छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर राजनीतिक दलों की अलग-अलग सोच को डॉ. बिनायक सेन की गिरफ्तारी और उसके बाद की राजनीतिक घटनाओं के संदर्भ में समझा जा सकता है। डॉ. रमन सिंह और कांग्रेस नेतृत्व के बीच नीति दृष्टिकोण का अंतर उस दौर की सुरक्षा और राजनीतिक बहस का प्रमुख प्रतीक बनकर सामने आया।
चार दशकों तक नक्सलियों की ‘समानांतर सरकार’, जन-अदालतों और प्रोटेक्शन मनी के खौफ में जीने वाला बस्तर अब बदलते सुरक्षा हालात और सख्त रणनीति के चलते डर से बाहर निकलकर विकास की नई दिशा की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और 1973 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विश्वरंजन का पटना के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। नक्सलवाद विरोधी अभियानों और पुलिस प्रशासन को मजबूत बनाने में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नवा रायपुर में नक्सल विरोधी अभियान में शहीद हुए एएसपी आकाश राव गिरेपुंजे के परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने शहीद की वीरता को अविस्मरणीय बताते हुए परिजनों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया और नक्सलवाद के समूल उन्मूलन की प्रतिबद्धता दोहराई।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त और समृद्ध बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में मार्च 2026 तक बस्तर को पूरी तरह नक्सल मुक्त कर दिया जाएगा। शर्मा ने कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के विकास का वादा किया।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है, जहां 24 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 14 इनामी नक्सली शामिल हैं। आत्मसमर्पण की प्रमुख वजह माओवादी विचारधारा से मोहभंग, संगठन में मतभेद और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति रही। उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा के सख्त रुख और लगातार अपील ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) की स्थिति पर उच्चस्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, आईबी निदेशक, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, और सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एनआईए के प्रमुख अधिकारियों सहित छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव और डीजीपी भी शामिल रहे।