ग्राम विकास पखवाड़ा 12 से 26 जनवरी तक चलेगा; युवा, जनभागीदारी और सांस्कृतिक स्वाभिमान पर विशेष फोकस – राष्ट्र निर्माण का नया संकल्प
Published on: January 12, 2025
By: BTNI
Location: Bhopal, India
स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) के अवसर पर मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘ग्रामोदय से अभ्युदय मध्यप्रदेश’ अभियान का शानदार शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में इसकी शुरुआत की, जिसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर और अन्य प्रमुख अतिथि उपस्थित रहे।

यह अभियान 12 जनवरी से 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) तक ‘ग्राम विकास पखवाड़ा’ के रूप में चलेगा। इसका मूल मंत्र है – ‘ग्रामोदय’ से ‘अभ्युदय’ की यात्रा केवल बुनियादी विकास या आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण का गहन संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद के युवा-जागरण के संदेश के साथ यह अभियान प्रदेश के हर गांव तक पहुंचेगा, जहां युवा, स्वयंसेवी संगठन और जनप्रतिनिधि मिलकर ग्रामीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
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अभियान के प्रमुख उद्देश्य और गतिविधियांग्रामीण क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास: पंचायतों को सशक्त बनाना, अंत्योदय के सिद्धांतों को लागू करना और जनभागीदारी से योजनाओं का क्रियान्वयन। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद पर आधारित: गांवों को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने का प्रयास। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ संकल्प से जुड़ा: मध्यप्रदेश सरकार की ग्रामीण विकास नीतियों को धरातल पर उतारना, जिसमें पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों को गांव-गांव पहुंचाना शामिल है।
युवाओं की भागीदारी: स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित होकर युवा साथियों को विकास कार्यों में जोड़ना, उन्हें संकल्पबद्ध बनाना। विशेष कार्यक्रम: संविधान शपथ, विकास योजनाओं की चर्चा, संकल्प सत्र, ग्राम सभाओं में जागरूकता, स्वच्छता, जल संरक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियां। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी युवा साथियों, स्वयंसेवकों और जनप्रतिनिधियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने जोर दिया कि मध्यप्रदेश के मजबूत गांव ही समृद्ध राज्य और मजबूत राष्ट्र की नींव हैं।

जन अभियान परिषद, जो शासन और समाज के बीच सेतु का काम करती है, इस अभियान के माध्यम से स्वैच्छिकता, सामूहिकता और स्वावलंबन के स्तंभों पर खड़ी रहेगी।यह पहल मध्यप्रदेश की ग्रामीण परिदृश्य को नई ऊर्जा देगी, जहां विकास केवल सरकारी योजनाओं तक नहीं, बल्कि लोगों की सक्रिय भागीदारी से होगा। स्वामी विवेकानंद के ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो’ के संदेश के साथ शुरू हुआ यह पखवाड़ा निश्चित रूप से प्रदेश में सकारात्मक बदलाव लाएगा और ‘अभ्युदय’ की नई ऊंचाइयों को छुएगा।



