जग्गी हत्या कांड में दोषी ठहराए गए3 सप्ताह में सरेंडर का आदेश20 साल बाद आया निर्णायक मोड़बरी करने का फैसला पलटा
Published on: April 02, 2026
By: BTNI
Location: Raipur, India
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में बड़ा न्यायिक उलटफेर करते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र और पूर्व विधायक अमित जोगी को दोषी ठहरा दिया है। अदालत ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ का फैसला मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने यह अहम फैसला सुनाया।
कोर्ट ने पहले के उस निर्णय को पलट दिया, जिसमें अमित जोगी को बरी किया गया था। 2003 में हुई थी हत्या, प्रदेश में मचा था हड़कंप चार जून 2003 को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के नेता और कोरबा के तत्कालीन महापौर रामअवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे। इस वारदात ने पूरे राज्य की राजनीति को हिला दिया था।

सीबीआई जांच और लंबी कानूनी प्रक्रिया मामले की शुरुआती जांच राज्य पुलिस ने की, लेकिन बाद में इसे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दिया गया। सीबीआई ने अमित जोगी समेत कई आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। 2007: ट्रायल कोर्ट ने कई आरोपियों को दोषी माना, लेकिन अमित जोगी बरी हुए 2011: हाई कोर्ट ने देरी के आधार पर अपील खारिज की 2024: उच्चतम न्यायालय ने पुनर्विचार के निर्देश दिए 2026: हाई कोर्ट ने पुनः सुनवाई कर दोषी ठहराया सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फिर खुला मामला पिछले वर्ष नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह सीबीआई की अपील पर फिर से विचार करे।
इसके बाद पिछले महीने से इस केस की दोबारा सुनवाई शुरू हुई, जिसके बाद अब यह फैसला आया है। अमित जोगी ने फैसले पर उठाए सवाल फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित जोगी ने कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिए बिना ही दोषी ठहराया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि वे इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। पीड़ित परिवार ने कहा—‘सत्य की जीत’ दिवंगत रामअवतार जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे “सत्य की जीत” बताया।

उन्होंने कहा कि 20 साल की लंबी लड़ाई के बाद उनके परिवार को न्याय मिला है। राजनीतिक हलचल तेज इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। यह मामला लंबे समय से राज्य के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में शामिल रहा है। (टाइमलाइन बॉक्स – अखबार के लिए) 4 जून 2003 – रामअवतार जग्गी की हत्या 2007 – ट्रायल कोर्ट का फैसला, अमित जोगी बरी 2011 – हाई कोर्ट ने अपील खारिज की 2024 – सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार का आदेश दिया 2 अप्रैल 2026 – हाई कोर्ट ने अमित जोगी को दोषी ठहराया
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