उत्तर प्रदेश के संभल जिले में ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद सहित कई मस्जिदों को तिरपाल और प्लास्टिक शीट्स से ढक दिया गया है। यह कदम होली के त्योहार से पहले सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए उठाया गया है
Published on: March 02, 2026
By: BTNI
Location: Sambhal, India
संभल, जो अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, होली के मौके पर हर साल विशेष सुरक्षा व्यवस्था अपनाता है। इस बार होली 14 मार्च 2025 को शुक्रवार को पड़ रही है, जो रमजान के पवित्र महीने में दूसरे जुमे के साथ मेल खा रही है। ऐसे में प्रशासन ने दोनों समुदायों के बीच आपसी सहमति से यह फैसला लिया कि होली के जुलूस के रास्ते में पड़ने वाली मस्जिदों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें तिरपाल से ढका जाए। शाही जामा मस्जिद, जो शहर की सबसे पुरानी और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, को भी इसी तरह प्लास्टिक शीट्स और तिरपाल से पूरी तरह कवर किया गया है।
प्रशासन के अनुसार, होली की ‘चौपाई’ या ‘रंगभरी’ जुलूस का पारंपरिक रास्ता शहर के कई हिस्सों से गुजरता है, जिसमें 10 मस्जिदें आती हैं। इनमें शाही जामा मस्जिद के अलावा लदनिया वाली मस्जिद, ठाने वाली मस्जिद, एक रात वाली मस्जिद, गुरुद्वारा रोड वाली मस्जिद, गोल मस्जिद, खजूर वाली मस्जिद, अनार वाली मस्जिद और गोल दुकान वाली मस्जिद शामिल हैं। इन सभी को तिरपाल से ढकने का काम दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद शुरू किया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खुद इस काम में सहयोग किया, जो सौहार्द की भावना को दर्शाता है।यह व्यवस्था नई नहीं है।
संभल में पिछले कई वर्षों से होली के दौरान ऐसी सावधानियां बरती जाती रही हैं, ताकि रंगों की होली में कोई धार्मिक स्थल प्रभावित न हो। प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल सुरक्षा के लिए है, न कि किसी भेदभाव का। संभल के एसएसपी और डीएम ने स्पष्ट किया कि शहर में 27 क्विक रिस्पॉन्स टीमों का गठन किया गया है, छह जोन और 29 सेक्टर बनाए गए हैं। प्रत्येक क्षेत्र में मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी तैनात हैं। पीएसी की बटालियन तीन स्तर की सुरक्षा के लिए लगाई गई हैं।
Also read- https://www.btnewsindia.com/registration-opens-for-mig-lig-and-ews-housing-units-under-atal-vihar-yojana-in-rajnandgaon/ https://www.btnewsindia.com/sai-government-committed-to-good-governance-says-minister-gajendra-yadav/
250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा, संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च भी निकाले गए हैं।होली से पहले संभल में सुरक्षा के लिहाज से 1,000 से अधिक लोगों को बाउंड डाउन किया गया है, जो कानूनी प्रक्रिया के तहत शांति बनाए रखने की गारंटी देते हैं। मुस्लिम समुदाय के नेताओं, जैसे शाही जामा मस्जिद कमेटी के प्रमुख जफर अली ने दोनों समुदायों से अपील की है कि होली और जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से मनाई जाए। उन्होंने कहा कि रमजान के जुमे की नमाज दोपहर 2:30 बजे के बाद होगी, ताकि होली के उत्सव में कोई बाधा न आए।
यह कदम संभल की संवेदनशीलता को देखते हुए उठाया गया है, जहां पिछले कुछ महीनों में जामा मस्जिद के सर्वे और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई थी। लेकिन प्रशासन और समुदायों की संयुक्त कोशिश से स्थिति नियंत्रण में है। यह उदाहरण बताता है कि पूर्व सतर्कता और आपसी समझ से त्योहारों को खुशी और सद्भाव के साथ मनाया जा सकता है। संभल में होली और रमजान एक साथ मनाए जाने पर दोनों समुदायों की परिपक्वता और प्रशासन की सक्रियता सराहनीय है।यह व्यवस्था न केवल धार्मिक स्थलों की रक्षा करती है, बल्कि पूरे शहर में शांति का संदेश भी देती है। उम्मीद है कि इस बार का होली उत्सव भी बिना किसी विवाद के संपन्न होगा और संभल सद्भाव का प्रतीक बना रहेगा।



