भजन की गूंज ने छुआ दिल, आंसुओं से हल्का हुआ मन का बोझ
Published on: March 09, 2026
By: BTNI
Location: Jaipur, India
जयपुर के ऐतिहासिक और सुप्रसिद्ध श्री गोविंददेवजी मंदिर में रविवार को एक ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने सोशल मीडिया से लेकर भक्तों के दिलों तक में गहरा असर छोड़ा। बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका, भजन सम्राज्ञी और दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा से बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए पहुंचीं, लेकिन मंदिर के दिव्य वातावरण और भक्तों द्वारा गाए जा रहे भजनों ने उनके मन को इतना गहराई से छू लिया कि वे खुद को संभाल नहीं पाईं। भजन गाते-गाते उनकी आंखों से आंसुओं की धारा बह निकली।मैथिली ठाकुर अपने दोनों भाइयों – ऋषभ ठाकुर और अयाची ठाकुर – के साथ मंदिर पहुंची थीं।
वहां भक्तों द्वारा गाया जा रहा प्रसिद्ध भजन “आज तो नवेली राधा गोरल पूजण आई छै, गोरल पूजण आई छै” सुनते ही उनका हृदय भावुक हो उठा। मंदिर में घंटियों की मधुर ध्वनि, तालियों की लय, भक्तों की भक्ति से भरी आवाजें और गोविंददेवजी की दिव्य उपस्थिति ने ऐसा जादू जगा दिया कि मैथिली ठाकुर रो पड़ीं। वीडियो में देखा जा सकता है कि वे भगवान के सामने बैठी हैं, हाथ जोड़े, आंखें नम और चेहरा भाव-विभोर। उन्होंने खुद कहा, “पता नहीं मुझे क्या हो रहा है… मैं खुद को संभाल नहीं पाई।”मैथिली ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया पर इस पल को साझा करते हुए लिखा – “आज तक मैंने ऐसा कभी महसूस नहीं किया था।
लेकिन जब मैं गोविंद देव जी मंदिर, जयपुर में दर्शन के लिए पहुंची, तो वहां का वातावरण, भक्तों के भजन, घंटियों और तालियों की गूंज ने मन को इतना छू लिया कि मैं खुद को संभाल नहीं पाई। आंखों से आंसू बहते रहें, ऐसा लगा जैसे मन का सारा बोझ हल्का हो गया हो।” यह पोस्ट और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जहां हजारों लोग इसे देखकर भावुक हो रहे हैं और भक्ति की इस शक्ति की सराहना कर रहे हैं।मैथिली ठाकुर बिहार के मधुबनी की बेटी हैं और मैथिली, भोजपुरी तथा हिंदी में देवभक्ति गीतों और लोकगीतों के लिए विश्व भर में जानी जाती हैं। शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षित मैथिली ने कई बार अपनी सुरीली आवाज से भक्तों को रूहानी अनुभूति दी है।
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लेकिन वे केवल एक गायिका ही नहीं, बल्कि एक सक्रिय राजनीतिज्ञ भी हैं। पिछले साल बीजेपी के टिकट पर अलीनगर सीट से चुनाव जीतकर वे बिहार विधानसभा पहुंचीं। उनकी यह यात्रा जयपुर में ‘यूनिक रंग राजस्थान रंग रथ यात्रा’ कार्यक्रम के सिलसिले में थी, जहां वे एक बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट में भी हिस्सा लेने वाली हैं।इस दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मैथिली ठाकुर और उनके भाइयों का स्वागत किया। सीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मैथिली की सुरीली आवाज ने भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच पर नई पहचान दी है। उन्होंने राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और लोक कलाओं के संरक्षण पर सार्थक चर्चा की।
यह मुलाकात मैथिली की जड़ों से जुड़ाव को दर्शाती है।यह घटना सच्ची भक्ति की ताकत का जीता-जागता उदाहरण है। आज के व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन में ऐसे पल दुर्लभ होते हैं, जहां कोई व्यक्ति इतनी गहराई से भावुक हो जाए। मैथिली ठाकुर का यह भावुक पल न केवल उनकी आध्यात्मिक गहराई को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि भगवान के दरबार में जाति, पद, राजनीति सब पीछे छूट जाते हैं – बस शुद्ध भक्ति रह जाती है।वीडियो देखकर लाखों भक्तों ने कमेंट्स में लिखा – “राधे राधे”, “जय श्रीकृष्ण”, “सच्ची भक्ति यही है”।
कई लोगों ने कहा कि यह देखकर उनका भी मन भावुक हो गया। गोविंददेवजी मंदिर, जो राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है, आज मैथिली ठाकुर के इस पल के कारण और भी ज्यादा चर्चा में है।यह घटना हमें याद दिलाती है कि भक्ति की कोई भाषा, कोई सीमा नहीं होती। यह दिल से दिल तक पहुंचती है और जीवन के बोझ को हल्का कर देती है। मैथिली ठाकुर जैसी प्रतिभा जब भक्ति में डूबती है, तो वह हर किसी को प्रेरित करती है।



