शिल्पशास्त्र से लेकर शालिग्राम प्रतिमा तक, राम जन्मभूमि मंदिर के हर कोने में छिपी है भारत की सांस्कृतिक विरासत
Published on: December 31, 2025
By: BTNI
Location: Ayodhya, India
अयोध्या में स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारत की वास्तुकला, संस्कृति और आस्था का जीवंत प्रतीक भी बन चुका है। भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर निर्मित यह भव्य मंदिर अपनी पहली वर्षगांठ मना रहा है और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है।
नागर शैली की भव्य संरचना, दुर्लभ शालिग्राम पत्थर से बनी रामलला की प्रतिमा और अत्याधुनिक सुविधाएं इसे विश्व के सबसे अनूठे मंदिरों में शामिल करती हैं।
आइए जानते हैं राम मंदिर से जुड़े 10 सबसे दिलचस्प और कम चर्चित तथ्य—
1. किसने किया मंदिर का डिजाइन?
राम मंदिर का मूल डिजाइन 1988 में अहमदाबाद के प्रसिद्ध सोम्पुरा परिवार ने तैयार किया था। यह परिवार 15 पीढ़ियों से अधिक समय से मंदिर निर्माण से जुड़ा है और विश्वभर में 100 से ज्यादा मंदिरों का निर्माण कर चुका है, जिनमें सोमनाथ मंदिर भी शामिल है।
साल 2020 में शिल्पशास्त्र और वास्तुशास्त्र के अनुरूप डिजाइन में आवश्यक संशोधन किए गए।
2. मंदिर का विशाल क्षेत्रफल
राम मंदिर तीन मंजिला है और लगभग 2.67 एकड़ में फैला हुआ है।
इसमें
- 5 मंडप
- 46 भव्य द्वार
- 390 नक्काशीदार स्तंभ हैं
मंदिर की ऊंचाई 161 फीट, लंबाई 380 फीट और चौड़ाई 250 फीट है।
पूर्वी द्वार सिंहद्वार से प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को 32 सीढ़ियां चढ़नी होती हैं।
3. नागर शैली की अनुपम वास्तुकला
राम मंदिर का निर्माण नागर शैली में किया गया है। इसमें
- मिर्जापुर
- और राजस्थान के बंसी-पहाड़पुर
से लाए गए गुलाबी बलुआ पत्थर का उपयोग हुआ है।
मुख्य शिखर के चारों ओर छोटे-छोटे मंडप इस शैली की पहचान हैं।
4. गर्भगृह में विराजमान रामलला
मंदिर के गर्भगृह में 5 वर्षीय बालक स्वरूप में भगवान श्रीराम की 51 इंच ऊंची प्रतिमा स्थापित है।
यह प्रतिमा नेपाल की गंडकी नदी से प्राप्त दुर्लभ शालिग्राम शिला से बनी है और इसे तैयार करने में लगभग 7–8 महीने लगे।

5. सभी के लिए सुलभ मंदिर
मंदिर का फर्श जमीन से 16.11 फीट ऊंचा है।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए
- लिफ्ट
- रैंप
की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा 25,000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाला पिलग्रिम फैसिलिटी सेंटर (PFC) भी विकसित किया जा रहा है, जहां लॉकर और मेडिकल सुविधाएं होंगी।
6. परिसर में अन्य मंदिर
राम मंदिर परिसर में
- माता शबरी
- महर्षि वाल्मीकि
- महर्षि वशिष्ठ
सहित अन्य देवी-देवताओं के मंदिर भी बनाए जा रहे हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्नानगृह, शौचालय और विश्राम स्थल उपलब्ध होंगे।
7. पवित्र मिट्टी और जल का समावेश
मंदिर की नींव में 2,587 पवित्र स्थलों की मिट्टी डाली गई है, जिनमें
- झांसी
- हल्दीघाटी
- स्वर्ण मंदिर
जैसे ऐतिहासिक स्थान शामिल हैं।
प्राण प्रतिष्ठा के दौरान 155 पवित्र नदियों का जल उपयोग किया गया।
इसके साथ ही मंदिर के नीचे 2,000 फीट गहराई में एक टाइम कैप्सूल भी स्थापित है।
8. नक्षत्र वाटिका और दीर्घायु संरचना
मंदिर परिसर में एक विशेष उद्यान है, जहां 27 नक्षत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले पौधे लगाए गए हैं।
मंदिर को 2,500 वर्षों तक टिकाऊ और भूकंप-रोधी बनाया गया है।
9. श्रीलंका से आया विशेष उपहार
श्रीलंका की ऐतिहासिक अशोक वाटिका से एक विशेष शिला राम मंदिर को भेंट की गई है—वही स्थान जहां रावण ने माता सीता को रखा था।
मंदिर निर्माण में लोहे का प्रयोग नहीं किया गया है, जिससे इसकी आयु हजारों वर्षों तक बनी रहे।
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10. परिसर की आधुनिक सुविधाएं
राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं—
- आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं
- बैंक और एटीएम
- सोलर पैनल और पावर बैकअप
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए रैंप और लिफ्ट
- पिलग्रिम फैसिलिटी सेंटर
- सार्वजनिक शौचालय और स्नानगृह



