जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की पहल;
Published on: July 03, 2026
By: BTNI
Location: Raipur, India
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री, गृह मंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा गांवों में एक नया संदेश लेकर पहुंच रहे हैं। सड़क, पुलिया या भवन निर्माण के अलावा अब गांव का भूजल स्तर बढ़ाना उनकी प्राथमिकता बन चुका है। हाल ही में उनके एक ट्वीट (X पोस्ट) पर वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे सरपंचों को सीधे संबोधित करते हुए कहते हैं — “गांव म जल स्तर ला बढाबे गा सरपंच जी मन…”
यह वीडियो न सिर्फ एक भाषण है, बल्कि ग्रामीण भारत के भविष्य को सुरक्षित करने का एक व्यावहारिक रोडमैप है। “5 साल बाद सबसे बड़ी उपलब्धि यही होगी” श्री विजय शर्मा कहते हैं कि सरपंच का काम सिर्फ निर्माण कार्यों की सूची बनाना नहीं है। 5 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद सबसे बड़ी आत्मसंतुष्टि तब मिलेगी जब गांव का भूजल स्तर ऊंचा उठा हो।
वे सरपंचों से अपील करते हैं — “खाली सड़क-नाली बनाने से काम नहीं चलेगा। गांव में पानी रुकना चाहिए, जमीन में समाना चाहिए। तभी खेती बचेगी, तभी परिवार गांव में रह पाएंगे।”
छोटी-छोटी तकनीकें, बड़ा बदलाव

उपमुख्यमंत्री सरपंचों को सरल लेकिन प्रभावी तरीके बताते हैं:
डबरी और छोटे चेक डैम बनवाएं — खेतों और गांव की सीमा पर छोटे-छोटे पानी रोकने वाले ढांचे।
बोरवेल के आसपास फिल्टर और रिचार्ज पिट — ताकि बारिश का पानी सीधा बोर में न जाए बल्कि पहले फिल्टर होकर जमीन में रिसे और भूजल स्तर बढ़ाए।
इंजेक्शन पाइप/रिचार्ज वेल की व्यवस्था जहां जरूरत हो।
पानी का बहाव रोकें — गांव, जंगल, नाला, नदी या पहाड़ की तरफ पानी न बहने दें। खेतों में छोटे-छोटे बांध या कंटूर बंडिंग से पानी रोका जाए।
पुराने बोरवेल को रिचार्ज करें — आसपास फिल्टर लगाकर पानी को नीचे भेजें।
वे कहते हैं कि ये छोटी-छोटी बातें ही गांव को आत्मनिर्भर बनाएंगी। पानी रुका तो फसल अच्छी होगी, पशुओं को चारा मिलेगा, और पलायन रुकेगा।
राष्ट्रीय प्राथमिकता से जुड़ा अभियान
यह कोई नया या अलग अभियान नहीं है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जल संरक्षण की सोच का ही विस्तार है, जिसकी नींव अटल बिहारी वाजपेयी जी के समय से ही मजबूत होती रही है। हाल ही में लॉन्च हुई VB-G RAM G (विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) योजना में भी जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, वाटरशेड विकास और सिंचाई को प्रमुख स्थान दिया गया है। उपमुख्यमंत्री इसी दिशा में सरपंचों को जागरूक कर रहे हैं कि रोजगार के साथ-साथ टिकाऊ संपत्तियां भी बनें — जिनमें पानी सबसे महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में भी कोरिया जिले के किसानों द्वारा बनाए गए रिचार्ज तालाब और सोखता गड्ढों की सराहना की थी, जिनसे भूजल स्तर में सुधार हुआ।
VIDEO LINK- https://x.com/i/status/2072926528359604522
क्यों जरूरी है यह पहल?
छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में जहां खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पानी पर निर्भर है, भूजल स्तर गिरना सीधे तौर पर किसानों की आजीविका और खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करता है। विजय शर्मा का यह प्रयास “ऊपर से नीचे” नहीं बल्कि “नीचे से ऊपर” की सोच को मजबूत करता है — सरपंच और ग्रामीणों को खुद जिम्मेदार बनाकर।
एक प्रेरणादायक कदम
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का यह संदेश सिर्फ एक भाषण नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास का नया मंत्र है — “सड़क भी बनाओ, लेकिन पानी पहले बचाओ।”
जब सरपंच इस पर अमल करेंगे तो आने वाले वर्षों में गांवों में पानी की कमी नहीं रहेगी, खेती समृद्ध होगी और छत्तीसगढ़ वाकई “विकसित गांव” की ओर बढ़ेगा।
यह पहल दिखाती है कि सच्चा नेतृत्व वही है जो बड़ी-बड़ी योजनाओं के साथ-साथ छोटी-छोटी लेकिन जीवनदायिनी बातों पर भी ध्यान दे — जैसे गांव का भूजल स्तर बढ़ाना।
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