बीटेक की डिग्री लेकर गाँव लौटीं साक्षी ने 76% वोटों से दर्ज की ऐतिहासिक जीत, Kui गाँव में लिखा नया इतिहास
Published on: November 28, 2025
By: BTNI
Location: Dehradhun, India
उत्तराखंड के पहाड़ों में एक नई सुबह उगा है। मात्र 22 वर्ष की उम्र में बीटेक सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने वाली साक्षी रावत ने पौड़ी गढ़वाल जिले के दूरस्थ कुई गाँव की ग्राम प्रधान चुनी जाकर पूरे देश में सबसे कम उम्र की सरपंच बनने का कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।पिछले हफ्ते हुए पंचायत चुनाव में साक्षी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 76 प्रतिशत मतों से हराकर सबको चौंका दिया। गाँव के 1200 मतदाताओं में से 912 ने उन्हें वोट दिया।
जीत के बाद जब वे शपथ लेने पहुँचीं तो पूरा गाँव ढोल-नगाड़ों और जयकारों से गूँज उठा।साक्षी ने बताया, “पढ़ाई के दौरान मैंने देखा कि हमारे पहाड़ी गाँव खाली होते जा रहे हैं। युवा शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। मैंने ठान लिया था कि डिग्री लेकर वापस गाँव आऊँगी और बदलाव लाऊँगी। आज गाँव वालों ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उसे मैं जीवन भर निभाऊँगी।
”साक्षी की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है –
हर घर तक पीने का साफ पानी
लड़कियों के लिए हाईस्कूल तक मुफ्त कोचिंग सेंटर
सोलर लाइट और वाई-फाई से जोड़ना पूरा गाँव
पलायन रोकने के लिए स्टार्टअप और होम-स्टे को बढ़ावा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साक्षी को फोन कर बधाई दी और कहा, “ये नई पीढ़ी का नेतृत्व है। साक्षी जैसी बेटियाँ उत्तराखंड को फिर से समृद्ध बनाएंगी। राज्य सरकार हर कदम पर उनका साथ देगी।”साक्षी के पिता श्री भुवन सिंह रावत भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और माँ गृहिणी।
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घर में सबसे छोटी होने के बावजूद साक्षी बचपन से किताबों और सपनों के बीच बड़ी हुईं। गाँव की बुजुर्ग महिलाएँ कह रही हैं, “हमने पहली बार किसी लड़की को इतनी बड़ी उम्र में प्रधान बनते देखा है। अब हमारे गाँव का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।”आज कुई गाँव में उत्सव का माहौल है।
शाम को साक्षी ने पूरे गाँव को चाय-पकौड़े खिलाए और वादा किया –
“अगले पाँच साल में कुई को उत्तराखंड का सबसे स्मार्ट और खुशहाल गाँव बनाकर दिखाऊँगी।”एक 22 साल की बेटी ने साबित कर दिया – उम्र नहीं, इरादे बड़े होने चाहिए!



