सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई ‘कोकरोच जनता पार्टी’ (CJP) विदेशी फंडिंग और पाकिस्तान से जुड़े अकाउंट्स के आरोपों को लेकर विवादों में घिर गई है। केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां इसके फंडिंग स्रोतों तथा सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही हैं। बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा व्यवस्था को लेकर युवाओं के असंतोष से जन्मे इस डिजिटल आंदोलन ने लाखों युवाओं का ध्यान खींचा है, जबकि इसके समर्थक और विरोधी दोनों इसे लेकर मुखर हैं।
पश्चिम बंगाल के कोचबिहार में भारत-बांग्लादेश सीमा पर रहने वाले हिंदू परिवारों ने देशभक्ति की मिसाल पेश करते हुए फेंसिंग कार्य के लिए स्वेच्छा से अपनी जमीन बीएसएफ को दान कर दी। उनका कहना है कि राष्ट्रहित और सीमा सुरक्षा व्यक्तिगत हित से ऊपर है। इस कदम से घुसपैठ, तस्करी और चोरी जैसी गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
मालेगांव ब्लास्ट मामले में लंबे विवाद और कानूनी संघर्ष के बाद भारतीय सेना के अधिकारी श्रीकांत पुरोहित को ब्रिगेडियर पद पर पदोन्नति और 2028 तक सेवा विस्तार मिला है। समर्थक इसे न्याय की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं, जबकि यह मामला अब भी राष्ट्रीय बहस का विषय बना हुआ है।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर राजनीतिक दलों की अलग-अलग सोच को डॉ. बिनायक सेन की गिरफ्तारी और उसके बाद की राजनीतिक घटनाओं के संदर्भ में समझा जा सकता है। डॉ. रमन सिंह और कांग्रेस नेतृत्व के बीच नीति दृष्टिकोण का अंतर उस दौर की सुरक्षा और राजनीतिक बहस का प्रमुख प्रतीक बनकर सामने आया।
माओवादी कमांडर हिडमा की मौत को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। माओवादी संगठन ने इसे “फर्जी मुठभेड़” बताते हुए 23 नवंबर को देशव्यापी ‘प्रतिरोध दिवस’ घोषित किया है। केंद्रीय समिति की ओर से जारी बयान में सुरक्षा बलों पर हिडमा को गिरफ्तार कर बाद में हत्या करने का आरोप लगाया गया है, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर मुठभेड़ को वास्तविक बताया है। घोषणा के बाद कई राज्यों में अलर्ट जारी कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
लाल किले के पास खड़ी कार में अचानक हुए धमाके में 8 लोगों की मौत और 24 से अधिक घायल हुए। एनआईए और एनएसजी ने जांच की कमान संभाल ली है। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त करते हुए हाई अलर्ट जारी किया गया है।
पूर्व रॉ चीफ विक्रम सूद ने एएनआई को दिए इंटरव्यू में जॉर्ज सोरोस और भारतीय विपक्ष के बीच संभावित गठजोड़ पर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि एनजीओ और बाहरी ताकतों से मिलने वाली फंडिंग आंतरिक खतरे को और गंभीर बनाती है। भाजपा ने इसे सही ठहराया जबकि विपक्ष ने बेबुनियाद आरोप बताया। यह बयान राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी फंडिंग को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भारत-चीन सीमा विवाद पर दिए गए उनके बयानों को लेकर कड़ी फटकार लगाई है और पूछा है कि उनके 2000 वर्ग किमी भूमि कब्जे के दावे का तथ्यात्मक आधार क्या है। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना बयान नहीं दिए जा सकते। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें फिलहाल राहत देते हुए निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर सख्त रुख अपनाते हुए गैंगस्टर एक्ट और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तकनीक का दुरुपयोग कर भय फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह निर्णय हालिया संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों और ग्रामीण इलाकों में फैली दहशत के मद्देनजर लिया गया है।
लोकसभा में राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना में अमेरिकी राष्ट्रपति की बात पर ज्यादा भरोसा है। उन्होंने विपक्ष की सोच पर सवाल उठाया और कहा कि ऑपरेशन सिंदूर जैसी सैन्य सफलता पर भी विपक्ष राजनीति कर रहा है। कांग्रेस ने इस बयान को ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि आजादी के बाद उसके गलत फैसलों के कारण देश आज भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर नुकसान झेल रहा है। ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान पीएम ने कहा कि कांग्रेस की विजनहीनता ने भारत को कमजोर किया, जबकि उनकी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। कांग्रेस ने इस पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री पर ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की स्थायी सदस्यता न मिलने के लिए जवाहरलाल नेहरू की नीतियां जिम्मेदार थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू के चीन के प्रति नरम रुख और आदर्शवादी दृष्टिकोण के चलते भारत को यह ऐतिहासिक मौका गंवाना पड़ा, जिससे चीन को लाभ हुआ। शाह के इस बयान से राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।