चुनाव आयोग की सख्ती, टीएमसी का पलटवार
Published on: February 23, 2026
By: BTNI
Location: Kolkata/ New Delhi, India
भारत के चुनाव आयोग Election Commission of India (ECI) और All India Trinamool Congress (टीएमसी) के बीच मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर तकरार तेज हो गई है। आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) पर किसी भी प्रकार का दबाव, धमकी या राजनीतिक प्रभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“दखलअंदाजी अस्वीकार्य”आयोग का कहना है कि मृत, स्थानांतरित (शिफ्टेड) या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से चलनी चाहिए। एक अहम बैठक में ECI ने टीएमसी के आरोपों को “बिना सबूत के दावे” बताया और कहा कि पार्टी अपने सुझाव 9 दिसंबर के बाद दे सकती है, जब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट उपलब्ध कराई जाएगी।
आयोग ने दोहराया कि BLOs, EROs और DEOs—जो राज्य सरकार के कर्मचारी हैं—उनके कार्य में किसी भी प्रकार की दखलअंदाजी स्वीकार नहीं होगी।
सुरक्षा में सेंध, दफ्तर शिफ्ट करने के निर्देशबैठक के दौरान आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय में हालिया सुरक्षा चूक का गंभीर संज्ञान लिया। ECI ने कार्यालय को अधिक सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। साथ ही Kolkata Police के कमिश्नर और राज्य के DGP को पुराने और नए दोनों कार्यालयों की सुरक्षा पुख्ता करने को कहा गया है।
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टीएमसी का तीखा हमलानिर्देशों के तुरंत बाद टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ECI चुनिंदा जानकारी लीक कर रहा है और बैठक में उठाए गए सवालों के बजाय “मनगढ़ंत दावे” पेश कर रहा है। उन्होंने आयोग के बयानों को “पूरी तरह झूठ” करार दिया।
राजनीतिक तापमान बढ़ामतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के बीच यह टकराव राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। एक ओर आयोग पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दे रहा है, वहीं टीएमसी इसे राजनीतिक दबाव की रणनीति बता रही है। आने वाले दिनों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद विवाद और तेज होने के आसार हैं।



