भगवा आतंकवाद का झूठा आरोप लगाकर प्रताड़ित किए गए थे कर्नल पुरोहित
अब मिली नई पहचान
Published on: April 10, 2026
By: BTNI
Location: New Delhi, India
भारतीय सेना के अधिकारी श्रीकांत पुरोहित को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय सामने आया है। जानकारी के अनुसार, अब उन्हें ब्रिगेडियर के पद पर पदोन्नत किया गया है और उनका सेवाकाल, जो मार्च 2026 में समाप्त होना था, अब बढ़ाकर वर्ष 2028 तक कर दिया गया है। इस फैसले को उनके समर्थक “न्याय की दिशा में बड़ा कदम” मान रहे हैं।
पृष्ठभूमि:
लंबे विवाद और आरोपों का दौरश्रीकांत पुरोहित का नाम वर्ष 2008 के मालेगांव ब्लास्ट 2008 मामले में सामने आया था, जिसमें उन पर कथित “भगवा आतंकवाद” से जुड़े आरोप लगाए गए थे। उस समय केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार थी और यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर बेहद चर्चित रहा।इस प्रकरण में प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित कई अन्य आरोपियों के साथ पुरोहित को भी गिरफ्तार किया गया था। उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा और उनके सैन्य करियर पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा।
कानूनी प्रक्रिया और राहतकई वर्षों तक चली जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद, अदालतों ने पुरोहित को राहत दी। उन्हें जमानत मिली और धीरे-धीरे उनके खिलाफ लगाए गए कई आरोप कमजोर पड़ते गए। इस दौरान यह भी सवाल उठे कि क्या जांच और कार्रवाई में राजनीतिक प्रभाव रहा था।सेना में वापसी और अब पदोन्नति जमानत मिलने के बाद श्रीकांत पुरोहित ने भारतीय सेना में अपनी सेवा फिर से शुरू की।

अब हालिया फैसले में उन्हें ब्रिगेडियर पद पर पदोन्नत किया जाना और सेवा अवधि बढ़ाया जाना, उनके करियर की एक महत्वपूर्ण पुनर्स्थापना के रूप में देखा जा रहा है।समर्थकों की प्रतिक्रियासोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर बड़ी संख्या में लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूज़र्स इसे “देरी से मिला न्याय” बता रहे हैं और मानते हैं कि एक सैन्य अधिकारी के साथ जो हुआ, वह चिंताजनक था।
वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा और जवाबदेही तय होना अभी बाकी है।निष्कर्षश्रीकांत पुरोहित का मामला भारतीय न्याय व्यवस्था, जांच एजेंसियों और राजनीति के जटिल संबंधों का एक बड़ा उदाहरण रहा है। ब्रिगेडियर के रूप में उनकी नई भूमिका न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की पुनर्बहाली है, बल्कि यह मामला आने वाले समय में भी बहस का विषय बना रहेगा।
कसाब को हिन्दू साबित कर भगवा आतंकवाद की झूठी और गंदी मंशा रखने वाले कर्नल पुरोहित की इस सेवा वृद्धि है कदापि खुश नहीं होंगे लेकिन बहुसंख्यक आबादी और राष्ट्रवादी लोग इसे सत्यमेव जयते बताते हुए वसुदेव कुटुम्बकम के सिद्धांतों वाले भारत के वीर सपूत कर्नल पुरोहित को बधाईयां एवं शुभकामनाएं देने लगे हैं।
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