उत्तरप्रदेश सरकार ने मामला सीबीआई को सौंपा
Published on: April 17, 2026
By: BTNI
Location: Lucknow, India
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आज (17 अप्रैल 2026) एक महत्वपूर्ण आदेश में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह मामला राहुल गांधी पर कथित दोहरी नागरिकता (ब्रिटिश नागरिकता) रखने के आरोप से जुड़ा है।
पूरा मामला क्या है?
भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर (कर्नाटक) ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया था कि वे भारतीय नागरिकता के साथ-साथ ब्रिटिश नागरिकता भी रखते हैं। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि राहुल गांधी ने ब्रिटेन की नागरिकता छिपाई है, जो भारत के कानूनों का उल्लंघन है।
उन्होंने रायबरेली जिले के कोतवाली पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (318, 335, 340, 236, 237, 61, 148, 147, 152, 238, 336(3), 351), आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम 1923 की धारा 3, 5 एवं 6, पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 12 एवं 13 तथा विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14(B) और 14(C) के तहत कार्रवाई की मांग की गई थी।

निचली अदालत का फैसला: 28 जनवरी 2026 को लखनऊ की स्पेशल MP/MLA कोर्ट (ACJM आलोक वर्मा) ने याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि नागरिकता/राष्ट्रीयता का मुद्दा तय करने का अधिकार अदालत को नहीं है और याचिका “प्रक्रिया का दुरुपयोग” है।
हाईकोर्ट में चुनौती: विग्नेश शिशिर ने निचली अदालत के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में चुनौती दी। कोर्ट ने केंद्र सरकार को पार्टी बनाया और गृह मंत्रालय (MHA) से पूरा रिकॉर्ड तलब किया। मार्च 2026 में कोर्ट ने MHA से 2019 का नोटिस और संबंधित फाइलें मांगीं।
अप्रैल 2026 की सुनवाई: 6 अप्रैल को चेंबर (इन-कैमरा) सुनवाई हुई (केंद्र ने मामले को ‘संवेदनशील’ बताया था)। जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने रिकॉर्ड की जांच फिलहाल टाल दी और 15 अप्रैल को अगली तारीख दी। आज (17 अप्रैल) सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली।
आज का आदेश (17 अप्रैल 2026)
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने याचिकाकर्ता की मांग मंजूर करते हुए रायबरेली कोतवाली पुलिस को राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का स्पष्ट आदेश दिया। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच CBI को ट्रांसफर करने की अनुमति मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अब UP पुलिस या CBI जांच करेगी।

याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने खुद X (ट्विटर) पर लिखा: “यह लैंडमार्क और ऐतिहासिक फैसला है। हाईकोर्ट ने मेरी याचिका स्वीकार कर ली और कोतवाली पुलिस, रायबरेली को राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया कि उन्होंने टॉप सीक्रेट फाइलें कोर्ट में पेश करने की अनुमति दी।
क्यों माना जा रहा है यह मामला गंभीर?
यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है क्योंकि आरोप है कि लोकसभा सांसद (रायबरेली) विदेशी नागरिकता छिपा रहे हैं।
अगर आरोप साबित हुए तो राहुल गांधी की संसद सदस्यता पर असर पड़ सकता है (कानूनी प्रावधानों के तहत)।
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि राहुल गांधी ने लंदन एड्रेस के साथ ब्रिटिश कंपनी फाइलिंग में खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया था।
Also read-
- Suspicious Death of 32-Year-Old Man Sparks Sensation in Rajnandgaon’s Deendayal Upadhyay Nagar
- Collector Inspects Rural Roads Amid Rising Complaints Over Poor Condition in Rajnandgaon
- Rajnandgaon District Hospital Receives FSSAI 5-Star Eat Right Campus Certification
- From Severe Acute Malnutrition to Normal Nutrition: Yaakshi Makes a Remarkable Recovery
- Three Members of Same Family Killed in Road Accident, Gahirabhedi Mourns



