राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कराया ऐतिहासिक अनुष्ठान,
दूसरे तल पर 150 किलोग्राम वजनी स्वर्ण जड़ित ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना की।
नवरात्रि में आध्यात्मिक पूर्णता का संदेश
Published on: March 18, 2026
By: BTNI
Location: Lucknow/Ayodhya, India
अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर में गुरुवार को एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान संपन्न हुआ, जब द्रौपदी मुर्मू ने मंदिर के दूसरे तल पर 150 किलोग्राम वजनी स्वर्ण जड़ित ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना की। वैदिक मंत्रोच्चार और अभिजीत मुहूर्त में सम्पन्न इस धार्मिक कार्यक्रम में देशभर से आए संत-महात्मा, विद्वान और हजारों श्रद्धालु साक्षी बने।
यह श्रीराम यंत्र विशेष रूप से वैदिक गणितीय संरचना और बीज मंत्रों से निर्मित है, जिसे मंदिर को दिव्य ऊर्जा का केंद्र बनाने वाला माना जा रहा है। इस आयोजन के साथ राम मंदिर को आध्यात्मिक दृष्टि से पूर्णता मिलने की बात कही जा रही है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस अवसर को चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के साथ जोड़कर विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया है। देश के विभिन्न समाचार माध्यमों—चाहे वह यूपी का क्षेत्रीय मीडिया हो या राष्ट्रीय स्तर के चैनल—सभी ने इस आयोजन को “नए आध्यात्मिक युग की शुरुआत” और “राम मंदिर के ऊर्जा केंद्र बनने” के रूप में प्रमुखता से प्रकाशित किया है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने इस अवसर पर देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने इसे दिव्यता और सकारात्मक ऊर्जा के विस्तार का प्रतीक बताया। कुल मिलाकर यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था, बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय भावनाओं का भी बड़ा प्रतीक बनकर उभरा है।
अयोध्या में ‘श्रीराम यंत्र’ स्थापना: राम मंदिर में नया आध्यात्मिक अध्याय
ऐतिहासिक अनुष्ठान
अयोध्या के राम मंदिर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दूसरे तल पर 150 किलो स्वर्ण जड़ित ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना की।
वैदिक विधि से स्थापना
यह अनुष्ठान अभिजीत मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ, जिसमें देशभर के संत-महात्मा शामिल हुए।
क्या है श्रीराम यंत्र
श्रीराम यंत्र वैदिक गणित और बीज मंत्रों पर आधारित एक विशेष संरचना है, जिसे मंदिर को दिव्य ऊर्जा केंद्र बनाने वाला माना जाता है।

नवरात्रि से जुड़ा महत्व
इस आयोजन को चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के साथ जोड़कर एक नए आध्यात्मिक आरंभ के रूप में देखा जा रहा है।
बड़े नेताओं की मौजूदगी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मीडिया में प्रमुख कवरेज
यूपी और राष्ट्रीय मीडिया ने इसे “ऐतिहासिक क्षण” और “आध्यात्मिक युग की शुरुआत” बताते हुए प्रमुखता से प्रकाशित किया।
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आध्यात्मिक पूर्णता का संदेश
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, इस यंत्र की स्थापना से राम मंदिर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा।


