राजनीतिक घमासान तेज
राज्यसभा सीटें बेचने और पंजाब को लूटने का गंभीर आरोप लगाया
Published on: May 22, 2026
By: BTNI
Location: New Delhi/Chandigarh, India
हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी पर राज्यसभा सीटें बेचने और पंजाब को लूटने का गंभीर आरोप लगाया, राजनीतिक घमासान तेज नई दिल्ली/चंडीगढ़, 22 मई 2026: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी ने राज्यसभा सीटें बेचीं और पंजाब की जनता को लूटा है। यह आरोप हालिया दलबदल के बाद सामने आया है, जब हरभजन सिंह समेत AAP के सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा। इस घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति को पूरी तरह हिला दिया है।
क्या कहा हरभजन सिंह ने?
20 मई 2026 को एक सोशल मीडिया इंटरैक्शन के दौरान हरभजन सिंह ने AAP पर तीखा हमला बोला। एक AAP समर्थक द्वारा पंजाब के लंबित ग्रामीण विकास कोष (Rural Development Fund) की बकाया राशि जारी करने की अपील पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि AAP ने पंजाब को लूट खाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने राज्यसभा सीटें निजी स्वार्थ के लिए बेचीं और पंजाब की जनता को धोखा दिया।

हरभजन सिंह ने दावा किया कि AAP की नीतियां पंजाब के हितों के खिलाफ रही हैं। उन्होंने पार्टी पर आरोप लगाया कि कुछ नेताओं को “पैराशूट कैंडिडेट” के रूप में राज्यसभा भेजा गया, जिसके बदले में कुछ “लाभ” लिए गए। उन्होंने कहा कि AAP ने पंजाब की जनता का विश्वास तोड़ा और अब भाजपा में शामिल होकर वे पंजाब के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।
पृष्ठभूमि: AAP में बड़ा दलबदल
24 अप्रैल 2026 को AAP के सात राज्यसभा सांसदों — राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत साहनी — ने पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी घोषणा की। उन्होंने AAP पर आरोप लगाया कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से भटक गई है।यह दलबदल AAP के लिए बड़ा झटका था क्योंकि कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 चले गए। राज्यसभा चेयरमैन ने इस मर्जर को स्वीकार कर लिया, जिससे वे अब भाजपा संसदीय दल के सदस्य बन गए। AAP ने एंटी-डिफेक्शन कानून के तहत इन सांसदों की अयोग्यता के लिए याचिका दायर की है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है।
AAP का पलटवार
AAP और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन सांसदों को “गद्दार” बताया। मान ने आरोप लगाया कि भाजपा डर, लालच और दबाव का इस्तेमाल कर AAP को तोड़ रही है। उन्होंने कहा कि ये नेता पंजाब के जनादेश के साथ गद्दारी कर रहे हैं।दलबदल के तुरंत बाद AAP कार्यकर्ताओं ने जालंधर में हरभजन सिंह के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। दीवारों पर “गद्दार” और “पंजाब का गद्दार” लिखा गया। इसी तरह अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता के घरों के बाहर भी विरोध हुआ। AAP कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिन नेताओं को पार्टी ने सम्मान देकर राज्यसभा भेजा, उन्होंने निजी स्वार्थ के लिए विचारधारा बेच दी।
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सुरक्षा विवाद और हाईकोर्ट
दलबदल के बाद पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली, जिसे उन्होंने राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने पंजाब सरकार को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और अत्यधिक पुलिस तैनाती पर सवाल उठाए।
राजनीतिक महत्व
यह घटनाक्रम 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले महत्वपूर्ण है। AAP पंजाब में सत्ता में है, लेकिन यह टूट उसके संगठन को कमजोर कर सकती है। हरभजन सिंह 2022 में AAP टिकट पर राज्यसभा पहुंचे थे। उनकी उपस्थिति राज्यसभा में औसत (लगभग 28%) रही थी।हरभजन सिंह अब पंजाब के ग्रामीण विकास कोष (7,000-9,000 करोड़ रुपये की बकाया) जैसे मुद्दों को उठाने का वादा कर रहे हैं, जो केंद्र-पंजाब विवाद से जुड़ा है।
दोनों पक्षों के दावे
हरभजन सिंह/AAP छोड़ने वाले: पार्टी मूल्यों से भटक गई, पंजाब को लूटा, सीटें बेचीं।
AAP: भाजपा ने Operation Lotus चलाकर पार्टी तोड़ी, गद्दारी हुई।
यह मामला पंजाब की राजनीति में लंबे समय तक गूंजने वाला है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। जनता अब देख रही है कि यह दलबदल पंजाब के विकास के लिए फायदेमंद साबित होता है या सिर्फ सत्ता की होड़ है।



