NEET पेपर लीक विवाद में भड़का बड़ा मीडिया vs डिजिटल एजुकेशन clash
Published on: May 31, 2026
By: BTNI
Location: New Delhi, India
हाल के दिनों में टीवी एंकर अंजना ओम कश्यप और ऑनलाइन कोचिंग देने वाले लोकप्रिय शिक्षकों के बीच तीखा विवाद छिड़ गया है। यह विवाद NEET-UG 2026 पेपर लीक घोटाले के बीच उभरा, जिसमें लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लग गया। अंजना ने डिबेट में यूट्यूब स्टार टीचर्स को “दो कौड़ी का ज्ञान” वाला, “बिजनेस चलाने वाले”, “फ्रॉड” और “सेलिब्रिटी टीचर्स” करार दिया, जिसके बाद पूरे देश के ऑनलाइन शिक्षक एकजुट होकर उनके खिलाफ खड़े हो गए हैं।
पूरा मामला क्या है?
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन कुछ दिनों बाद एक “गेस पेपर” वायरल हुआ जिसमें करीब 140 सवाल असली पेपर से मैच कर गए। पेपर लीक के आरोप में कोचिंग हब्स से प्रोफेसर्स और अंदरूनी लोगों की गिरफ्तारियां हुईं। परीक्षा रद्द कर दी गई। इस दौरान कई लोकप्रिय यूट्यूब शिक्षक — जैसे खान सर, अभिनय शर्मा, सुमन सुर्यवंशी आदि — ने सरकार, NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) और कोचिंग माफिया पर सवाल उठाए। उन्होंने छात्रों के पक्ष में आवाज उठाई, फ्री/सस्ती शिक्षा का महत्व बताया और सिस्टम की खामियों को उजागर किया।
इसी बीच आजतक के शो में अंजना ओम कश्यप ने इन शिक्षकों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये “यूट्यूब वाले स्टार टीचर्स” खुद कुछ नहीं जानते, ब्लैकबोर्ड लेकर सनसनीखेज एक्सप्लेनर वीडियो बनाते हैं, सिर्फ व्यूज के लिए बिजनेस चलाते हैं, मासूम बच्चों और माता-पिता की मेहनत की कमाई लूटते हैं। उन्होंने इन्हें “छिछले यूट्यूबर” और “शिक्षा को धंधा बनाने वाले” बताया। अंजना का तर्क था कि असली हीरो छात्र हैं, और ये टीचर पेपर लीक पर बोलकर अपनी स्टारडम बचाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बयान वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। लाखों छात्र, अभिभावक और शिक्षक नाराज हो गए।

शिक्षकों की प्रतिक्रिया
अभिनय शर्मा (अभिनय माथ्स): सबसे तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकारी नौकरियां छोड़कर लाखों छात्रों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी। अंजना जैसे लोग नफरत फैलाते हैं, जबकि हम बच्चों का भविष्य बनाते हैं।
खान सर और अन्य टीचर्स: एक-एक कर वीडियो जारी कर अंजना को जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने पोस्ट-COVID में ग्रामीण और गरीब छात्रों तक शिक्षा पहुंचाई, जहां महंगी कोचिंग का सहारा नहीं था।
अन्य शिक्षक: अलख पांडे (Physics Wallah), अवध ओझा आदि का नाम भी चर्चा में है। शिक्षक समुदाय ने इसे “मेनस्ट्रीम मीडिया vs डिजिटल टीचर्स” का मुद्दा बनाया है।
यूजर के उल्लेख के अनुसार, गगन प्रताप (लोकप्रिय मैथ्स टीचर) पर अभी तक बड़ी आवाज नहीं आई, जबकि वे अक्सर विवादास्पद टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। कई लोग उन्हें “खास पार्टी की चाटुकारिता” करने वाला बताते हैं, लेकिन इस मुद्दे पर उनका मौन ध्यान खींच रहा है।
दोनों पक्षों के तर्क
अंजना ओम कश्यप का पक्ष: कुछ यूट्यूब टीचर्स सनसनी फैलाकर व्यूज कमाते हैं, छात्रों को गुमराह करते हैं, महंगे कोर्स बेचते हैं। कोचिंग माफिया पर नकेल कसने की जरूरत है। टीवी डिबेट में उन्होंने पैनलिस्ट्स के साथ मिलकर शिक्षा को धंधा बनाने वालों पर हमला बोला। उन्होंने बाद में पोस्ट भी किया कि उनके शो में कोचिंग माफिया पर चर्चा हुई।
टीचर्स और छात्रों का पक्ष: ऑनलाइन शिक्षकों ने करोड़ों युवाओं को सस्ती, गुणवत्ता वाली कोचिंग दी। Physics Wallah, Unacademy, Khan GS आदि ने लाखों छात्रों को IIT, NEET, UPSC जैसे एग्जाम्स में सफलता दिलाई। महंगी ऑफलाइन कोचिंग (लाखों रुपये) के मुकाबले यूट्यूब/ऑनलाइन सस्ता विकल्प है। टीचर्स कहते हैं कि मेनस्ट्रीम मीडिया TRP के लिए सनसनी फैलाता है, जबकि हम पढ़ाते हैं। NEET लीक में कोचिंग माफिया तो शामिल है, लेकिन सभी ऑनलाइन टीचर्स को दोषी ठहराना गलत है।
यह विवाद शिक्षा प्रणाली की गहरी समस्या को उजागर करता है — महंगी कोचिंग कल्चर, पेपर लीक, बेरोजगारी और डिजिटल vs ट्रेडिशनल मीडिया की टकराहट। पोस्ट-COVID में ऑनलाइन एजुकेशन ने क्रांति लाई, लेकिन कुछ मामलों में क्वालिटी और कमर्शियलाइजेशन की शिकायतें भी हैं।
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अभी क्या चल रहा है?
सोशल मीडिया पर #AnjanaOmKashyap, #YouTubeTeachers, #TeachersVsGodiMedia जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। टीचर्स लगातार वीडियो जारी कर जवाब दे रहे हैं। छात्र अंजना के खिलाफ ट्रोलिंग और मीम्स बना रहे हैं। अंजना ने भी डिफेंड किया कि वे कोचिंग माफिया के खिलाफ हैं, न कि सभी टीचर्स के।कई शिक्षक अब अंजना से माफी की मांग कर रहे हैं। यह मामला बड़े स्तर पर शिक्षा नीति, मीडिया की जिम्मेदारी और डिजिटल कंटेंट रेगुलेशन पर बहस छेड़ रहा है।
निष्कर्ष
यह विवाद सिर्फ दो पक्षों की लड़ाई नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था की खामियों का आईना है। जहां एक ओर पारंपरिक मीडिया सिस्टम की कमियों को छुपाने की कोशिश करता नजर आता है, वहीं ऑनलाइन टीचर्स लाखों युवाओं के सपनों को सस्ते में जोड़ रहे हैं। छात्रों का भविष्य सबसे ऊपर है — पेपर लीक जैसी घटनाएं न दोहराई जाएं, यही मांग सभी की है।



