पारंपरिक च्यवनप्राश से प्रेरित विशेष फॉर्मुलेशन लॉन्च, राज्य की औषधीय वन संपदा से बनेगा स्वास्थ्य और रोजगार का नया स्रोत – सीएम ने कहा, स्वस्थ समाज से मजबूत बनेगा छत्तीसगढ़
Published on: February 22, 2026
By: BTNI
Location: Raipur, India
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हाल ही में जशपुर जिले के अपने प्रवास के दौरान ‘आरोग्य अमृत अवलेह’ नामक आयुर्वेदिक उत्पाद का विधिवत शुभारंभ किया। यह उत्पाद छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड के तहत लॉन्च किया गया है और पारंपरिक च्यवनप्राश की उत्कृष्टता से प्रेरित एक विशेष आयुर्वेदिक फॉर्मुलेशन है। मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिन (21 फरवरी 2026) के अवसर पर गृह ग्राम बगिया, जशपुर में या वन मंडल पंचक्की में इसकी शुरुआत की, जिससे राज्य में आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों को बढ़ावा मिला है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ औषधीय वनस्पतियों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहां की वन संपदा में हजारों प्रकार की औषधीय पौधे पाए जाते हैं, जिनका वैज्ञानिक और सतत उपयोग करके स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। ‘आरोग्य अमृत अवलेह’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य की स्थानीय जड़ी-बूटियों से तैयार किया गया है। इससे न केवल लोगों को प्राकृतिक और प्रभावी स्वास्थ्य संवर्धन मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।

यह उत्पाद इम्यूनिटी बढ़ाने, श्वसन स्वास्थ्य सुधारने और सामान्य कमजोरी दूर करने में सहायक माना जाता है, जैसा कि च्यवनप्राश जैसे पारंपरिक अवलेहों में होता है। छत्तीसगढ़ सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने पहले भी दुर्ग जिले में आधुनिक आयुर्वेदिक प्रोसेसिंग यूनिट और वेयरहाउस का उद्घाटन किया था, जिसे मध्य भारत की सबसे बड़ी सुविधा बताया गया। राज्य को ‘हर्बल स्टेट’ और अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद केंद्र बनाने की दिशा में यह लॉन्च महत्वपूर्ण है।
सीएम साय ने जोर दिया कि पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली हमारी सांस्कृतिक पहचान और जनसेवा की धरोहर है। राज्य में आदिवासी परंपरागत स्वास्थ्य प्रथाओं को संरक्षित करने के लिए बोर्ड गठित किए गए हैं, और किसानों को औषधीय पौधे उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ‘आरोग्य अमृत अवलेह’ जैसे उत्पाद स्थानीय संग्राहकों, किसानों और छोटे उद्यमियों को लाभ पहुंचाएंगे, क्योंकि इसमें राज्य की वन संपदा का उपयोग होगा।
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इससे तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनवासियों की आय में वृद्धि होगी।यह पहल छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य और आर्थिक विकास के नए आयाम दे रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य आयुर्वेद को मुख्यधारा में लाकर आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़ रहा है। जनता से अपील की गई है कि ऐसे प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग बढ़ाकर स्वास्थ्य और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएं।



