Published on: February 09, 2026
By: BTNI
Location: New Delhi, India
बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव ने चेक बाउंस के एक लंबे समय से चल रहे मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया है। गुरुवार (5 फरवरी 2026) को शाम करीब 4 बजे उन्होंने तिहाड़ जेल अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। अब उन्हें 6 महीने की साधारण कारावास की सजा काटनी होगी। जेल सूत्रों ने पुष्टि की है कि स्टैंडर्ड प्रक्रिया के तहत उनकी एंट्री हो चुकी है।
यह मामला 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ (Ata Pata Lapata) के प्रोडक्शन के लिए दिल्ली स्थित कंपनी M/s Murali Projects Pvt Ltd से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के बाद लोन चुकाने में असफल रहे। कंपनी के अनुसार, लोन की राशि 8 करोड़ तक बढ़ गई थी, और राजपाल यादव तथा उनकी पत्नी ने कंपनी को 7 चेक जारी किए, जो सभी बाउंस हो गए।2018 में दिल्ली की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें Negotiable Instruments Act की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया और 6 महीने की सजा तथा जुर्माना लगाया।

सत्र न्यायालय ने 2019 में इस फैसले को बरकरार रखा। कुल 7 मामलों में बकाया राशि लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी (प्रति केस करीब 1.35 करोड़)। राजपाल यादव ने कुछ राशि (लगभग 1.5 करोड़) जमा की, लेकिन बाकी बकाया रहा।दिल्ली हाई कोर्ट ने जून 2024 में सजा पर अस्थायी स्टे दिया था और समझौते के लिए समय दिया, लेकिन बार-बार दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं हुआ। दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में भी कोर्ट के सामने राशि चुकाने का वादा किया, लेकिन विफल रहे।
2 फरवरी 2026 को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने सरेंडर का आदेश दिया। 4 फरवरी तक की डेडलाइन दी गई, लेकिन सरेंडर नहीं हुआ। 5 फरवरी को अंतिम सुनवाई में उनके वकील ने 25 लाख या 50 लाख का नया चेक पेश कर एक हफ्ते की मोहलत मांगी, लेकिन कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए इनकार कर दिया। जज ने कहा कि “किसी को भी, चाहे वह कितना प्रसिद्ध क्यों न हो, अनिश्चित काल तक राहत नहीं दी जा सकती। बार-बार वादा तोड़ना गंभीर है।”यह राजपाल यादव का पहला जेल जाना नहीं है।
Also read- https://www.btnewsindia.com/revered-saint-swami-paramhans-sachchidanand-ji-maharaj-attains-mahasamadhi-at-102-devotees-pour-in-for-final-darshan-at-dharkundi-ashram/ https://www.btnewsindia.com/मोदी-सरकार-ने-चिनाब-नदी-पर/
2013 में झूठे हलफनामे के एक मामले में भी उन्हें कुछ दिनों के लिए तिहाड़ भेजा गया था। इस घटना ने बॉलीवुड और फाइनेंशियल डिसिप्लिन पर चर्चा छेड़ दी है। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि फिल्म इंडस्ट्री से किसी ने उनकी मदद नहीं की।अब जेल में रहते हुए वे सजा काटेंगे। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि चेक बाउंस अब सिर्फ सिविल नहीं, बल्कि क्रिमिनल ऑफेंस है, जिसमें 2 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। यह केस याद दिलाता है कि फाइनेंशियल कमिटमेंट्स को गंभीरता से लेना कितना जरूरी है।



