यह वारदात पूरी तरह से संकेत करती है कि बंगाल में बदलाव हो चूका है
Published on: May 02, 2026
By: BTNI
Location: Kolkata, India
कोलकाता के भवानीपुर में एक दिलचस्प और आश्चर्यजनक घटना घटी है। बंगाल का सेल्फ-स्टाइल्ड “टाइगर” गरगा चटर्जी, जो बंगला पोख्खो के प्रमुख हैं, हमेशा बंगाली अस्मिता की बात करते रहे। “बाहर वाले” (outsiders) को धमकाने, CRPF और सेंट्रल फोर्सेज को “बोहरागतो” (अजनबी) बताकर गालियां देने और विभाजनकारी भाषण देने में उनका करियर चमका।
लेकिन अब वही टाइगर (म्याऊं!) भाग रहा है।भवानीपुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान स्थानीय बंगालियों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। चारों तरफ नारेबाजी शुरू हो गई — “चोर चोर!”। गरगा चटर्जी, जो सोशल मीडिया पर शेर की तरह दहाड़ते हैं, वहां पूरी तरह शांत और सहमे हुए नजर आए।
भीड़ की नारेबाजी बढ़ती गई तो वे उसी CRPF और सेंट्रल फोर्सेज की सुरक्षा में जा घुसे, जिन्हें वे पहले “बंगाल से बाहर रखो” कहते थे।वो कल: “CRPF outsiders हैं, इन्हें यहां कोई जरूरत नहीं!”वो आज: “बचाओ… इनके पीछे छिप जाऊं!”यह घटना वीडियो के रूप में तेजी से वायरल हो रही है।
X (Twitter), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लोग इसे शेयर कर रहे हैं। विपक्षी खेमे में इसे “कर्म का फल” और “बंगाल में हवा बदल रही है” के रूप में देखा जा रहा है। TMC समर्थक या उनके समर्थक इसे विपक्षी साजिश या छोटी घटना बताते हैं, लेकिन तस्वीर साफ है — जो लोगों को विभाजित करने और धमकाने का काम करता था, आज खुद स्थानीय लोगों के गुस्से से बचने के लिए केंद्रीय बलों की दीवार के पीछे छिप गया।
गरगा चटर्जी बंगाली हितों की लड़ाई लड़ने का दावा करते रहे, लेकिन उनके खिलाफ गोरखा, बिहारी और अन्य समुदायों पर विवादित बयानों के आरोप भी लगते रहे। हाल ही में फर्जी दस्तावेज मामले में भी उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई है।
सबक: जब जनता का गुस्सा फूटता है, तो सबसे तेज बोलने वाला भी चुप हो जाता है। बंगाल में इस घटना को लेकर चर्चा तेज है कि क्या सचमुच जनता अब पुरानी राजनीति से ऊब चुकी है? “टाइगर” अब “म्याऊं” बनकर सेंट्रल फोर्स की ओट में खड़ा है — यह तस्वीर खुद कहानी कह रही है।यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि बंगाल की बदलती राजनीतिक हवा, पहचान की राजनीति और एण्टी इनकम्बेंसु anti-incumbency की एक मिसाल बन गई है।सच तो यह है — शेर जब अपने ही इलाके में “चोर” के नारों से भागे, तो समझ लो कि मैदान अब बदल रहा है।
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