पोम-पोम, मोती और मिरर वर्क से सजी परांदी बनी युवाओं की पहली पसंद, शादियों से लेकर उत्सवों तक छाया ट्रेंड
Published on: January 15, 2025
By: BTNI
Location: New Delhi, India
लोहड़ी के पावन अवसर पर जहां अलाव, लोकगीत और पारंपरिक परिधान उत्सव की शान बढ़ाते हैं, वहीं इस साल पंजाबी चोटी में सजी परांदी ने खास ध्यान खींचा है। पीढ़ियों से पंजाबी संस्कृति का अहम हिस्सा रही परांदी अब पूरी तरह नए-एज मेकओवर के साथ सामने आई है, जिसने युवाओं से लेकर फैशन इंडस्ट्री तक को प्रभावित किया है।
कभी साधारण धागों और लटकनों तक सीमित रहने वाली परांदी आज पोम-पोम, मोती, मिरर वर्क, शेल्स और रंगीन चार्म्स से सजी नजर आ रही है। यह बदलाव न सिर्फ परंपरा को आधुनिकता से जोड़ रहा है, बल्कि आज की पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी एक सशक्त माध्यम बन रहा है।
इस ट्रेंड को तब और मजबूती मिली जब अभिनेत्री नूपुर सेनन ने 9 जनवरी को अपने संगीत समारोह में मिरर वर्क वाली परांदी पहनकर सबका ध्यान खींचा। इससे पहले सोनाली बेंद्रे, जान्हवी कपूर और जेनेलिया डिसूजा जैसी कई चर्चित हस्तियां भी परांदी को अपने फेस्टिव और वेडिंग लुक का हिस्सा बना चुकी हैं। इसके चलते परांदी 2026 के फैशन मूडबोर्ड में मजबूती से जगह बना चुकी है।
फैशन स्टाइलिस्ट भरत लूथरा के अनुसार, परांदी सिर्फ एक हेयर एक्सेसरी नहीं बल्कि स्मृतियों और भावनाओं से जुड़ा प्रतीक है। वे बताते हैं कि पारंपरिक रूप से परांदी स्त्रीत्व की उस भावना को दर्शाती थी, जो सामूहिक थी और पीढ़ियों तक हस्तनिर्मित रूप में आगे बढ़ती थी। आधुनिक तत्वों का जुड़ना परंपरा को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उसे जीवंत बनाता है।
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लूथरा मानते हैं कि आज की युवा पीढ़ी परंपरा को सिर्फ संजोना नहीं चाहती, बल्कि उसे खुशी और आत्म-अभिव्यक्ति के साथ जीना चाहती है। यही कारण है कि परांदी का यह नया रूप लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ पा रहा है।
हेयर और मेकअप आर्टिस्ट तेजस्विनी चंदर कपूर का कहना है कि परांदी अब क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर निकल चुकी है। गैर-पंजाबी दुल्हनें भी अपने वेडिंग लुक में परांदी को शामिल कर रही हैं। वे बताती हैं कि मेहंदी जैसे रंगीन आयोजनों में परांदी लुक को जीवंत और व्यक्तिगत बनाती है।
इस तरह लोहड़ी से लेकर पूरे वेडिंग सीजन तक, परांदी एक बार फिर भारतीय संस्कृति, पहचान और आधुनिक फैशन का सुंदर प्रतीक बनकर उभरी है।



