश्वरी की कृपा से उनका करियर फिर से पटरी पर लौटे – यही कामना है।
ALSO READ-
- From Forest Trails to Swimming Pools: Summer Sports Camp Giving Wings to Baiga Children’s Dreams
- Chhattisgarh CM Orders Suspension of Durg Janpad CEO Over Misconduct with Public
- Adequate Fertiliser and Seed Stocks Ensured for Kharif Season in Korba
- Water Conservation Drive Creating Employment Opportunities as ‘Mor Gaon, Mor Taria’ Campaign Transforms Rural Areas
- केदारनाथ यात्रा पर अस्थाई रोक



