21 लाख का इनाम घोषित, उत्तर प्रदेश में गुस्से की लहर, सड़कों पर उतरे लोग, पुतले जलाए गए
Published on: March 07, 2026
By: BTNI
Location: Lucknow/Varanasi/Balrampur, India
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ बिहार के मौलाना अब्दुल्लाह सलीम द्वारा की गई कथित अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी ने पूरे राज्य में तूफान मचा दिया है। यह विवाद तब भड़का जब मौलाना ने बिहार में एक धार्मिक सभा के दौरान गौकशी कानून और उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था पर बोलते हुए योगी आदित्यनाथ की मां का जिक्र कर अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया।
इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों, भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता में भारी रोष फैल गया।बलरामपुर जिले के नगर कोतवाली थाने में भाजपा जिलाध्यक्ष रवि कुमार मिश्रा की तहरीर पर सबसे पहले 7 मार्च को मौलाना अब्दुल्लाह सलीम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 (अपमान) और 353-2 (सार्वजनिक उपद्रव) के तहत FIR दर्ज की गई। इसके बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में हिंदू युवा वाहिनी, भाजपा कार्यकर्ताओं और अन्य संगठनों ने अलग-अलग थानों में शिकायतें दर्ज कराईं, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 83 पुलिस थानों में उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
वाराणसी, लखनऊ, गोरखपुर समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए, जहां मौलाना का पुतला फूंका गया और सख्त कार्रवाई की मांग की गई।वाराणसी में हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने मौलाना अब्दुल्लाह सलीम का पुतला जलाते हुए घोषणा की कि उनके सिर कलम करने वाले को 21 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। यह ऐलान सुनकर प्रदर्शनकारियों में जोश और बढ़ गया। लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर भी बड़ी संख्या में लोग जमा हुए, जहां मौलाना के पुतले के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई और नारे लगाए गए – “मां-बहन की इज्जत पर हमला बर्दाश्त नहीं होगा”।
भाजपा नेताओं ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व विधायक अपर्णा यादव और अन्य नेताओं ने कहा कि मां का स्थान भारतीय संस्कृति में सर्वोच्च है और ऐसे अपमानजनक बयान अस्वीकार्य हैं।मौलाना अब्दुल्लाह सलीम, जो बिहार के निवासी हैं और अपना नाम चतुर्वेदी जोड़कर इस्तेमाल करते हैं, ने कथित तौर पर सभा में गौकशी पर यूपी के कानून की आलोचना करते हुए कहा कि यदि किसी के पास 250 ग्राम मांस मिला तो घुटनों के नीचे गोली मारने का आदेश है, और इस संदर्भ में योगी आदित्यनाथ की मां का जिक्र कर अमर्यादित टिप्पणी की।
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इस बयान को हिंदू भावनाओं के अपमान के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मौलाना के खिलाफ दर्ज FIR में सार्वजनिक शांति भंग करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप शामिल हैं।प्रदेश भर में इस मुद्दे पर राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। विपक्षी दल चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि भाजपा और सहयोगी संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस ने मौलाना की तलाश शुरू कर दी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
यदि गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी जा रही है।यह घटना उत्तर प्रदेश में धार्मिक संवेदनशीलता और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को फिर से उजागर कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के सम्मान पर हमला पूरे प्रदेश के लिए अपमानजनक माना जा रहा है, और लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए पुलिस अलर्ट पर है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है

