विकलांगों पर आपत्तिजनक मजाक के एवज में सीजेआई सूर्यकांत ने ठुकराई सभी दलीलें, कहा – “यह प्रायश्चित है, आदेश में कोई बदलाव नहीं”
Published on: November 28, 2025
By: BTNI
Location: New Delhi, India
सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाते हुए स्टैंड-अप कॉमेडियन सामय रैना, साथी कॉमेडियनों रणवीर अल्लाहबादिया, आशिष सोलंकी, गुरलीन कौर और जसप्रीत सिंह को विकलांगजनों के प्रति उनके कथित रूप से असंवेदनशील मजाक की सजा के तौर पर हर महीने कम-से-कम दो चैरिटी शो करने का आदेश दिया है। इन शो से होने वाली पूरी कमाई दिव्यांगजन कल्याण कोष में जमा होगी।
प्रधान न्यायाधीश जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने सुनवाई के दौरान बेहद सख्त तेवर दिखाए। जब कॉमेडियनों के वकील ने दलील दी कि “ये कलाकार इतनी बार शो नहीं करते”, तो सीजेआई सूर्यकांत ने तुरंत टोकते हुए कहा,-“यह कोई सजा नहीं, यह प्रायश्चित है। जिन लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है, उनके लिए कुछ करना पड़ेगा। आदेश में कोई बदलाव नहीं होगा। हर पखवाड़े में एक शो – यानी महीने में दो बार। यह न्यूनतम है।”

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये चैरिटी कार्यक्रम पूरी तरह मुफ्त होंगे या न्यूनतम टिकट मूल्य पर, और सारी राशि प्रमाणित एनजीओ या सरकारी दिव्यांगजन कोष में जाएगी। साथ ही हर कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग और आय-व्यय का पूरा हिसाब तीन दिन के अंदर कोर्ट में जमा करना होगा।याचिका दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ता अरुण कुमार सिंह और नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड की ओर से दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि इन कॉमेडियनों ने अपने शो और यूट्यूब एपिसोड में दिव्यांगता को लेकर लगातार अपमानजनक और रूढ़िगत मजाक किए, जिससे लाखों दिव्यांगजनों की भावनाएं आहत हुईं।
कोर्ट ने अपने १८ पन्नों के आदेश में लिखा“हास्य की आड़ में किसी कमजोर वर्ग का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं कि आप दूसरों के आत्मसम्मान को कुचलें। ये कलाकार समाज में प्रभावशाली हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है।”अदालत ने यह भी कहा कि अगर ये पांचों कॉमेडियन अगले छह महीने तक नियमित रूप से यह प्रायश्चित करते हैं और अपने शो में दिव्यांगजन संवेदीकरण का संदेश शामिल करते हैं, तो कोर्ट उनके खिलाफ चल रहे अवमानना केस को बंद करने पर विचार कर सकता है।
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फैसला आते ही देशभर के दिव्यांग संगठनों ने इसे “ऐतिहासिक जीत” बताया है। वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे “अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला” बता रहे हैं, तो ज्यादातर इसे संवेदनशीलता और जवाबदेही का सही कदम मान रहे हैं।अगली सुनवाई तीन महीने बाद होगी, जब कॉमेडियनों को अपने पहले दो चैरिटी शो की रिपोर्ट पेश करनी होगी।



