1973 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने 2007 में भाजपा सरकार के दौरान कुशलतापूर्वक संभाली डीजीपी की कमान, नक्सलवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका
Published on: March 08, 2026
By: BTNI
Location: Raipur/Patna, India
छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार और पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एवं 1973 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी श्री विश्वरंजन का शनिवार रात पटना के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे विश्वरंजन पिछले करीब एक महीने से पटना में इलाजरत थे। कार्डियक समस्या के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी थी, जहां उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। इलाज के दौरान उनकी स्थिति बार-बार नाजुक होती रही और अंततः उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।श्री विश्वरंजन छत्तीसगढ़ के छठे पुलिस महानिदेशक के रूप में जाने जाते हैं।
वर्ष 2007 में तत्कालीन डीजीपी ओ.पी. राठौर के असामयिक निधन के बाद भाजपा सरकार द्वारा उन्हें यह उच्च पद सौंपा गया था। उन्होंने लगभग चार वर्षों तक (2007 से 2011 तक) इस जिम्मेदारी को कुशलतापूर्वक निभाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन को मजबूत बनाने, कानून-व्यवस्था सुधारने और विशेषकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
‘ग्रीन हंट’ जैसी प्रमुख नीतियों के सूत्रधार के रूप में उनकी भूमिका चर्चित रही, जिसके तहत नक्सलवाद के खिलाफ समन्वित अभियान चलाए गए। उनकी रणनीतियों और अनुशासित नेतृत्व ने राज्य में पुलिस की कार्यक्षमता को नई ऊंचाई प्रदान की।विश्वरंजन मूल रूप से मध्य प्रदेश कैडर से थे, लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद उन्हें यहां आवंटित किया गया। इससे पहले वे भारतीय खुफिया ब्यूरो (आईबी) में अतिरिक्त निदेशक के पद पर कार्यरत थे। छत्तीसगढ़ आने के बाद उन्होंने राज्य की चुनौतियों को समझते हुए पुलिस बल को संगठित और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
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उनका प्रशासनिक अनुभव, कर्तव्यनिष्ठा और निष्ठा हमेशा याद की जाएगी। उन्होंने न केवल पुलिस विभाग को मजबूत किया, बल्कि युवा अधिकारियों को अनुशासन और समर्पण का पाठ भी पढ़ाया। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण सुधार हुए, जिन्होंने राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूती प्रदान की।श्री विश्वरंजन की मृत्यु से पुलिस महकमे में गहरा शोक व्याप्त है।
कई वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व सहकर्मी उनके योगदान को याद कर भावुक हो रहे हैं। उनका जाना एक युग के अंत की तरह माना जा रहा है, जहां ईमानदारी, अनुशासन और प्रतिबद्धता जैसे गुणों का प्रतीक थे।प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। साथ ही, शोक संतप्त परिवारजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति दें। उनके योगदान को छत्तीसगढ़ हमेशा याद रखेगा।



