जज रवि ने कहा, “प्रदर्शन का अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने की छूट नहीं” – AI इम्पैक्ट समिट में विदेशी प्रतिनिधियों के सामने भारत की छवि को खतरा, चार आईवाईसी कार्यकर्ताओं को पुलिस कस्टडी
Published on: February 22, 2026
By: BTNI
Location:New Delhi, India
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के चार कार्यकर्ताओं की जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिन्होंने AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत मंडपम में ‘शर्टलेस’ विरोध प्रदर्शन किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) रवि ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रदर्शन का अधिकार लोकतंत्र की मूल विशेषता है, लेकिन यह सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने या दूसरों के अधिकारों को नुकसान पहुंचाने का लाइसेंस नहीं है, खासकर अंतरराष्ट्रीय आयोजन में जहां विदेशी प्रतिनिधि मौजूद थे।
कोर्ट ने चार आईवाईसी कार्यकर्ताओं – कृष्णा हरि (बिहार से राष्ट्रीय सचिव), कुंदन यादव (बिहार राज्य सचिव), अजय कुमार (उत्तर प्रदेश राज्य अध्यक्ष) और नरसिम्हा यादव (तेलंगाना) – को 5 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। जज रवि ने टिप्पणी की, “ऐसा आचरण वैध असहमति की सीमा से कहीं आगे निकल गया है और सार्वजनिक व्यवस्था पर स्पष्ट हमला बन गया है। यह न केवल आयोजन की पवित्रता को कमजोर करता है, बल्कि विदेशी हितधारकों के सामने गणतंत्र की कूटनीतिक छवि को भी खतरे में डालता है, जो संवैधानिक सुरक्षा से पूरी तरह असुरक्षित है।”प्रदर्शन शुक्रवार को हुआ, जब आईवाईसी कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर टी-शर्ट पर “PM is compromised” जैसे नारे और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की आलोचना वाले स्लोगन लगाकर विरोध जताया।
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पुलिस ने आरोप लगाया कि यह नेपाल के Gen Z आंदोलन से प्रेरित था, जो वहां सरकार गिराने में सफल रहा था। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा था, जिसमें एंटी-नेशनल स्लोगन लगाए गए और भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। आरोपों में सार्वजनिक सेवक को ड्यूटी में बाधा, हमला, घृणा फैलाना और आपराधिक षड्यंत्र शामिल हैं।
कोर्ट ने जमानत खारिज करते हुए कहा कि आरोपी देश के विभिन्न हिस्सों से हैं, जांच प्रारंभिक चरण में है और सबूतों से छेड़छाड़ या फरार होने का खतरा है। जज ने कहा कि प्रदर्शन “पूर्वनियोजित घुसपैठ और अधिकारी पर हमले” जैसा था। यह फैसला राजनीतिक बहस को और तेज कर रहा है। भाजपा ने इसे “देश की शर्म” बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकार का प्रदर्शन कहा।
यहां तक कि कांग्रेस के सहयोगी अखिलेश यादव ने भी विरोध को “राष्ट्र के लिए शर्मनाक” करार दिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रविवार को नमो भारत ट्रेन फ्लैग ऑफ करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि उन्होंने वैश्विक आयोजन को “गंदी और नंगी राजनीति” का मैदान बना दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना AI समिट जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच पर राजनीतिक प्रदर्शन की सीमाओं पर सवाल उठाती है। पुलिस जांच जारी है, और आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा कि मामला कैसे आगे बढ़ता है।



