साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण मंगलवार को, परिमाण 1.155 के साथ गहरा टोटल इफेक्ट; भारत में ज्यादातर जगहों पर ग्रहण का अंतिम चरण चंद्रमा उदय के साथ दिखेगा, उत्तर-पूर्व और अंडमान में पूर्णता का अंत भी नजर आएगा
Published on: March 02, 2026
By: BTNI
Location: New Delhi, India
IMD और NASA की रिपोर्ट्स के मुताबिक समय और दृश्यता की पूरी जानकारीआकाश में एक बार फिर खगोलीय चमत्कार का इंतजार है! 3 मार्च 2026 को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) लगने जा रहा है, जिसे दुनिया भर में ब्लड मून के नाम से जाना जाता है। इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी की छाया में पूरी तरह ढक जाएगा और सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरकर चंद्रमा को लाल-भूरे रंग की चमक देंगी, जो इसे खून जैसा लाल दिखाती है। यह घटना तब होती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया (उम्ब्रा) चंद्रमा पर पड़ती है।
भारत मौसम विभाग (IMD) और अंतरराष्ट्रीय स्रोतों जैसे NASA तथा TimeandDate.com के अनुसार, इस ग्रहण का परिमाण (Magnitude) 1.155 है, जो इसे एक गहरा और प्रभावशाली पूर्ण ग्रहण बनाता है। ग्रहण की कुल अवधि लगभग 5 घंटे से ज्यादा होगी, लेकिन भारत में चंद्रमा के उदय के समय होने के कारण दृश्यता सीमित रहेगी। अधिकांश भारतीय शहरों में चंद्रोदय (Moonrise) शाम 6:20 से 6:40 बजे के बीच होता है, इसलिए ग्रहण का अंतिम चरण ही दिखाई देगा।

उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे असम, मणिपुर, मेघालय और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पूर्णता (Totality) का अंत भी नजर आ सकता है, जहां चंद्रमा पहले उदय होता है।भारत में मुख्य समय (IST):ग्रहण का प्रारंभ (Penumbral Begins): दोपहर 3:20 बजे (15:20)
पूर्णता का प्रारंभ (Totality Starts): शाम 4:34 बजे (16:34)
पूर्णता की समाप्ति (Totality Ends): शाम 5:33 बजे (17:33)
ग्रहण की समाप्ति (Eclipse Ends): शाम 6:48 बजे (18:48)
भारत में ग्रहण दोपहर में शुरू होगा, लेकिन चूंकि उस समय चंद्रमा क्षितिज के नीचे होगा, इसलिए दर्शक शाम को चंद्रमा उदय होने पर ही इसे देख पाएंगे। दिल्ली में चंद्रोदय लगभग 6:22 बजे, मुंबई में 6:40 बजे और कोलकाता में 5:50-6:00 बजे के आसपास होगा। इस दौरान चंद्रमा ग्रहण के अंतिम चरण में होगा, जहां यह आंशिक रूप से छाया से बाहर निकल रहा होगा। अगर मौसम साफ रहा तो 15-20 मिनट का खूबसूरत ब्लड मून नजारा दिखेगा।दृश्यता के क्षेत्र:भारत: पूरे देश में अंतिम चरण दिखेगा, लेकिन उत्तर-पूर्व और अंडमान में बेहतर दृश्यता (पूर्णता का अंत तक)।
विश्व स्तर पर: पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर क्षेत्र और अमेरिका के पश्चिमी भागों में पूरा ग्रहण दिखेगा। अफ्रीका और यूरोप में बिल्कुल नहीं दिखेगा।
टोटैलिटी की अवधि: वैश्विक स्तर पर लगभग 58 मिनट, जो इसे काफी लंबा और यादगार बनाता है।
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यह ग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर पड़ रहा है, जो होली के आसपास है, इसलिए धार्मिक महत्व भी बढ़ जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण के दौरान सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू होता है। चूंकि यह भारत में दृश्य होगा, सूतक सुबह 6:20 बजे से लागू माना जा रहा है और ग्रहण समाप्त होने पर खत्म होगा। कई लोग इस दौरान पूजा-पाठ, भोजन आदि से परहेज करते हैं।कैसे देखें?नंगी आंखों से देख सकते हैं (सुरक्षित है, सूर्य ग्रहण जैसा खतरा नहीं)।
दूरबीन या छोटे टेलीस्कोप से और बेहतर नजारा मिलेगा।
शहरों की रोशनी से दूर खुले मैदान या छत पर देखना बेहतर।
लाइव स्ट्रीमिंग: NASA, TimeandDate.com या भारतीय चैनलों पर उपलब्ध हो सकती है।
यह ग्रहण लगभग 3 साल तक कोई बड़ा पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं आने वाला, इसलिए इसे मिस न करें! आसमान साफ रहने की उम्मीद है, तो तैयार हो जाइए ब्लड मून के जादू के लिए। परिवार के साथ रात के आसमान को निहारें और इस दुर्लभ खगोलीय घटना का आनंद लें।



