आर्टेमिस II मिशन के SLS रॉकेट में हीलियम फ्लो समस्या, रोल बैक की तैयारी – 50 साल बाद मानवयुक्त चंद्र यात्रा फिर टली
Published on: February 22, 2026
By: BTNI
Location: New Delhi, India
नासा के महत्वाकांक्षी आर्टेमिस II मिशन में एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने शनिवार को घोषणा की कि उनके SLS (स्पेस लॉन्च सिस्टम) रॉकेट के ऊपरी स्टेज में हीलियम फ्लो में व्यवधान पाया गया है, जिसके कारण मार्च महीने का पूरा लॉन्च विंडो अब बाहर हो गया है। नासा प्रशासक जेरेड इसाकमैन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “ओवरनाइट डेटा से SLS के इंटरिम क्रायोजेनिक प्रोपल्शन स्टेज में हीलियम फ्लो में रुकावट दिखी है।
टीमें समस्या का निवारण कर रही हैं और आर्टेमिस II को व्हीकल असेंबली बिल्डिंग (VAB) में रोल बैक करने की तैयारी कर रही हैं। इससे मार्च लॉन्च विंडो लगभग प्रभावित हो जाएगी।”यह समस्या ठीक एक दिन बाद सामने आई, जब नासा ने 6 मार्च को लॉन्च की संभावित तारीख घोषित की थी। इससे पहले, हाइड्रोजन फ्यूल लीक के कारण मिशन पहले ही एक महीने टल चुका था। गुरुवार को हुए दूसरे वेट ड्रेस रिहर्सल (फ्यूलिंग टेस्ट) में लीक काफी कम पाए गए थे, लेकिन अब नई तकनीकी दिक्कत ने स्थिति जटिल कर दी है।
हीलियम का सुचारू प्रवाह रॉकेट के इंजनों को पर्ज करने और फ्यूल टैंकों को प्रेशराइज करने के लिए जरूरी है। इस समस्या के स्रोत का अभी पता नहीं चला है, लेकिन इंजीनियर डेटा की समीक्षा कर रहे हैं।आर्टेमिस II मिशन मानवयुक्त चंद्र मिशन का दूसरा चरण है, जो आर्टेमिस प्रोग्राम का हिस्सा है। यह मिशन चार अंतरिक्ष यात्रियों – तीन अमेरिकी और एक कनाडाई – को चंद्रमा के चारों ओर 10 दिनों की उड़ान पर ले जाएगा। यह आर्टेमिस I (2022 में अनमैन्ड) के बाद पहला क्रूड फ्लाईबाय होगा, जो 50 से अधिक वर्षों में चंद्रमा की ओर पहली मानव उड़ान होगी। अपोलो कार्यक्रम के बाद यह पहला ऐसा मिशन है।
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मिशन का उद्देश्य चंद्रमा के चारों ओर सुरक्षित उड़ान भरना, ओरियन स्पेसक्राफ्ट की जांच करना और भविष्य के आर्टेमिस III (चंद्रमा पर लैंडिंग) के लिए आधार तैयार करना है।नासा ने रोल बैक की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसका मतलब है कि रॉकेट को लॉन्च पैड से VAB में वापस लाया जाएगा, जहां मरम्मत और जांच होगी। इससे मार्च की सभी संभावित लॉन्च तिथियां (करीब 5 अवसर) रद्द हो गई हैं। अब अप्रैल में छह लॉन्च विंडो उपलब्ध हैं, और अगर समस्या जल्द हल हो जाती है, तो अप्रैल में लॉन्च संभव हो सकता है।
हालांकि, स्थिति गतिशील है और आगे के डेटा, मरम्मत प्रयासों और शेड्यूल पर निर्भर करेगी।यह देरी आर्टेमिस प्रोग्राम के लिए निराशाजनक है, जो पहले ही कई तकनीकी चुनौतियों और बजट/शेड्यूल ओवररन से जूझ रहा है। नासा की प्रवक्ता चेरील वार्नर ने कहा कि समस्या को पैड पर या हैंगर में ठीक किया जा सकता है, लेकिन रोल बैक की तैयारी अकेले ही मार्च को असंभव बना देती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा सर्वोपरि है, और नासा किसी भी जोखिम को नहीं लेना चाहता।यह खबर चंद्र अन्वेषण के वैश्विक प्रयासों में भी प्रभाव डाल सकती है, क्योंकि आर्टेमिस प्रोग्राम अंतरराष्ट्रीय सहयोग (जैसे ESA, JAXA, CSA) पर आधारित है। नासा अब तेजी से काम कर रहा है ताकि अप्रैल विंडो बरकरार रहे और मिशन को आगे बढ़ाया जा सके।



