The annual Anasara tradition is being observed at Rajnandgaon’s historic Shri Jagannath Temple, where Lord Jagannath, Lord Balabhadra and Goddess Subhadra are ceremonially offered a special Ayurvedic herbal decoction during their 15-day period of seclusion. As part of the long-standing ritual, temple sevayats received the sacred preparation from Baba Ramdev Temple, continuing a tradition that has been preserved in the city for decades.
The proposed 8-kilometre four-lane Parikrama Path project in Dongargarh has entered the final stages of land acquisition, marking significant progress in the development of the region as a major religious and tourism destination. The ₹55.45-crore project is expected to improve connectivity to key pilgrimage sites, boost tourism, and strengthen the local economy.
केदारनाथ यात्रा के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की सादगी और सहजता लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। जोशीमठ के स्थानीय बाजार में आम नागरिक की तरह घूमते, दुकानदारों से बातचीत करते और लोगों का अभिवादन स्वीकार करते उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने उनके विनम्र और जमीन से जुड़े व्यवहार की सराहना करते हुए इसे लोकतंत्र की वास्तविक भावना का प्रतीक बताया।
उत्तराखंड में खराब मौसम, भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका के चलते केदारनाथ यात्रा को अस्थाई रूप से रोक दिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सोनप्रयाग, गौरीकुंड और अन्य पड़ावों पर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया है। मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच अधिकारियों ने कहा है कि परिस्थितियां सामान्य होते ही यात्रा और दर्शन की प्रक्रिया पुनः शुरू कर दी जाएगी। इस बीच श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और आधिकारिक मौसम अपडेट का पालन करने की अपील की गई है।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। 23 मई को एक ही दिन में 96 हजार से अधिक यात्रियों ने दर्शन किए, जबकि कुल तीर्थयात्रियों की संख्या 20.76 लाख के पार पहुंच गई है। केदारनाथ धाम में रिकॉर्ड भीड़ उमड़ रही है और हेमकुंट साहिब यात्रा के पहले दिन ही 6,605 श्रद्धालु पहुंचे। बेहतर व्यवस्थाओं और अनुकूल मौसम के चलते इस वर्ष नए रिकॉर्ड बनने की संभावना जताई जा रही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सत्ता परिवर्तन के बाद असनसोल स्थित श्री श्री दुर्गामाता चैरिटेबल ट्रस्ट मंदिर करीब 15 वर्षों बाद पूरे साल के लिए भक्तों हेतु खोल दिया गया। भाजपा की जीत के बाद हुए इस घटनाक्रम को समर्थक सांस्कृतिक पुनर्स्थापना और जनादेश की अभिव्यक्ति के रूप में देख रहे हैं, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है।